फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Vehicles are changing their chassis number

चेसिस नंबर बदलकर खूब फर्राटा भर रहे वाहन

Sat, 20 Feb 2021 12:23 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 20 Feb 2021 12:23 AM IST
विज्ञापन
Vehicles are changing their chassis number
चेसिस नंबर बदलकर खूब फर्राटा भर रहे वाहन
विज्ञापन

बिजनौर। जनपद में चेसिस नंबर बदलकर वाहनों को खूब दौड़ाया जा रहा है। इनमें भारी वाहनों की संख्या सर्वाधिक है। पिछले दो माह में ऐसे लगभग एक दर्जन से अधिक वाहनों को कटान के लिए चिह्नित करते हुए वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। पिछले दो माह में फिटनेस के लिए एआरटीओ कार्यालय में आए ये वाहन पकड़ में आए हैं। इन्हीं में शामिल एक बस पर तो दो चेसिस नंबर मिले। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय बिजनौर में लगभग छह लाख 43 हजार 656 वाहन पंजीकृत हैं। इनमें से पांच लाख 44 हजार 74 दोपहिया वाहन शामिल हैं, जबकि चार पहिया वाहनों की संख्या 33 हजार 612 है। जिले में इन दिनों वाहनों के चेसिस नंबर बदलने का खेल जोरों पर चल रहा है। हर माह एआरटीओ कार्यालय में करीब 600 वाहन फिटनेस के लिए आते हैं। हाल ही में जनपद में वाहनों के चेसिस नंबर वेल्डिंग करके अन्य वाहनों में लगाकर काम में लेने अथवा अन्य प्रकार से दूसरे वाहनों के चेसिस नंबर लगे एक दर्जन से भी अधिक वाहन पकड़ में आए हैं। ये वही वाहन हैं, जो 15 साल पुराने हो चुके हैं और परिवहन विभाग ने इन्हें एक्सपायर कर दिया है। परिवहन विभाग के नियमानुसार इन वाहनों को चलाने से मना कर दिया गया है। लेकिन 15 साल पुराने ट्रक और बसों आदि वाहनों को फिर से सड़क पर चलाने के लिए चेसिस नंबर बदलकर चलाया जा रहा है।
विज्ञापन

ये है परिवहन विभाग का नियम
किसी वाहन की समय सीमा 15 साल पूरी नहीं होने खर्चा अधिक होने के कारण वह रोड पर चल नहीं पा रहा है। उस वाहन को कबाड़ की स्थिति में खड़े वाहन के चेसिस नंबर प्लेट काटकर 15 साल पुराने वाहन में लगाकर चलाने का एक नायाब तरीका माफिया ने निकाल लिया है। ऐसे 15 साल पुराने वाहनों में लगे चेसिस नंबर प्लेट को परिवहन विभाग के अधिकारी भी नहीं पहचान पाते। इसे लेकर बस माफिया ने रंग रोगन करके पूरी चेसिस नंबर प्लेट पर सर्जरी कर दी है। जनपद में एक बस पर तो दो चेसिस नंबर मिले। इन सभी वाहनों को कटान के लिए चिह्नित करते हुए वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए गए हैं। फर्जी चेसिस नंबर पर दौड़ाए जा रहे इन वाहनों का पता तब चला जब ये फिटनेस कराने एआरटीओ कार्यालय पहुंचे। कबाड़ गाड़ियों पर चेसिस नंबर बदलकर फिर से उन्हें चलाया जा रहा है। इन वाहनों को चलाने के लिए कुछ शरारती लोग ऐसा कर यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ चालकों ने बताया कि चेसिस नंबर बदलकर 15 साल पुराने वाहनों को पहचान करना आम आदमी तो दूर की बात है, परिवहन विभाग के लिए भी यह चुनौती भरा होता है। चेसिस नंबर प्लेट को बदलकर रंग-रोगन कर ऐसी सर्जरी कर देते हैं कि विभागीय अधिकारी भी पहचान न कर पाएं।
विज्ञापन
विज्ञापन

-----------कोट
चेसिस नंबर परमिशन लेकर बदला जा सकता है, जिसके लिए वाहन स्वामी को प्रार्थना पत्र देकर उसका कारण अंकित करना होता है। यदि ऐसा किए बिना किसी ने चेसिस नंबर बदला है, तो यह नियम विरुद्घ है। उन्होंने बताया कि आठ सीटर व्यक्तिगत और सभी प्रकार के व्यावसायिक वाहनों की एक साल के लिए एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस होती है। बिना अनुमति के चेसिस नंबर बदलकर वाहनों का संचालन करना यातायात नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। इसके अलावा अन्य प्रकार वाहनों का 15 साल के बाद पुन: पंजीकरण होता है - शिव शंकर सिंह, एआरटीओ प्रशासन बिजनौर।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed