फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Wedding of 101 girls at Indira Bhawan

इंदिरा भवन में हुआ 101 कन्याओं का विवाह

Sun, 11 Feb 2018 12:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Sun, 11 Feb 2018 12:17 AM IST
विज्ञापन
Wedding of 101 girls at Indira Bhawan
इंदिरा बाल भवन में सामूहिक विवाह के दौरान हवन में आहुति देते दूल्हा-दुल्हन। - फोटो : इंदिरा बाल भवन में सामूहिक विवाह के दौरान हवन में आहुति देते दूल्हा-दुल्हन।
 बिजनौर िले के इतिहास में सामूहिक विवाह के भव्य कार्यक्रम का एक और अध्याय जुड़ गया है। बाजे गाजे व ढोल नगाड़ों की थाप के बीच इंदिरा बाल भवन के सुसज्जित पंडाल में 101 युगल दांपत्य बंधन में बंध गए। शहनाई बजी। पुष्प वर्षा के बीच नव दंपतियों को सांसद, विधायक, अधिकारियों ने आशीर्वाद दिया। घराती की भूमिका निभा रहे प्रशासन ने वर तथा कन्या की अगवानी करते हुए उपहार दिए। अतिथियों ने सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सीएम की अभिनव सोच का प्रमाण बताया।
विज्ञापन

सामूहिक विवाह योजना सीएम की महत्वाकांक्षी योजना है। शनिवार को प्रशासन ने इंदिरा बाल भवन के सुसज्जित पंडाल में सीएम की कल्पना को मुहूर्त रूप दे दिया। इंदिरा बाल भवन को रंगोली व फूलों से सजाया गया था। समारोह में दूल्हा व दुल्हन आकर्षण का केंद्र बने थे। हिंदू व मुस्लिम जोड़ों की शादी के अलग-अलग पंडाल बनाए गए थे। पंडित ललित शर्मा ने शंखनाद करके सामूहिक विवाह कार्यक्रम का शुभारंभ किया। गायत्री परिवार के सोमेश्वर दत्त पंकज, रामनरेश जी, हुकुम सिंह शास्त्री ने 25 वेदियों पर 84 जोड़ों को वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विवाह के पवित्र बंधन में बांधा। वहीं शहर काजी माजिद साहब व नगीना के शहर काजी ने संयुक्त रूप से 17 मुस्लिम जोड़ों की इस्लामिक रीति से निकाह कराया। परिजनों ने अलग-अलग सामर्थ्य के अनुसार मेहर की रकम का एलान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद यशवंत सिंह ने कहा कि यह कार्यक्रम जाति ,धर्म से ऊपर उठकर समभाव दर्शाने वाला कार्यक्रम है। अध्यक्षता कर रहे सांसद भारतेंद्र सिंह ने नवविवाहित युगल के सुखी जीवन की कामना करते हुए कहा कि सभी धर्म प्रेम की पाठशाला है। जिसकी झलक कार्यक्रम में दिखाई दे रही है। डीएम अटल कुमार राय ने कार्यक्रम की सफलता का श्रेय सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी व उनकी टीम को दिया।  विधायक सुचि चौधरी, लोकेंद्र चौहान, कमलेश सैनी, भाजापा जिलाध्यक्ष राजीव सिसौदिया, एसपी प्रभाकर चौधरी, एडीएम वित्त सुरेंद्र राम मौजूद रहे। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी ने संचालन किया।
विज्ञापन


कन्या के खाते में भेजे गए रुपये
बिजनौर । सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा था। लोग काफी संख्या में इस अनूठे कार्यक्रम को देखने आए। शहर के कई लोगों ने भी उपहार दिए। शासन की ओर से नव दंपति को जेवर सहित दैनिक उपभोग का जरूरी सामान दिया गया। कन्या के खाते में 20-20 हजार रुपये भेजे गए। सीडीओ इंद्रमणि त्रिपाठी की पत्नी वत्सला त्रिपाठी समेत कई अधिकारियों की पत्नी ने नवयुगल को उपहार दिए। ग्राम पंचायत तिमरपुर की प्रधान संजू रानी समेत कई ग्राम पंचायतों की प्रधान ने उपहार देने में सहभागिता बढ़ाई।
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वच्छता की दिलाई शपथ
बिजनौर। सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जहां नव युगल को धर्म ज्ञानियों ने जीवन पथ पर आगे बढ़ने के सूत्र बताए वही सामूहिक रूप से स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। वर से कहा गया कि वे कन्या के लिए घर में इज्जतघर बनवाएं। प्रशासन की ओर से हर युगल को जीवन की फल फूलता की पूर्णता को दर्शाता आम का एक पौधा भेंट किया गया है।
विवाह बंधन में बंधी कन्याओं ने प्रशासन को सराहा
बिजनौर। सामूहिक शादी से नवदंपति बेहद खुश थे। उनके परिजन प्रशासन की तारीफ करते नहीं थक रहे थे। कार्यक्रम को समाज के हित में अच्छा कदम बताया। फातमा, शमीमा परवीन, साइबा, शिखा, नीतू, अर्चना, मीना, सोनम, पूनम, रूपा, बबीता, किरन आदि का कहना था कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से गरीबों को फायदा होता है। आज के इस कार्यक्रम से फिजुलखर्ची रुकी है। इस प्रकार के कार्यक्रम जारी रहने चाहिए।
शादी का प्रमाण पत्र मिलेगा
बिजनौर। सामूहिक कार्यक्रम के वैवाहिक युगल को प्रशासन की ओर से शादी का प्रमाणपत्र मिलेगा। शादी एक अटूट बंधन है। डीएम ने कहा कि गरीब लोग पैसे की कमी से शादी में कर्जदार हो जाते थे। सीएम ने एक अच्छी पहल करके समाज को नया रास्ता दिखाने का काम किया है।


युवक ने विधवा से विवाह करके वाहवाह बटोरी
बिजनौर। गांव रायपुर सादात निवासी जयपाल सिंह की बेटी नीलम रानी की बेटी की शादी 2013 में हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद ही नीलम के पति की मौत हो गई थी। ग्राम विकास अधिकारी जितेंद्र कुमार ने जयपाल सिंह को बेटी की दोबारा शादी के लिए प्रेरित किया। उनके प्रयास से नीलम शनिवार को समरपाल के साथ विवाह बंधन में बंध गई। खास बात यह है कि यह समरपाल की पहली शादी है। नीलम को प्रशासन की ओर से 25 हजार रुपये नगद खाते में भेजे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed