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गंगा और मालन का जलस्तर घटा, उफनतीं लहरें हुईं शांत
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गंगा और मालन का जलस्तर घटा, उफनतीं लहरें हुईं शांत
मंडावर/बेगावाला। पहाड़ों पर बारिश रुकने से मैदान में भी गंगा की उफनती लहरें शांत हुई हैं। गंगा और मालन दोनों नदियों का जलस्तर कम हुआ। अभी कहीं पर दोनों नदी कटान भी नहीं कर रही हैं। जलस्तर कम होने और कटान न होने से गांव वालों ने राहत की सांस ली।
उत्तराखंड के पहाड़ों पर बरसने वाला पानी गंगा व मालन के जरिये जिले के खादर क्षेत्र में ही आता है। सालभर लगभग सूखी रहने वाली बरसाती नदी मालन भी उफनने लगती है। पहाड़ों पर बारिश से पिछले सप्ताह मालन व गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ चल रहा था। गंगा का जलस्तर बढ़कर करीब दो लाख क्यूसेक पहुंच गया था। मालन नदी का पानी तो गांव रावली की तरफ बने रपटे के डेढ़ से दो फीट ऊपर तक उतर रहा था, लेकिन शनिवार को दोनों नदियों का जलस्तर काफी कम हो गया। मालन नदी का पानी रपटे से नीचे बहने लगा। आसपास के गांवों के हजारों बीघा जंगल में भी दोनों नदियों का पानी भर गया था। यह पानी भी उतर गया है। अक्सर नदी का पानी जब उतरता है तो उस समय नदी की धारा सबसे ज्यादा तेज होती है और वह कटान करती है लेकिन फिलहाल कहीं भी दोनों नदी कटान नहीं कर रही हैं। किसान नरेश कुमार, राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस साल अब तक नदियों के कटान से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। गंगा पर तटबंध बनाकर किसानों को कटान से निजात दिलाई जानी चाहिए।
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मंडावर/बेगावाला। पहाड़ों पर बारिश रुकने से मैदान में भी गंगा की उफनती लहरें शांत हुई हैं। गंगा और मालन दोनों नदियों का जलस्तर कम हुआ। अभी कहीं पर दोनों नदी कटान भी नहीं कर रही हैं। जलस्तर कम होने और कटान न होने से गांव वालों ने राहत की सांस ली।
उत्तराखंड के पहाड़ों पर बरसने वाला पानी गंगा व मालन के जरिये जिले के खादर क्षेत्र में ही आता है। सालभर लगभग सूखी रहने वाली बरसाती नदी मालन भी उफनने लगती है। पहाड़ों पर बारिश से पिछले सप्ताह मालन व गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ चल रहा था। गंगा का जलस्तर बढ़कर करीब दो लाख क्यूसेक पहुंच गया था। मालन नदी का पानी तो गांव रावली की तरफ बने रपटे के डेढ़ से दो फीट ऊपर तक उतर रहा था, लेकिन शनिवार को दोनों नदियों का जलस्तर काफी कम हो गया। मालन नदी का पानी रपटे से नीचे बहने लगा। आसपास के गांवों के हजारों बीघा जंगल में भी दोनों नदियों का पानी भर गया था। यह पानी भी उतर गया है। अक्सर नदी का पानी जब उतरता है तो उस समय नदी की धारा सबसे ज्यादा तेज होती है और वह कटान करती है लेकिन फिलहाल कहीं भी दोनों नदी कटान नहीं कर रही हैं। किसान नरेश कुमार, राजेंद्र सिंह का कहना है कि इस साल अब तक नदियों के कटान से ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। गंगा पर तटबंध बनाकर किसानों को कटान से निजात दिलाई जानी चाहिए।
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