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सलेमपुर खादर में हजारों बीघा फसल बर्बाद
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बिजनौर के छाछरी मोड़ क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से गांव पहुचे पानी से गुजरते सलेमपुर के ग्र
- फोटो : BIJNOR
सलेमपुर खादर में हजारों बीघा फसल बर्बाद
छाछरीमोड़ (बिजनौर)। सलेमपुर खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों के घरों के आसपास बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं, सलेमपुर जलीलपुर मार्ग पानी भरने से पूरी तरह बंद हो गया है। क्षेत्र के किसानों की हजारों बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है।
शनिवार रात गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांव महमूदा खादर, बलिया नंगली, ढोलनपुर, फैजीपुर, सलेमपुर खादर, ढोलनपुर आदि के जंगल में हजारों बीघा गन्ने व धान की फसल जलमग्न हो गई। जबकि गांव सलेमपुर खादर और विजय नगर के कल्लू मुंशी, राजपाल सिंह, नरेश कुमार, मूला सिंह, सीताराम, संजीव कुमार, राजू , विजयपाल आदि ग्रामीणों के घरों तक में पानी घुस गया। डॉक्टर भूपेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, सियाराम, बुध सिंह, खजान सिंह, मनोहर सिंह, भानु सिंह चौहान, मुकेश बबलू सिंह चौहान, हरिओम सिंह, सरवन सिंह आदि का कहना है कि गंगा का जलस्तर इससे पहले कभी भी इतना नहीं बढ़ा था। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
मकान की छत पर चढ़कर बचाई जान
शनिवार को गांव फैजी पुर के धर्मपाल सिंहपुत्र राम सिंह अपने जंगल में खेती की रखवाली करने गए थे, वहां मंदिर और मकान बना है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से धर्मपाल सिंह मकान की छत पर चढ़ गए और अपनी जान बचाई। परिजनों ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए तहसीलदार चांदपुर को सूचना दी। मौके पर तहसीलदार, एसडीएम, सीओ शुभ सूचित कुमार और एसएचओ हीमपुर दीपा वली मोहम्मद टीम के साथ पहुंचे और रेस्क्यू टीम भी पहुंची। रेस्क्यू टीम ने फैजीपुर से लगभग तीन किलोमीटर दूर गंगा के जल में फंसे धर्मपाल सिंह को सकुशल निकाला। रेस्क्यू टीम ने एक गोवंश को भी बचाया।
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छाछरीमोड़ (बिजनौर)। सलेमपुर खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों के घरों के आसपास बाढ़ का पानी फैल गया है। वहीं, सलेमपुर जलीलपुर मार्ग पानी भरने से पूरी तरह बंद हो गया है। क्षेत्र के किसानों की हजारों बीघा गन्ने की फसल बर्बाद हो गई है।
शनिवार रात गंगा का जलस्तर बढ़ने से तटीय गांव महमूदा खादर, बलिया नंगली, ढोलनपुर, फैजीपुर, सलेमपुर खादर, ढोलनपुर आदि के जंगल में हजारों बीघा गन्ने व धान की फसल जलमग्न हो गई। जबकि गांव सलेमपुर खादर और विजय नगर के कल्लू मुंशी, राजपाल सिंह, नरेश कुमार, मूला सिंह, सीताराम, संजीव कुमार, राजू , विजयपाल आदि ग्रामीणों के घरों तक में पानी घुस गया। डॉक्टर भूपेंद्र सिंह, राजपाल सिंह, सियाराम, बुध सिंह, खजान सिंह, मनोहर सिंह, भानु सिंह चौहान, मुकेश बबलू सिंह चौहान, हरिओम सिंह, सरवन सिंह आदि का कहना है कि गंगा का जलस्तर इससे पहले कभी भी इतना नहीं बढ़ा था। उन्होंने जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है।
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मकान की छत पर चढ़कर बचाई जान
शनिवार को गांव फैजी पुर के धर्मपाल सिंहपुत्र राम सिंह अपने जंगल में खेती की रखवाली करने गए थे, वहां मंदिर और मकान बना है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से धर्मपाल सिंह मकान की छत पर चढ़ गए और अपनी जान बचाई। परिजनों ने अनहोनी की आशंका को देखते हुए तहसीलदार चांदपुर को सूचना दी। मौके पर तहसीलदार, एसडीएम, सीओ शुभ सूचित कुमार और एसएचओ हीमपुर दीपा वली मोहम्मद टीम के साथ पहुंचे और रेस्क्यू टीम भी पहुंची। रेस्क्यू टीम ने फैजीपुर से लगभग तीन किलोमीटर दूर गंगा के जल में फंसे धर्मपाल सिंह को सकुशल निकाला। रेस्क्यू टीम ने एक गोवंश को भी बचाया।
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