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Bijnor News: फाइलों के जाल में उलझ गए 40 करोड़ के विकास प्रस्ताव
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अचल चौधरी
बिजनौर। भले ही क्षेत्र पंचायत समिति (ब्लॉक) के प्रमुखों को प्रशासक बना दिया गया है, मगर अधिकारों की कटौती से लाचार हो गए हैं। दरअसल प्रशासक बनने के बाद से इन्हें प्रशासन से काम चालू करने की अनुमति लेनी पड़ रही है जो दो महीनों से फाइलों में फंसी है। सभी 11 ब्लॉक में करीब 40 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाने हैं।
जिले में 11 ब्लॉक हैं। इनके प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को खत्म हुआ। सरकार ने ग्राम प्रधानों की तरह ब्लॉक प्रमुखों भी क्षेत्र पंचायत समिति का प्रशासक बना दिया था। इन्हें प्रशासक बनने की उम्मीद पहले से ही थी, जिसके चलते मई और जून में ही क्षेत्र पंचायत समितियों ने अपनी अपनी कार्य योजना बनाकर पोर्टल पर फीड भी कर दी थी। हालांकि वेबसाइट के धीमा होने की वजह से कोतवाली ब्लॉक समेत अन्य ब्लॉक की कार्ययोजना फीड नहीं हो सकी थी।
उधर प्रशासक बनने के बाद विकास कार्य चालू करने की अनुमति के लिए नए प्रावधान तय कर गए। जिस कार्ययोजना को पहले ब्लॉक स्तर पर ही स्वीकृति दे दी जा रही थी, उसे प्रशासन के अधीन कर दिया गया। यानि ब्लॉक की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्य की योजना को स्वीकृति मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से करनी थी। कार्य योजना की फाइल बनाकर विकास भवन भेजी गई। मगर अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई हैं।
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कोतवाली ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत ने बताया कि कार्ययोजना पोर्टल पर फीड होने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है, अब विकास कार्य कराने की अनुमति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी करनी होगी। ऐसे में विकास कार्य में देरी हो रही है।
पहले कराए कार्यों का भी नहीं हो रहा भुगतान
नजीबाबाद ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने बताया कि उनके ब्लॉक की कार्य योजना स्वीकृत हो चुकी थी। मगर अब विकास कार्य चालू करने की अनुमति नहीं मिली है। कुछ काम प्रशासक बनने से पहले ही करा दिए गए थे, उनके भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में सभी सोमवार को प्रमुख सीडीओ और डीपीआरओ के साथ बैठक भी कर चुके हैं, जिसमें जल्द ही विकास कार्य चालू कराने का आश्वासन तो मिला है।
ब्लॉक से ये कराएं जाने हैं काम
-पानी निकासी के लिए नालों का निर्माण-सीसी रोड का निर्माण
-कच्चे रास्तों पर खड़ंजा निर्माण
-गोशाला में शेड और फर्श का निर्माण
-गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरों की खरीद
-यात्री शेड और पथ प्रकाश व्यवस्था आदि
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किस ब्लाॅक का कितना प्रस्ताव
कोतवाली ब्लॉक में 10 करोड़, नूरपुर में छह करोड़, नजीबाबाद में आठ करोड़, जलीलपुर में सात करोड़, हल्दौर में दो करोड़, आकू में दो करोड़, अल्हैपुर में दो करोड़, किरतपुर में 40 लाख, अफजलगढ़ में दो करोड़, बूढ़नपुर में करीब पांच करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं।
जिला पंचायतराज अधिकारी स्तर से इन फाइलों का परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में अनुमति के लिए फाइलें भेज दी जाएगी।-- रणविजय सिंह, सीडीओ बिजनौर
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बिजनौर। भले ही क्षेत्र पंचायत समिति (ब्लॉक) के प्रमुखों को प्रशासक बना दिया गया है, मगर अधिकारों की कटौती से लाचार हो गए हैं। दरअसल प्रशासक बनने के बाद से इन्हें प्रशासन से काम चालू करने की अनुमति लेनी पड़ रही है जो दो महीनों से फाइलों में फंसी है। सभी 11 ब्लॉक में करीब 40 करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाने हैं।
जिले में 11 ब्लॉक हैं। इनके प्रमुखों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को खत्म हुआ। सरकार ने ग्राम प्रधानों की तरह ब्लॉक प्रमुखों भी क्षेत्र पंचायत समिति का प्रशासक बना दिया था। इन्हें प्रशासक बनने की उम्मीद पहले से ही थी, जिसके चलते मई और जून में ही क्षेत्र पंचायत समितियों ने अपनी अपनी कार्य योजना बनाकर पोर्टल पर फीड भी कर दी थी। हालांकि वेबसाइट के धीमा होने की वजह से कोतवाली ब्लॉक समेत अन्य ब्लॉक की कार्ययोजना फीड नहीं हो सकी थी।
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उधर प्रशासक बनने के बाद विकास कार्य चालू करने की अनुमति के लिए नए प्रावधान तय कर गए। जिस कार्ययोजना को पहले ब्लॉक स्तर पर ही स्वीकृति दे दी जा रही थी, उसे प्रशासन के अधीन कर दिया गया। यानि ब्लॉक की ओर से कराए जाने वाले विकास कार्य की योजना को स्वीकृति मुख्य विकास अधिकारी के स्तर से करनी थी। कार्य योजना की फाइल बनाकर विकास भवन भेजी गई। मगर अभी तक स्वीकृति नहीं मिल पाई हैं।
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कोतवाली ब्लॉक प्रमुख तृप्ति राजपूत ने बताया कि कार्ययोजना पोर्टल पर फीड होने की अंतिम तारीख 15 सितंबर है, अब विकास कार्य कराने की अनुमति मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया भी करनी होगी। ऐसे में विकास कार्य में देरी हो रही है।
पहले कराए कार्यों का भी नहीं हो रहा भुगतान
नजीबाबाद ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने बताया कि उनके ब्लॉक की कार्य योजना स्वीकृत हो चुकी थी। मगर अब विकास कार्य चालू करने की अनुमति नहीं मिली है। कुछ काम प्रशासक बनने से पहले ही करा दिए गए थे, उनके भुगतान नहीं हो पा रहे हैं। इस संबंध में सभी सोमवार को प्रमुख सीडीओ और डीपीआरओ के साथ बैठक भी कर चुके हैं, जिसमें जल्द ही विकास कार्य चालू कराने का आश्वासन तो मिला है।
ब्लॉक से ये कराएं जाने हैं काम
-पानी निकासी के लिए नालों का निर्माण-सीसी रोड का निर्माण
-कच्चे रास्तों पर खड़ंजा निर्माण
-गोशाला में शेड और फर्श का निर्माण
-गुलदार पकड़ने के लिए पिंजरों की खरीद
-यात्री शेड और पथ प्रकाश व्यवस्था आदि
किस ब्लाॅक का कितना प्रस्ताव
कोतवाली ब्लॉक में 10 करोड़, नूरपुर में छह करोड़, नजीबाबाद में आठ करोड़, जलीलपुर में सात करोड़, हल्दौर में दो करोड़, आकू में दो करोड़, अल्हैपुर में दो करोड़, किरतपुर में 40 लाख, अफजलगढ़ में दो करोड़, बूढ़नपुर में करीब पांच करोड़ की लागत से विकास कार्य कराए जाने प्रस्तावित हैं।
जिला पंचायतराज अधिकारी स्तर से इन फाइलों का परीक्षण कराया जा रहा है। परीक्षण के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में अनुमति के लिए फाइलें भेज दी जाएगी।