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दो दशक पहले तक खूब बहा स्वाहेड़ी में खून
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दो दशक पहले खूब बहा स्वाहेड़ी में खून
बिजनौर। बिजनौर से 10 किलोमीटर दूर बिजनौर-नजीबाबाद रोड पर स्थित स्वाहेड़ी में सन 2002 में मदन की हत्या की गई थी । ये हत्या गन्ना समिति के चुनाव को लेकर हुई थी। मदन को पास के गांव मोहल्ला में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिस की मौके पर ही मौत हो गई थी जिसमें स्वाहेड़ी का एक व्यक्ति जेल भी गया था, बाद में फैसला हो गया था। स्वाहेड़ी में सन 2002 से पूर्व लगभग 20 से 25 हत्याएं हो चुकी हैं। पिछले कई साल से गांव में शांति के लिए गांव के लोग मिलकर हवन यज्ञ करा रहे थे।
रविवार को स्वाहेड़ी में हुई हत्या की घटना ने 20 साल पूर्व हुई हत्याओं के जख्मों को ताजा कर दिया है। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। 2002 से पहले गांव में जरा सी बात को लेकर लोग आपस में तमंचे निकल आते थे। लोग एक-दूसरे की हत्या करने पर आमादा हो जाते थे। ग्रामीणों ने जब देखा की गांव का माहौल बिगड़ता जा रहा है। कब गांव में लोगों ने एक नई पहल शुरू की। गांव के लोग आर्य समाज से जुड़ने शुरू हुए उन्होंने गांव में हवन यज्ञ कराना शुरू किया। गांव में सन 1980 में सबसे पहले गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन श्री राम सिंह ने यज्ञ की शुरुआत की। यज्ञ में स्वामी अग्निवेश, स्वामी ओमवेश आदि महापुरुष आते हैं। धीरे-धीरे गांव के काफी लोग आर्य समाज से जुड़ गए। तब से गांव में कोई हत्या नहीं हुई। दुल्हैंडी में विनोद कुमार बिट्टू के घेर में हुए यज्ञ में मृतक देवेंद्र सिंह सपरिवार यज्ञमान बने थे।
हत्याकांड से परेशान हो उठे ग्रामीण
-आर्य समाज के प्रधान डॉ. विद्यासागर आर्य का कहना है कि गांव में हुई हत्या की वह निंदा करते हैं इससे गांव का माहौल खराब होता है। यज्ञ सुख शांति व आपसी भाईचारे के लिए किया जाता है, लड़ाई झगड़े के लिए नहीं। लड़ाई झगड़े से दोनों पक्षों का नुकसान होता है घर बर्बाद होता है। आर्य समाज लोगों को आपसी भाईचारे की सीख देता है।
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ग्रामीण कर रहे हत्या की निंदा
आर्य समाज से जुड़े राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू का कहना है कि शनिवार को गांव के जंगल में हुई हत्या की वह घोर निंदा करते हैं । उनका कहना है कि कातिलों को फांसी की सजा भी कम है। हत्या की जितनी निंदा की जाए कम है। हत्या से गांव का आर्य समाज व पूरा गांव अपमानित हुआ है । जब से आर्य समाज का यज्ञ शुरू हुआ है तब से गांव में कोई हत्या नहीं हुई।
देवेंद्र की मौत से गांव में दुख का माहौल
आर्य समाज से जुड़े चरण सिंह का कहना है कि शनिवार को गांव में हुई हत्या से गांव वाले दुखी हैं । गांव में हर वर्ष आर्य समाज द्वारा हवन यज्ञ किया जाता है। यज्ञ में प्रतिज्ञा ली जाती है कि आपस में सभी प्रेम पूर्वक रहे, किसी से झगड़ा फसाद न करें, गांव घर में शांति बनाए रखें। अब तक गांव वालों ने जो हवन यज्ञ किया है उस पर पानी फिरता नजर आ रहा है।
