बेबसी: एंबुलेंस में तड़पता रहा युवक, ऑक्सीजन की कमी से दो ने तोड़ा दम, पढ़िए पूरी रिपोर्ट

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Sat, 24 Apr 2021 04:52 PM IST

सार

एक ओर कोरोना कहर बरपा रहा है तो दूसरी ओर ऑक्सीजन और इलाज की कमी से लोगों की जानें जा रही हैं।
एंबुलेंस में युवक ने तोड़ा दम।
एंबुलेंस में युवक ने तोड़ा दम। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

एक ओर कोरोना कहर बरपा रहा है तो दूसरी ओर ऑक्सीजन और इलाज की कमी से लोगों की जानें जा रही हैं। बिजनौर में किरतपुर के एक कोरोना पीड़ित मरीज को परिजन एंबुलेंस से मेरठ ले जा रहे थे। रास्ते में एंबुलेंस की ऑक्सीजन खत्म होने से उसकी मौत हो गई। नजीबाबाद के मोहल्ला सेवाराम निवासी युवक को मेरठ के अस्पताल में भर्ती नहीं किया गया। मरीज को सांस लेने में दिक्कत थी, लेकिन उसे ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई। अस्पताल के बाहर ही उसने तड़प तड़पकर दम तोड़ दिया। वहीं, धामपुर में एक बेटे ने कोरोना संक्रमित मां के इलाज के लिए धामपुर से ऋषिकेश तक दौड़ लगाई। लेकिन बेड नहीं मिला। बाद में वृद्धा को कनखल के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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किरतपुर के मोहल्ला चौहनान निवासी अजीत चौधरी के छोटे पुत्र चितरंजन चौधरी उर्फ चिंटू चौधरी (44 वर्ष) की पांच दिन पहले तबीयत खराब हुई थी। बुखार और सांस में उन्हें तकलीफ होने के कारण स्थानीय निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि उनकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई थी। शुक्रवार को तबीयत अधिक बिगड़ने पर उन्हें एंबुलेंस से मेरठ ले जाया जा रहा था। रास्ते में एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म हो गई। काफी देर तड़पने के बाद चितरंजन ने दम तोड़ दिया।


वहीं, नजीबाबाद के मोहल्ला सेवाराम निवासी पावेल (38 वर्ष) नगर की एक गैस एजेंसी पर काम करता था। कुछ दिनों से वह बुखार से पीड़ित था। गुरुवार को अचानक सांस लेने में परेशानी के बाद परिजन उसे एंबुलेंस से मेरठ ले गए। उनका कहना है कि मेरठ के अस्पतालों में उसे भर्ती नहीं किया गया। मरीज की हालत खराब होने के बावजूद उसे अस्पताल से ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं कराई गई। करीब एक घंटे अस्पताल के बाहर तड़पने के बाद पावेल ने दम तोड़ दिया।

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उधर, धामपुर की स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी विक्की शर्मा ने बताया कि उनके भाई की एक सप्ताह पहले कोरोना से मौत हो चुकी है। उनकी 75 वर्षीय मां सुशीला और दो और सदस्य भी कोरोना संक्रमित हैं। तबीयत बिगड़ने पर वह अपनी मां को लेकर धामपुर के डॉक्टरों के पास गए, लेकिन कहीं इलाज नहीं मिला। वहां कोविड के इलाज की सुविधा और बेड खाली न होने का हवाला देते हुए मना कर दिया गया। किसी तरह एक अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उसने भी शाम होने से पहले उन्हें घर भेज दिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें ऋषिकेश के अस्पताल ले गए, जहां पर उनकी हालत नाजुक बताकर भी भर्ती करने से इनकार कर दिया गया। जब कहीं इलाज नहीं मिला तो उन्हें कनखल के एक अस्पताल में भर्ती कराया है। इस मामले में सीएमओ डॉ. विजय कुमार यादव ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी। इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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