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सर्वे के बाद गन्ना सट्टे में नहीं होगा बदलाव
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सर्वे के बाद गन्ना सट्टे में नहीं होगा बदलाव
स्योहारा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने कहा है कि गन्ना सर्वेक्षण के बाद किसानों के गन्ना सट्टे में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा।
विकास परिषद प्रांगण में गन्ना सर्वेक्षण परीक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि नए सदस्यों एवं उपज बढ़ोतरी के लिए अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2020 निर्धारित की गई है। सदस्य को अपना पंजीकरण कराना होगा। प्लाटों का सर्वेक्षण अपने नाम से ही कराएं। जिन किसानों ने अपना खाता संख्या अभी तक उपलब्ध नहीं कराया है वे अपना खाता संख्या बैंक पासबुक की फोटो कॉपी तत्काल उपलब्ध करा दें। ताकि उनका गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोई परेशानी ना आए। इस वर्ष बिना घोषणा पत्र सट्टा आरंभ नहीं होगा।
चीनी मिल के उपाध्यक्ष गन्ना विकास सुनील दत्त यादव ने बताया कि सर्वेक्षण कार्यक्रम दिनांक 25 मई से प्रारंभ किया जाएगा। अपर सांख्यकी अधिकारी विकल भारती ने कहा कि सर्वेक्षण का संपूर्ण विवरण उसी दिवस ईआरपी में सीधे अनुरक्षित होता जाएगा। आगामी गन्ना पेराई सत्र के दौरान किसी भी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक वीरेंद्र नाथ ने कहा कि सभी सर्किलों में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य चीनी मिल तथा गन्ना विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पूर्ण रूप से जीपीएस मशीन द्वारा ही किया जाएगा। किसी भी दशा में राजस्व अभिलेख की अंकित नाम के अतिरिक्त अन्य नामों से गन्ना सर्वेक्षण नहीं किया जाएगा। सर्वेक्षण के समय कृषकों द्वारा उनके गांव के सर्वे कर्मियों को अपनी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
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स्योहारा। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह ने कहा है कि गन्ना सर्वेक्षण के बाद किसानों के गन्ना सट्टे में कोई संशोधन नहीं किया जाएगा।
विकास परिषद प्रांगण में गन्ना सर्वेक्षण परीक्षण कार्यक्रम में बताया गया कि नए सदस्यों एवं उपज बढ़ोतरी के लिए अंतिम तिथि 30 दिसंबर 2020 निर्धारित की गई है। सदस्य को अपना पंजीकरण कराना होगा। प्लाटों का सर्वेक्षण अपने नाम से ही कराएं। जिन किसानों ने अपना खाता संख्या अभी तक उपलब्ध नहीं कराया है वे अपना खाता संख्या बैंक पासबुक की फोटो कॉपी तत्काल उपलब्ध करा दें। ताकि उनका गन्ना मूल्य भुगतान करने में कोई परेशानी ना आए। इस वर्ष बिना घोषणा पत्र सट्टा आरंभ नहीं होगा।
चीनी मिल के उपाध्यक्ष गन्ना विकास सुनील दत्त यादव ने बताया कि सर्वेक्षण कार्यक्रम दिनांक 25 मई से प्रारंभ किया जाएगा। अपर सांख्यकी अधिकारी विकल भारती ने कहा कि सर्वेक्षण का संपूर्ण विवरण उसी दिवस ईआरपी में सीधे अनुरक्षित होता जाएगा। आगामी गन्ना पेराई सत्र के दौरान किसी भी प्रकार का कोई संशोधन नहीं किया जाएगा। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक वीरेंद्र नाथ ने कहा कि सभी सर्किलों में गन्ना सर्वेक्षण का कार्य चीनी मिल तथा गन्ना विभाग की संयुक्त टीम द्वारा पूर्ण रूप से जीपीएस मशीन द्वारा ही किया जाएगा। किसी भी दशा में राजस्व अभिलेख की अंकित नाम के अतिरिक्त अन्य नामों से गन्ना सर्वेक्षण नहीं किया जाएगा। सर्वेक्षण के समय कृषकों द्वारा उनके गांव के सर्वे कर्मियों को अपनी विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
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