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बिजनौर। बिजनौर से 10 किलोमीटर दूर बिजनौर-नजीबाबाद रोड पर स्थित स्वाहेड़ी में सन 2002 में मदन की हत्या की गई थी । ये हत्या गन्ना समिति के चुनाव को लेकर हुई थी। मदन को पास के गांव मोहल्ला में ले जाकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिस की मौके पर ही मौत हो गई थी जिसमें स्वाहेड़ी का एक व्यक्ति जेल भी गया था, बाद में फैसला हो गया था। स्वाहेड़ी में सन 2002 से पूर्व लगभग 20 से 25 हत्याएं हो चुकी हैं। पिछले कई साल से गांव में शांति के लिए गांव के लोग मिलकर हवन यज्ञ करा रहे थे।
रविवार को स्वाहेड़ी में हुई हत्या की घटना ने 20 साल पूर्व हुई हत्याओं के जख्मों को ताजा कर दिया है। गांव के लोग इस घटना से स्तब्ध हैं। 2002 से पहले गांव में जरा सी बात को लेकर लोग आपस में तमंचे निकल आते थे। लोग एक-दूसरे की हत्या करने पर आमादा हो जाते थे। ग्रामीणों ने जब देखा की गांव का माहौल बिगड़ता जा रहा है। कब गांव में लोगों ने एक नई पहल शुरू की। गांव के लोग आर्य समाज से जुड़ने शुरू हुए उन्होंने गांव में हवन यज्ञ कराना शुरू किया। गांव में सन 1980 में सबसे पहले गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन श्री राम सिंह ने यज्ञ की शुरुआत की। यज्ञ में स्वामी अग्निवेश, स्वामी ओमवेश आदि महापुरुष आते हैं। धीरे-धीरे गांव के काफी लोग आर्य समाज से जुड़ गए। तब से गांव में कोई हत्या नहीं हुई। दुल्हैंडी में विनोद कुमार बिट्टू के घेर में हुए यज्ञ में मृतक देवेंद्र सिंह सपरिवार यज्ञमान बने थे।
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हत्याकांड से परेशान हो उठे ग्रामीण
-आर्य समाज के प्रधान डॉ. विद्यासागर आर्य का कहना है कि गांव में हुई हत्या की वह निंदा करते हैं इससे गांव का माहौल खराब होता है। यज्ञ सुख शांति व आपसी भाईचारे के लिए किया जाता है, लड़ाई झगड़े के लिए नहीं। लड़ाई झगड़े से दोनों पक्षों का नुकसान होता है घर बर्बाद होता है। आर्य समाज लोगों को आपसी भाईचारे की सीख देता है।
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ग्रामीण कर रहे हत्या की निंदा
आर्य समाज से जुड़े राष्ट्रीय किसान मजदूर पार्टी के जिला अध्यक्ष विनोद कुमार बिट्टू का कहना है कि शनिवार को गांव के जंगल में हुई हत्या की वह घोर निंदा करते हैं । उनका कहना है कि कातिलों को फांसी की सजा भी कम है। हत्या की जितनी निंदा की जाए कम है। हत्या से गांव का आर्य समाज व पूरा गांव अपमानित हुआ है । जब से आर्य समाज का यज्ञ शुरू हुआ है तब से गांव में कोई हत्या नहीं हुई।
देवेंद्र की मौत से गांव में दुख का माहौल
आर्य समाज से जुड़े चरण सिंह का कहना है कि शनिवार को गांव में हुई हत्या से गांव वाले दुखी हैं । गांव में हर वर्ष आर्य समाज द्वारा हवन यज्ञ किया जाता है। यज्ञ में प्रतिज्ञा ली जाती है कि आपस में सभी प्रेम पूर्वक रहे, किसी से झगड़ा फसाद न करें, गांव घर में शांति बनाए रखें। अब तक गांव वालों ने जो हवन यज्ञ किया है उस पर पानी फिरता नजर आ रहा है।