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Bijnor News: नगीना रेंज में पिंजरे में कैद हुए तीन गुलदार
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अफजलगढ़/ कासमपुर गढ़ी/ नगीना (बिजनौर)। नगीना वन रेंज के अगवानपुर, कादीपुर और कासमपुर गढ़ी-माधोवाला मार्ग तीन गुलदार पिंजरों में कैद हो गए। अगवानपुर के जंगल में कई दिनों से तीन गुलदार देखे जा रहे थे। यहां चार दिन पहले जबकि कादीपुर में 17 दिन पहले पिंजरा लगाया गया था। कासमपुर गढ़ी-माधोवाला मार्ग पर पोल्ट्री फार्म के पास तीन दिन पहले पिंजरा लगा था।
गुलदार ने कई बार बाइक सवारों पर भी हमले का प्रयास किया था। वन विभाग ने नायब सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था। मंगलवार रात किसी समय गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। उसने पिंजरे से निकलने के प्रयास में टकराकर मुंह को जख्मी कर लिया। सूचना पर वन दरोगा सत्यवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पिंजरे सहित गुलदार को पीलीडैम चौकी ले गए। वहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुलदार नर है तथा उसकी आयु करीब 9 से 10 वर्ष है।
उधर, ग्राम कादीपुर में 17 दिन पहले लगाए पिंजरे में भी मंगलवार रात पांच वर्षीय मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गई। उसे कृषि फार्म ले जाया गया। वन विभाग ने बीते नौ अगस्त को भानु प्रताप सिंह के भट्ठे के पास पिंजरा लगाया था। उसमें चार मुर्गियां रखी गईं थीं। वन विभाग की टीम में रेंजर प्रदीप कुमार शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा विशाल प्रताप, वन दरोगा लाल सिंह आदि शामिल रहे।
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उधर, गांव कासमपुरगढ़ी-माधोवाला मार्ग पर पोल्ट्री फार्म के पास तीन दिन पूर्व लगाए गए पिंजरे में भी गुलदार कैद हुआ है। गुलदार कई पशुओं व बकरी आदि को निशाना बना चुका था। वह राहगीरों पर भी हमलावर था। बुधवार सुबह गुलदार की गुर्राहट सुनकर ग्रामीणों ने वनकर्मियों को सूचना दी। नगीना रेंज के वन दरोगा गुलदार को पीली डैम चौकी ले गए। रेंजर ने बताया कि गुलदार नर है तथा उसकी आयु करीब 6 से 7 वर्ष के बीच है।
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गुलदार ने कई बार बाइक सवारों पर भी हमले का प्रयास किया था। वन विभाग ने नायब सिंह के खेत में पिंजरा लगाया था। मंगलवार रात किसी समय गुलदार पिंजरे में कैद हो गया। उसने पिंजरे से निकलने के प्रयास में टकराकर मुंह को जख्मी कर लिया। सूचना पर वन दरोगा सत्यवीर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पिंजरे सहित गुलदार को पीलीडैम चौकी ले गए। वहां उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। नगीना रेंजर प्रदीप शर्मा ने बताया कि गुलदार नर है तथा उसकी आयु करीब 9 से 10 वर्ष है।
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उधर, ग्राम कादीपुर में 17 दिन पहले लगाए पिंजरे में भी मंगलवार रात पांच वर्षीय मादा गुलदार पिंजरे में कैद हो गई। उसे कृषि फार्म ले जाया गया। वन विभाग ने बीते नौ अगस्त को भानु प्रताप सिंह के भट्ठे के पास पिंजरा लगाया था। उसमें चार मुर्गियां रखी गईं थीं। वन विभाग की टीम में रेंजर प्रदीप कुमार शर्मा, क्षेत्रीय वन अधिकारी धर्मेंद्र कुमार, वन दरोगा विशाल प्रताप, वन दरोगा लाल सिंह आदि शामिल रहे।
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उधर, गांव कासमपुरगढ़ी-माधोवाला मार्ग पर पोल्ट्री फार्म के पास तीन दिन पूर्व लगाए गए पिंजरे में भी गुलदार कैद हुआ है। गुलदार कई पशुओं व बकरी आदि को निशाना बना चुका था। वह राहगीरों पर भी हमलावर था। बुधवार सुबह गुलदार की गुर्राहट सुनकर ग्रामीणों ने वनकर्मियों को सूचना दी। नगीना रेंज के वन दरोगा गुलदार को पीली डैम चौकी ले गए। रेंजर ने बताया कि गुलदार नर है तथा उसकी आयु करीब 6 से 7 वर्ष के बीच है।