{"_id":"6a4962510774021064088779","slug":"two-cattle-died-in-nasirdiwala-cowshed-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-184136-2026-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: नसीरदीवाला गोशाला में दो गोवंश की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: नसीरदीवाला गोशाला में दो गोवंश की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शेरकोट। क्षेत्र के गांव नसीरदीवाला स्थित अस्थायी कृष्णा गोशाला में दो गोवंश की मौत के बाद व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने गोशाला में चारा, स्वच्छ पेयजल और देखभाल की पर्याप्त व्यवस्था न होने का आरोप लगाते हुए मामले की जांचकर कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्र के गांवों के महेश कुमार, दिनेश कुमार, अनिल कुमार, अशोक कुमार आदि का कहना है कि गोशाला में कई गोवंश कमजोर अवस्था में हैं। उनसे चला-फिरा भी नहीं जा रहा है। उन्हें पर्याप्त हरा-चारा व पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने गोवंशों की देखरेख में संचालकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसा होने से गोवंशों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। सतीश, श्याम सिंह, प्रमोद आदि ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की सहभागिता योजना के तहत गोवंश लेने के इच्छुक लोगों से कथित रूप से धनराशि की मांग की जाती है। गोवंशों के लिए मिलने वाली सुविधाओं का सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने गोशाला में तत्काल चारा, स्वच्छ पेयजल और पशु चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
उधर, कृष्णा गोशाला के प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को दो गोवंश की मृत्यु हुई थी। शनिवार को पशु चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया है। वहीं नायब तहसीलदार संजीव वाजपेयी का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएस कोहली का कहना है कि गोशालाओं में आश्रय लिए पशुओं की नियमित तौर पर परीक्षण कराया जा रहा है। अधिकांश पशुओं के अधिक बूढ़ा होने से दिक्कत आ रही है।
विज्ञापन
क्षेत्र के गांवों के महेश कुमार, दिनेश कुमार, अनिल कुमार, अशोक कुमार आदि का कहना है कि गोशाला में कई गोवंश कमजोर अवस्था में हैं। उनसे चला-फिरा भी नहीं जा रहा है। उन्हें पर्याप्त हरा-चारा व पानी भी नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने गोवंशों की देखरेख में संचालकों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। कहा कि ऐसा होने से गोवंशों की स्थिति लगातार खराब हो रही है। सतीश, श्याम सिंह, प्रमोद आदि ग्रामीणों का आरोप है कि शासन की सहभागिता योजना के तहत गोवंश लेने के इच्छुक लोगों से कथित रूप से धनराशि की मांग की जाती है। गोवंशों के लिए मिलने वाली सुविधाओं का सही ढंग से उपयोग नहीं किया जा रहा है। उन्होंने गोशाला में तत्काल चारा, स्वच्छ पेयजल और पशु चिकित्सा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है।
विज्ञापन
उधर, कृष्णा गोशाला के प्रबंधक राजेश कुमार ने बताया कि शुक्रवार को दो गोवंश की मृत्यु हुई थी। शनिवार को पशु चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उनका अंतिम संस्कार करा दिया गया है। वहीं नायब तहसीलदार संजीव वाजपेयी का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. पीएस कोहली का कहना है कि गोशालाओं में आश्रय लिए पशुओं की नियमित तौर पर परीक्षण कराया जा रहा है। अधिकांश पशुओं के अधिक बूढ़ा होने से दिक्कत आ रही है।