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Bijnor News: बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान, पकड़वाने की मांग
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मंडावली/नजीबाबाद। क्षेत्र में बंदरों के आतंक से ग्रामीण परेशान हैं। बंदर खाने-पीने के सामान को तो नुकसान पहुंचा ही रहे हैं साथ ही लोगों पर हमलाकर उन्हें घायल भी कर रहे हैं।
गांव मंडावली, औरंगपुरबसंता, सैफाबाद, मोहनपुर, राहतपुर खुर्द, करौली, हसनपुर, मुस्सेपुर आदि गांव में बंदरों का आतंक फैला है। दो दिन पहले बंदरों ने हमला कर प्राथमिक विद्यालय राहतपुर खुर्द में अध्ययनरत दस वर्षीय अर्पिता को घायल किया था। गांव मोहनपुर में विशाल के चार वर्षीय पुत्र दिशांत की करीब छह माह पूर्व बंदर के काटने के बाद रैबीज होने से मृत्यु हुई थी। एक माह पूर्व मंडावली निवासी महिला धर्मावती को बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया था। मोहनपुर निवासी बबली, राहतपुर खुर्द निवासी सुदेशना बंदरों के हमले में छत से गिरकर घायल हो गई थी।
ग्रामीण भूपेंद्र चौहान ने बताया कि पहले बंदर लाठी-डंडा दिखाने से भाग जाते थे। लेकिन अब बंदर अचानक किसी पर भी हमला बोल देते हैं। कई बार प्रशासन से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि बंदर खाने-पीने के चीजों को ही नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं बल्कि छत पर रखे कपड़े, सामान आदि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी बंदरों को पकड़वाकर वन क्षेत्र में छुड़वाएं।
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गांव मंडावली, औरंगपुरबसंता, सैफाबाद, मोहनपुर, राहतपुर खुर्द, करौली, हसनपुर, मुस्सेपुर आदि गांव में बंदरों का आतंक फैला है। दो दिन पहले बंदरों ने हमला कर प्राथमिक विद्यालय राहतपुर खुर्द में अध्ययनरत दस वर्षीय अर्पिता को घायल किया था। गांव मोहनपुर में विशाल के चार वर्षीय पुत्र दिशांत की करीब छह माह पूर्व बंदर के काटने के बाद रैबीज होने से मृत्यु हुई थी। एक माह पूर्व मंडावली निवासी महिला धर्मावती को बंदरों ने हमला कर घायल कर दिया था। मोहनपुर निवासी बबली, राहतपुर खुर्द निवासी सुदेशना बंदरों के हमले में छत से गिरकर घायल हो गई थी।
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ग्रामीण भूपेंद्र चौहान ने बताया कि पहले बंदर लाठी-डंडा दिखाने से भाग जाते थे। लेकिन अब बंदर अचानक किसी पर भी हमला बोल देते हैं। कई बार प्रशासन से बंदरों से निजात दिलाने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
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ग्रामीण अमित कुमार ने बताया कि बंदर खाने-पीने के चीजों को ही नुकसान नहीं पहुंचा रहे हैं बल्कि छत पर रखे कपड़े, सामान आदि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। जिम्मेदार अधिकारी बंदरों को पकड़वाकर वन क्षेत्र में छुड़वाएं।