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तिलक लगाकर कन्याओं को भोजन कराया

Sun, 14 Apr 2019 12:04 AM IST
Deepak Sharma अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर
अमर उजाला ब्यूरो/बिजनौर Published by: Deepak Sharma Updated Sun, 14 Apr 2019 12:04 AM IST
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Tilak imposed daughters food
धामपुर में पूजन के बाद कन्याओं को जिमाती महिला श्रद्धालु। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर माता रानी के भक्तों ने कन्याओं  को जिमाकर व्रतों का पारायण किया। इससे पूर्व नगर के सिद्धपीठ मां कालिका एवं मां चामुंडा धाम सहित जिले भर के विभिन्न दुर्गा मंदिरों पर भक्तों की भारी भीड़ रही। देवी मैया के भक्तों ने अष्टमी पर देवी महागौरी की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने मंदिरों पर नारियल, चुनरी, हलवा, पूड़ी आदि प्रसाद चढ़ाकर माता महागौरी से परिवार में सुख-समृद्धि की कामना के लिए अशीर्वाद मांगा। मंदिरों में मेले जैसा दृश्य रहा। सुरक्षा व्यवस्था की दृष्टि से मंदिरों पर पुलिस बल तैनात रहा।
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शनिवार को चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर श्रद्धालुओं ने विधि विधान के साथ माता के आठवें रूप महागौरी की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। नगर के सिद्धपीठ महाशक्ति कालिका मंदिर एवं श्री चामुंडा धाम पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का आना जाना लगा रहा। भक्तों ने प्रसाद चढ़ाकर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर मंदिर परिसर में मेले का आयोजन किया गया।
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इसमें बच्चों ने चाट-पकौड़ी का जमकर आनंद लिया और खेल खिलौनों की खरीदारी की। इस दौरान भक्तों ने अपने घरों में माता के स्वरूप कन्याओं और लंगूर को भोजन कराकर परिवार की उन्नति एवं सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद लिया। मंदिरों और घरों में भक्तों ने दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा आदि का विधि विधान से पाठ कर माता रानी की महाआरती की। इस दौरान पंच द्रव्यों, विशिष्ट इत्रों से अभिषेक और श्रृंगार किया गया। अपने घरों में भक्तों ने नौ कन्याओं को देवी का स्वरूप मानकर चुन्नी धारण करवाकर उन्हें पूजा गया। साथ ही कन्याओं को हलवा, पूरी, चना, फल, उपहार और दक्षिणा आदि भेंट कर आदरपूर्वक विदा किया। इसके बाद भक्तों ने उपवास खोले।
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नजीबाबाद/हल्दौर में जय अंबे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी... आरती कर भक्तों ने मां दुर्गा को भोग लगाकर परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। देवी स्वरूप कन्याओं को भोजन कराया और तिलक कर उन्हें उपहार भेंट किए।
चैत्र नवरात्रों की अष्टमी और नवमी पर देवी भक्तों ने मां दुर्गा का विधिविधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं महिलाओं ने हलवा-पूरी का भोग तैयार कर हवन-पूजन, दुर्गा सप्तमी पाठ, दुर्गा चालीसा और मां जगदंबे की आरती कर भोग लगाया। देवी स्वरूप कन्याओं के चरण धोकर तिलक कर उनका सत्कार किया। भोजन कराकर और उन्हें उपहार देकर व्रत खोले। गायत्री शक्तिपीठ पर व्यवस्थापक डॉ. दीपक कुमार की देखरेख में नवरात्रों पर 100 परिवारों ने गायत्री यज्ञ में पूर्णाहुति दी। 108 कन्याओं का पूजन कर उन्हें भोज कराया। डॉ. दीपक कुमार ने कहा कि कन्या सुख सौभाग्य का सूचक है। बेटियों को संस्कारवान, शिक्षित और स्वावलंबी बनाना माता-पिता का पावन दायित्व है। इस अवसर पर जीएस पारिख, हरीश शर्मा, सरोज यादव, मनोहरी पारिख, सारिका अग्रवाल, सरला शर्मा, मधुबाला गुप्ता, ओमपाल सिंह, रीना, सविता, प्रदीप अग्रवाल, तेजबल त्यागी आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
उधर, मालन नदी स्थित प्राचीन मां काली शक्तिपीठ मंदिर, बूढ़े बाबा दोएज वाली स्थित प्राचीन दुर्गा मंदिर, टीला क्षेत्र स्थित दुर्गा मंदिर, शाहपुरा स्थित दुर्गा मंदिर, आदर्श नगर सीकेआई स्थित शिव शक्ति धाम मंदिर, मकबरा स्थित गीता भवन मंदिर, रमेशनगर स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर, भवन स्थित दुर्गा मंदिर, संतोमालन स्थित मां शीतला मंदिर, दीवान परमानंद स्थित राधा मंडल मंदिर पर मां दुर्गा की विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन-कीर्तन कर श्रद्धालुओं ने प्रसाद चढ़ाया। वहीं, राम नवमी पर श्रद्धालुओं ने भगवान राम की पूजा अर्चना कर उनके आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
वहीं, हल्दौर में चैत्र नवरात्र की अष्टमी व नवमी पर श्रद्धालुओं ने शनिवार की सुबह कन्याओं को जिमाकर अपना व्रत खोला। धूलिया महादेव मंदिर पर मेला लगा। सुबह से ही मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। इस मौके पर सुरेश कुमार,  डॉक्टर यश चंद्रा, राकेश रस्तोगी, प्रदीप रस्तोगी, मुकुल चौहान, सोनू शर्मा, कामेंद्र सिंह, मनु शर्मा, मुकेश शर्मा, जितेंद्र मारवाड़ी, हनी मौजूद रहे ।


धामपुर/अफजलगढ़/रेहड़ में चैत्र शुक्ल पक्ष की अष्टमी पर श्रद्धालुओं ने पूजन किया और देवी स्वरूप कन्याओं की पूजा कर उनको भोग लगाया। कन्याओं के चरण स्पर्श कर उनसे आशीर्वाद मांगा। धामपुर में मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पूजा की और फिर घर पहुंच कर देेवी स्वरूप कन्याओं को विभिन्न प्रकार के व्यंजनों से भोग लगवाया। बाद में श्रद्धालुओं ने नौ दिन तक रखे उपवास को तोड़ कर आहार ग्रहण किया। अफजलगढ़ में भी श्रद्धालुओं ने कन्याओं को जिमाकर व्रत खोला। नगर के शिव मंदिर व आलमपुर गांवड़ी में चामुंडा माता के मंदिर में चल रहे भजन कीर्तन में देश की खुशहाली के लिए कामना की गई। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस अवसर पर केके शर्मा, लवकुश, हुकुम सिंह, अनिल कुमार, मुखराम सिंह, पुरुषोत्तम सिंह मौजूद रहे।  रेहड़ के मंदिरों में अष्टमी पर माता की पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने अष्टमी पर कन्याओं को जिंमा कर खुशहाली की कामना की। मंदिरों मेेेें अष्टमी के अवसर पर माता की पूजा की गई। घरों में कन्याओं को जिंमा आशीर्वाद लिया गया। कन्या का पूजन में अर्चना, अंजलि मुस्कान, साक्षी, अजाय, उमेश, समीर, राजीव, सुमित का सहयोग रहा।
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