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गन्ने में लगने वाली बीमारी के बारे में बताया
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गन्ने में लगने वाली बीमारी के बारे में बताया
नगीना। द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के केन यार्ड में किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने में लगने वाली बीमारियों व उनसे बचाव आदि की जानकारी दी गई।
गोष्ठी में मिल के गन्ना प्रबंधक यशपाल सिंह ने किसानों को बताया कि वर्तमान में सर्वोत्तम गन्ना प्रजाति को 0-0238 में लाल सड़न (गन्ने का कैंसर) रोग की शुरुआत हो चुकी है। मिल क्षेत्र के कई ग्राम में कई गन्ने के खेतों में लाल सड़न (रेड रोट) रोग के प्रभाव से काफी खेतों में गन्ना सूख गया है। इससे गन्ना फसल को भारी क्षति हुई है। कहा की फसल चक्र में धान की फसल अवश्य लगाएं। मिल के महाप्रबंधक गन्ना प्रशासन रमेश परशुरामपुरिया ने किसानों को बताया कि लाल सड़न (रेड रोट) रोग से प्रभावित खेतों में को0- 0238 गन्ना प्रजाति की बुवाई न करें। उन्होंने किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई 15 से 31 मार्च के मध्य तक करने और गन्ना बुवाई से पूर्व खेतों की गहरी जुताई करने की सलाह दी गई। गोष्ठी में जयराम सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, पूरन सिंह, किरतपाल सिंह, नागेंद्र सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
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नगीना। द्वारिकेश चीनी मिल बुंदकी के केन यार्ड में किसान गोष्ठी में किसानों को गन्ने में लगने वाली बीमारियों व उनसे बचाव आदि की जानकारी दी गई।
गोष्ठी में मिल के गन्ना प्रबंधक यशपाल सिंह ने किसानों को बताया कि वर्तमान में सर्वोत्तम गन्ना प्रजाति को 0-0238 में लाल सड़न (गन्ने का कैंसर) रोग की शुरुआत हो चुकी है। मिल क्षेत्र के कई ग्राम में कई गन्ने के खेतों में लाल सड़न (रेड रोट) रोग के प्रभाव से काफी खेतों में गन्ना सूख गया है। इससे गन्ना फसल को भारी क्षति हुई है। कहा की फसल चक्र में धान की फसल अवश्य लगाएं। मिल के महाप्रबंधक गन्ना प्रशासन रमेश परशुरामपुरिया ने किसानों को बताया कि लाल सड़न (रेड रोट) रोग से प्रभावित खेतों में को0- 0238 गन्ना प्रजाति की बुवाई न करें। उन्होंने किसानों को बसंतकालीन गन्ना बुवाई 15 से 31 मार्च के मध्य तक करने और गन्ना बुवाई से पूर्व खेतों की गहरी जुताई करने की सलाह दी गई। गोष्ठी में जयराम सिंह, राजेंद्र सिंह, भूपेंद्र सिंह, पूरन सिंह, किरतपाल सिंह, नागेंद्र सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।