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बिजनौर का गन्ना भारत में सबसे मीठा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Fri, 24 Feb 2017 12:12 AM IST
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बिजनौर में बिजनौर के गन्ने ने देश में कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। जिले की धामपुर शुगर मिल का गन्ना भारत में सबसे मीठा हो गया है। धामपुर शुगर मिल क्षेत्र में गन्ने की रिकवरी 13 प्रतिशत पहुंच गई है। देश में आज तक इतनी रिकवरी नहीं निकली थी। 13 प्रतिशत की रिकवरी देखकर गन्ना विभाग के अधिकारी व कर्मचारी भी गदगद हैं।
बिजनौर के किसान ट्रैंच विधि से अर्ली प्रजाति का गन्ना बोकर देश ही नहीं विदेशों के किसानों के लिए भी मॉडल बन चुके हैं। देश विदेश के किसान जिले में ट्रैंच विधि से बोए गन्ने को देखने आते रहते हैं। ट्रैंच विधि से बोए गन्ने का उत्पादन भी प्रति बीघा 192 कुंतल तक जा पहुंचा है। पिछले साल शुगर मिलों की रिकवरी 11 प्रतिशत तक थी। गन्ने की बंपर पैदावार देखकर पेराई भी नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू कर दी गई थी। करीब चार माह में जिले की नौ शुगर मिलों द्वारा पांच करोड़ 58 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई हो गई है। वर्ष 2016-17 के पेराई सीजन में कुल सात करोड़ 43 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। अर्ली वैरायटी से गन्ने का रकबा बढ़ने से रिकवरी भी बढ़ी है। धामपुर शुगर मिल की रिकवरी 13 प्रतिशत हो गई है।
यानि एक कुंतल गन्ने की पेराई से 13 किलोग्राम चीनी बन रही है। भारत में आज तक कहीं भी रिकवरी 13 प्रतिशत तक नहीं पहुंची है। बहादरपुर शुगर मिल की रिकवरी 12.90 प्रतिशत है। जिले के शुगर मिलों की औसत रिकवरी 11.16 हो गई है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले में रिकवरी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। किसान ट्रैंच विधि से अर्ली गन्ने की बंपर पैदावार कर रहे हैं। पैदावार व रिकवरी बढ़ने से किसानों व शुगर मिल दोनों का लाभ हो रहा है।
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बिजनौर के किसान ट्रैंच विधि से अर्ली प्रजाति का गन्ना बोकर देश ही नहीं विदेशों के किसानों के लिए भी मॉडल बन चुके हैं। देश विदेश के किसान जिले में ट्रैंच विधि से बोए गन्ने को देखने आते रहते हैं। ट्रैंच विधि से बोए गन्ने का उत्पादन भी प्रति बीघा 192 कुंतल तक जा पहुंचा है। पिछले साल शुगर मिलों की रिकवरी 11 प्रतिशत तक थी। गन्ने की बंपर पैदावार देखकर पेराई भी नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू कर दी गई थी। करीब चार माह में जिले की नौ शुगर मिलों द्वारा पांच करोड़ 58 लाख क्विंटल गन्ने की पिराई हो गई है। वर्ष 2016-17 के पेराई सीजन में कुल सात करोड़ 43 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी। अर्ली वैरायटी से गन्ने का रकबा बढ़ने से रिकवरी भी बढ़ी है। धामपुर शुगर मिल की रिकवरी 13 प्रतिशत हो गई है।
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यानि एक कुंतल गन्ने की पेराई से 13 किलोग्राम चीनी बन रही है। भारत में आज तक कहीं भी रिकवरी 13 प्रतिशत तक नहीं पहुंची है। बहादरपुर शुगर मिल की रिकवरी 12.90 प्रतिशत है। जिले के शुगर मिलों की औसत रिकवरी 11.16 हो गई है।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले में रिकवरी ने सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। किसान ट्रैंच विधि से अर्ली गन्ने की बंपर पैदावार कर रहे हैं। पैदावार व रिकवरी बढ़ने से किसानों व शुगर मिल दोनों का लाभ हो रहा है।