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जनता के सहयोग से होगा बाघों का संरक्षण
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कालागढ़ में कार्बेट टाइगर रिजर्व में बाघ दिवस पर संपन्न कार्यक्रम को संबोधित करते वनक्षेत्राधि
- फोटो : DHAMPUR
जनता के सहयोग से होगा बाघों का संरक्षण
कालागढ़। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर कालागढ़ में गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें अधिकारियों ने बाघों की बढ़ती संख्या को चुनौती बताते हुए उनके संरक्षण के लिए लोगों से आगे आने की अपील की। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनता के सहयोग से ही बाघों का संरक्षण किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को कालागढ़ में जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व व विश्व प्रकृति निधि संगठन के सहयोग से अंतराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने बाघ को पारिस्थितिकी में एक महत्वपूर्ण अंग बताया। कार्बेट व कालागढ़ के वनों में इनकी बढ़ती संख्या को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है। सभी से बाघों के संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती, विश्व प्रकृति निधि के फील्ड आफिसर चंदर सिंह नेगी, कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट, वन दरोगा सोहन सिंह पटवाल, शादाब आलम आदि ने संबोधित किया। संचालन आरके भट्ट ने किया।
वहीं, कालागढ़ में स्कूली बच्चों की वन्यप्राणी सुरक्षा विषय पर कला प्रतियोगिता हुई। जिसमें कुमारी अल्तशा प्रथम, सचिन द्वितीय एवम अभय कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विभागीय कर्मचारियों की प्रश्नोत्तरी बाघ संरक्षण व कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन विषय पर आयोजित की गई। जिसमें वन दरोगा महेश चंद्र जोशी प्रथम, वन आरक्षी इंद्र मोहन ध्यानी द्वितीय व दर्शन सिंह बिष्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती के नेतृत्व में बाघ के संरक्षण हेतु तीन समूह में कालागढ़ दक्षिणी सीमा पर गश्त की गई। गश्त के दौरान वन विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
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कालागढ़। अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर कालागढ़ में गोष्ठी का आयोजन हुआ। जिसमें अधिकारियों ने बाघों की बढ़ती संख्या को चुनौती बताते हुए उनके संरक्षण के लिए लोगों से आगे आने की अपील की। वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि जनता के सहयोग से ही बाघों का संरक्षण किया जा सकता है।
बृहस्पतिवार को कालागढ़ में जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व व विश्व प्रकृति निधि संगठन के सहयोग से अंतराष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने बाघ को पारिस्थितिकी में एक महत्वपूर्ण अंग बताया। कार्बेट व कालागढ़ के वनों में इनकी बढ़ती संख्या को बचाए रखना एक बड़ी चुनौती है। सभी से बाघों के संरक्षण में योगदान देने का आह्वान किया। उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती, विश्व प्रकृति निधि के फील्ड आफिसर चंदर सिंह नेगी, कालागढ़ के वन क्षेत्राधिकारी आरके भट्ट, वन दरोगा सोहन सिंह पटवाल, शादाब आलम आदि ने संबोधित किया। संचालन आरके भट्ट ने किया।
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वहीं, कालागढ़ में स्कूली बच्चों की वन्यप्राणी सुरक्षा विषय पर कला प्रतियोगिता हुई। जिसमें कुमारी अल्तशा प्रथम, सचिन द्वितीय एवम अभय कुमार ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विभागीय कर्मचारियों की प्रश्नोत्तरी बाघ संरक्षण व कार्बेट टाइगर रिजर्व के वन विषय पर आयोजित की गई। जिसमें वन दरोगा महेश चंद्र जोशी प्रथम, वन आरक्षी इंद्र मोहन ध्यानी द्वितीय व दर्शन सिंह बिष्ट ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। उप प्रभागीय वनाधिकारी कुंदन सिंह खाती के नेतृत्व में बाघ के संरक्षण हेतु तीन समूह में कालागढ़ दक्षिणी सीमा पर गश्त की गई। गश्त के दौरान वन विभाग के अधिकारी शामिल रहे।
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