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Uttarakhand Disaster: चमोली में ग्लेश्यिर फटने के बाद यूपी में हाई अलर्ट, गंगा के तटवर्ती क्षेत्र खाली कराने के आदेश

Sun, 07 Feb 2021 01:44 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: Dimple Sirohi Updated Sun, 07 Feb 2021 01:44 PM IST
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Uttarakhand Disaster: High alert in UP after glacier burst in Chamoli, orders to evacuate coastal village of Ganga
चमोली में आपदा - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड के चमोली जिले के रैनी में ग्लेशियर फटने से आपदा आ गई है। ग्लेशियर फटने से धौली नदी में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। वहीं उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। गंगा के तटवर्ती इलाकों में लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। 

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चमौली उत्तराखंड में ग्लेशियर फटने के बाद यूपी में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है। बिजनौर जनपद की सोशल मीडिया सेल द्वारा गंगा नदी में बाढ़ आने की संभावना जताई है। निर्देश जारी करते हुए कहा कि गंगा नदी के आस-पास ग्रामीणों को सूचित किया जाता है कि नदी के किनारे न जाएं और सतर्कता बरतें।
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ग्लेशियर फटने के बाद बिजनौर प्रशसन सतर्क हो गया है। खासतौर पर गंगा के आसपास के इलाकों में रह रहे लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है। लोगों को नदियों से दूर रहने की सलाह दी गई है। 

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प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तराखंड की घटना के बाद गंगा किनारे बसे जनपदों के डीएम और एसएसपी को पूरी सतर्कता बरतने और अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड की घटना की जानकारी मिलने पर मुजफ्फरनगर जनपद में भी हाई अलर्ट कर दिया गया है। गंगा किनारे बसे गांव में निगरानी रखी जा रही है। एडीएम आलोक कुमार ने बताया कि शासन के दिशा निर्देश अनुसार जिला प्रशासन पूरी तरह हाई अलर्ट मोड पर है।

गंगा खादर क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। एसडीएम को हालात पर निगरानी रखने को कहा गया है। गंगा में आ रहे पानी के स्तर की जानकारी ली जा रही है। जरूरत पड़ी तो गंगा किनारे के गांव को खाली कराया जाएगा, इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। गंगा खादर क्षेत्र के ग्रामों में राजस्व अधिकारियों को स्थिति की जानकारी लेने भेज दिया गया है।

उधर, मेरठ के हस्तिनापुर खादर क्षेत्र में दस करोड़ की परियोजना से गंगा के तटबंध पर चल रहे काम को रोक दिया गया है। गंगा के तटबंध पर काम कर रहे सैकड़ों लोगों और मशीनों को गंगा से बाहर निकाला जा रहा है, ताकि जलस्तर बढ़ने पर होने वाले नुकसान को सुरक्षित बचा जा सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने खादर क्षेत्र के लोगों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं और गंगा किनारे पर रहने वाले घरों और पशुओं को दूर सुरक्षित स्थान पर जाने की बात कही है। वहीं तहसील पर आपातकालीन बैठक बुलाई गई है।

चमोली में हुई तबाही के बाद डीएम मेरठ के. बालाजी पूरे अमले के साथ मवाना तहसील पहुंचे। मवाना तहसील के खादर क्षेत्र के गांव में अलर्ट जारी कराया। डीएम ने खुद मोर्चा संभाला है। क्षेत्र की जनता को चौकन्ना किया गया है। हर तरह की मुसीबत से निबटने की की पूरी तैयारी है।

उत्तराखंड के चमोली में आपदा से वैज्ञानिक भी हैरान हैं। जिले में बाढ़ आने से ऋषि गंगा और तपोवन हाइड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं। कई लोगों के मलबे में दबने की सूचना है। वहीं, वैज्ञानिकों का कहना है कि ठंड में इस तरह की घटना होना हैरतअंगेज है। 

वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन ज्योलॉजी के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार का दावा है कि पहली बार कोई ग्लेशियर ठंड में टूटा है। यह हैरतअंगेज है। हालांकि अभी ग्लेशियर फटने की सही वजह स्पष्ट नहीं है। लेकिन हो सकता है कि जमीन के नीचे कटाव के कारण ऐसा हुआ हो।

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