शेरकोट। उमरपुर आशा के प्राथमिक स्कूल परिसर में स्थित प्राचीन चामुंडा मठ के जीर्णोद्धार कार्य को लेकर उठे विवाद के बीच ग्रामीणों ने अपना पक्ष रखा। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षकों से सहमति बन गई थी। निर्माण कार्य से किसी प्रकार की कोई आपत्ति नहीं है। यह स्थल क्षेत्र की आस्था का केंद्र है, जहां गांव के सभी लोग सुख-समृद्धि को पूजा-अर्चना के लिए आते हैं।
चामुंडा स्थल समिति के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह एक प्राचीन मठ है। यहां प्रतिवर्ष भाद्रपद माह में पशुओं की सुरक्षा,क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना को लेकर पारंपरिक ‘जग’ का आयोजन किया जाता है। मठ अत्यधिक जर्जर हो चुका है। जिसके चलते जन हित में केवल उसका जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। बताया कि निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व विद्यालय के शिक्षकों को अवगत करा दिया था। शिक्षकों की सहमति के बाद ही बृहस्पतिवार को निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया। उधर विद्यालय के इंचार्ज प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार को वह प्रशिक्षण कार्यक्रम में थे। उनकी अनुपस्थिति में सहायक अध्यापक दुष्यंत कुमार कार्यभार देख रहे थे। शिक्षक दुष्यंत कुमार ने बीईओ अमरेश कुमारी को विद्यालय परिसर में मठ विस्तारीकरण के बारे में जानकारी देकर अवगत कराया था। उधर एसडीएम नितिन कुमार का कहना है कि नायब तहसीलदार राजकमल को मामले की जांच सौंपी गई है।