UP: कोरोना का पढ़ाई पर दुष्प्रभाव, शासन ने तलब की रिपोर्ट, इस योजना से लाभान्वित हो रहे 15000 विद्यार्थी
Bijnor News : कोरोना का पढ़ाई पर दो साल तक दुष्प्रभाव रहा। अब शासन ने रिपोर्ट तलब की है। वहीं शासन की इस योजना से जिले के 15000 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं।
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शासन ने पढ़ाई लिखाई में कमजोर विद्यार्थियों के लिए उपचारात्मक शिक्षा व्यवस्था शुरू की है। योजना राजकीय इंटर कॉलेजों में कक्षा नौ से 12 तक लागू हुई है। हर कक्षा का विषयवार स्पेशल टाइम टेबल बनाकर पढ़ाया जा रहा है। योजना में बिजनौर जिले के करीब 15000 छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो रहे हैं।
करीब दो साल तक कोरोना का असर रहा। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई प्रभावित हुई। शासन ने कोरोना से पढ़ाई पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की रिपोर्ट तलब की। इसके बाद पढ़ाई-लिखाई में पिछड़े विद्यार्थियों को अपग्रेड करने के लिए उपचारात्मक शिक्षा शुरू की गई है।
उपचारात्मक शिक्षा की शुरुआत राजकीय इंटर कॉलेजों से की गई है। योजना में कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। शासन से इन विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए माड्यूल जारी किया है। शिक्षकों को माड्यूल के अनुसार पढ़ाना है।
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उपचारात्मक शिक्षा में हर कक्षा का विषयवार स्पेशल टाइम टेबल बनाया गया है। जिले में 35 राजकीय इंटर/ हाईस्कूल कॉलेज है। जिनमें कक्षा नौ से 12 तक करीब 15000 छात्र-छात्राएं पढ़ रहे हैं।
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डीआईओएस कार्यालय के अनुसार उपचारात्मक शिक्षा का आंकलन करने और विद्यार्थियों का ज्ञान स्तर मापने के लिए तीन टेस्ट की व्यवस्था है। बोर्ड परीक्षा सहप्रभारी अननंशु माहेश्वरी के अनुसार प्री टेस्ट हो गया है। विद्यार्थियों की जो कमी सामने आई है, उन्हें दूर किया जा रहा है। मिड टेस्ट 15 दिसंबर से पहले होगा। इसके बाद तीसरा व फाइनल टेस्ट होगा। डीआईओएस रामाज्ञा कुमार उपचारात्मक शिक्षा की प्रगति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं।