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Bijnor News: बिजनौर - ऑपरेशन कर किशोरी के पेट से निकाला ढाई किलो बाल का गुच्छा
Fri, 31 Mar 2023 12:39 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 31 Mar 2023 12:39 AM IST
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नोट: डिजिटल टीम द्वारा यह समाचार मांगा गया था, कृपया इसे अखबार के लिहाज से भी देख लें।-- --
- पेट में दर्द होने पर चिकित्सक ने कराया था सिटी स्कैन-ट्राइकोविजार बीमारी से ग्रसित से थी किशोरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में एक किशोरी के पेट से चिकित्सक ने ऑपरेशन कर ढाई किलो बाल का गुच्छा निकाला। जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। यह कोई आम बात नहीं, बल्कि एक मानसिक बीमारी ट्राइकोविजार से ग्रसित है। बीमारी से ग्रसित होने पर बच्ची पिछले आठ वर्षो से बाल खा रही थी। पेट में दर्द होने पर चिकित्सक ने सिटी स्कैन कराया। जिसके बाद चिकित्सकों को पूरे मामले की जानकारी हुई।
बिजनौर के मोहल्ला सब्जी मंडी निवासी 13 वर्षीय किशोरी को काफी समय से पेट में दर्द की दिक्कत थी। इसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक के मुताबिक किशोरी ने बताया कि कुछ भी खाने पर बच्ची के पेट में दर्द होता है। थोड़ा खाने पर ही उसका पेट भर जाता है। पेट में गाठ महसूस होती है। कुछ भी खाने पर उल्टी हो जाती थी। उम्र के हिसाब से किशोरी के शरीर का विकास नी नहीं हो रहा था। इसके बाद किशोरी का सिटी स्कैन कराया गया। सिटी स्कैन में पाया कि उसके पेट में ढाई किलो बाल का गुच्छा है। इसके बाद 28 मार्च को दोपहर में पेट का ऑपरेशन कर बाल का गुच्छा निकाला गया। यह ऑपरेशन करीब एक घंटे तक चला।
अपोषक और रॅपन्जेल सिंड्रोम से होती है ट्राइकोविजार बीमारी
ट्राइकोविजार एक मानसिक बीमारी है। यह बीमारी शरीर को सही पोषक तत्व नहीं मिल पाने और रपन्जेल सिंड्रोम की वजह से ट्राइकोविजार की बीमारी होती है। रपन्जेल सिंड्रोम को सिर के बाल ताेड़ने की तीव्र इच्छा के रूप में जाना जाता है। बाल का पेट में जाकर पाचन नहीं हो पाता है। जिसकी वजह से लंबे समय तक बाल खाने से पेट में बालों का गुच्छा बन जाता है।
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अब बेहतर है किशोरी की तबीयत: डॉ. प्रकाश कुमार
ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. प्रकाश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के बाद किशोरी की तबीयत ठीक है। पेट में दर्द होने की शिकायत लेकर आई थी। मगर जांच कराने पर पेट में बालों का गुच्छा मिला। इस किशोरी को ट्राइकोविजार की समस्या से पीड़ित थी।
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- पेट में दर्द होने पर चिकित्सक ने कराया था सिटी स्कैन-ट्राइकोविजार बीमारी से ग्रसित से थी किशोरी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। जिले में एक किशोरी के पेट से चिकित्सक ने ऑपरेशन कर ढाई किलो बाल का गुच्छा निकाला। जिसे देख हर कोई हैरान रह गया। यह कोई आम बात नहीं, बल्कि एक मानसिक बीमारी ट्राइकोविजार से ग्रसित है। बीमारी से ग्रसित होने पर बच्ची पिछले आठ वर्षो से बाल खा रही थी। पेट में दर्द होने पर चिकित्सक ने सिटी स्कैन कराया। जिसके बाद चिकित्सकों को पूरे मामले की जानकारी हुई।
बिजनौर के मोहल्ला सब्जी मंडी निवासी 13 वर्षीय किशोरी को काफी समय से पेट में दर्द की दिक्कत थी। इसके बाद परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए। चिकित्सक के मुताबिक किशोरी ने बताया कि कुछ भी खाने पर बच्ची के पेट में दर्द होता है। थोड़ा खाने पर ही उसका पेट भर जाता है। पेट में गाठ महसूस होती है। कुछ भी खाने पर उल्टी हो जाती थी। उम्र के हिसाब से किशोरी के शरीर का विकास नी नहीं हो रहा था। इसके बाद किशोरी का सिटी स्कैन कराया गया। सिटी स्कैन में पाया कि उसके पेट में ढाई किलो बाल का गुच्छा है। इसके बाद 28 मार्च को दोपहर में पेट का ऑपरेशन कर बाल का गुच्छा निकाला गया। यह ऑपरेशन करीब एक घंटे तक चला।
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अपोषक और रॅपन्जेल सिंड्रोम से होती है ट्राइकोविजार बीमारी
ट्राइकोविजार एक मानसिक बीमारी है। यह बीमारी शरीर को सही पोषक तत्व नहीं मिल पाने और रपन्जेल सिंड्रोम की वजह से ट्राइकोविजार की बीमारी होती है। रपन्जेल सिंड्रोम को सिर के बाल ताेड़ने की तीव्र इच्छा के रूप में जाना जाता है। बाल का पेट में जाकर पाचन नहीं हो पाता है। जिसकी वजह से लंबे समय तक बाल खाने से पेट में बालों का गुच्छा बन जाता है।
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अब बेहतर है किशोरी की तबीयत: डॉ. प्रकाश कुमार
ऑपरेशन करने वाले चिकित्सक डॉ. प्रकाश कुमार ने बताया कि ऑपरेशन के बाद किशोरी की तबीयत ठीक है। पेट में दर्द होने की शिकायत लेकर आई थी। मगर जांच कराने पर पेट में बालों का गुच्छा मिला। इस किशोरी को ट्राइकोविजार की समस्या से पीड़ित थी।