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यातायात के नियमों का उल्लंघन : नौ महीनों में 47 हजार चालान, डेढ़ करोड़ जुर्माना
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यातायात के नियमों का उल्लंघन : नौ महीनों में 47 हजार चालान, डेढ़ करोड़ जुर्माना
बिजनौर। जिले के लोगों को जुर्माना देना मंजूर है, लेकिन यातायात के नियमों का पालन नहीं करेंगे। इसी फेर में लोगों ने एक करोड़ साठ लाख का जुर्माना भर दिया। दरअसल, इस साल अब तक 47 हजार से अधिक लोगों को चालान काटे गए हैं। जिससे यातायात के नियमों को लेकर लापरवाही बरतने की तस्वीर साफ हो गई है।
साल में कई बार यातायात जागरूकता सप्ताह के तहत सुरक्षित ड्राइविंग और नियमों के पालन की हिदायत दी जाती है। साल दर साल जागरूकता कार्यक्रम चलते हैं, लेकिन लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। बता दें कि पुलिस की सख्ती के बावजूद भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आते। इस साल सितंबर महीने तक 47 हजार 253 लोगों के चालान काटे गए। जिन्होंने एक करोड़ साठ लाख साठ हजार रुपये जुर्माना भरा है। भारी भरकम रकम लोगों ने सिर्फ लापरवाही में ही भर दी। सितंबर महीने में 2978 लोगों के चालान काटे गए।
सितंबर में चालान पर नजर
चालान की वजह चालान संख्या
सीट बेल्ट 529
हेलमेट 1453
तीन सवारी 150
मोबाइल 26
शोपीस बनकर रह गए 35 ब्रेथलाइजर
नशे में वाहन चलाने वालों का चालान हो जाए तो सबसे ज्यादा जुर्माना यानि दस हजार रुपये भरने पड़ते हैं, लेकिन साल भर में एक भी शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्ति का चालान नहीं हुआ। नशे में वाहन चलाने वालों को पकड़ने के लिए जिले की पुलिस के पास 35 ब्रेथलाइजर (एल्कोहल टेस्ट मशीन) हैं। जिनमें 24 थाना पुलिस के पास हैं। बाकी यातायात पुलिस के पास जोकि, शोपीस बनकर रह गई हैं।
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चालान का मकसद सजा नहीं है, बल्कि जागरूकता लाना है। लोगों में जागरूकता भी आ रही है और चालान काटते समय लोगों को दोबारा गलती न करने की हिदायत भी दी जाती है। ब्रेथलाइजर का उपयोग भी किया जा रहा है - कुलदीप गुप्ता, सीओ सिटी।
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बिजनौर। जिले के लोगों को जुर्माना देना मंजूर है, लेकिन यातायात के नियमों का पालन नहीं करेंगे। इसी फेर में लोगों ने एक करोड़ साठ लाख का जुर्माना भर दिया। दरअसल, इस साल अब तक 47 हजार से अधिक लोगों को चालान काटे गए हैं। जिससे यातायात के नियमों को लेकर लापरवाही बरतने की तस्वीर साफ हो गई है।
साल में कई बार यातायात जागरूकता सप्ताह के तहत सुरक्षित ड्राइविंग और नियमों के पालन की हिदायत दी जाती है। साल दर साल जागरूकता कार्यक्रम चलते हैं, लेकिन लोग सुधरने को तैयार नहीं हैं। बता दें कि पुलिस की सख्ती के बावजूद भी वाहन चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आते। इस साल सितंबर महीने तक 47 हजार 253 लोगों के चालान काटे गए। जिन्होंने एक करोड़ साठ लाख साठ हजार रुपये जुर्माना भरा है। भारी भरकम रकम लोगों ने सिर्फ लापरवाही में ही भर दी। सितंबर महीने में 2978 लोगों के चालान काटे गए।
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सितंबर में चालान पर नजर
चालान की वजह चालान संख्या
सीट बेल्ट 529
हेलमेट 1453
तीन सवारी 150
मोबाइल 26
शोपीस बनकर रह गए 35 ब्रेथलाइजर
नशे में वाहन चलाने वालों का चालान हो जाए तो सबसे ज्यादा जुर्माना यानि दस हजार रुपये भरने पड़ते हैं, लेकिन साल भर में एक भी शराब पीकर वाहन चलाने वाले व्यक्ति का चालान नहीं हुआ। नशे में वाहन चलाने वालों को पकड़ने के लिए जिले की पुलिस के पास 35 ब्रेथलाइजर (एल्कोहल टेस्ट मशीन) हैं। जिनमें 24 थाना पुलिस के पास हैं। बाकी यातायात पुलिस के पास जोकि, शोपीस बनकर रह गई हैं।
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चालान का मकसद सजा नहीं है, बल्कि जागरूकता लाना है। लोगों में जागरूकता भी आ रही है और चालान काटते समय लोगों को दोबारा गलती न करने की हिदायत भी दी जाती है। ब्रेथलाइजर का उपयोग भी किया जा रहा है - कुलदीप गुप्ता, सीओ सिटी।