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Bijnor News: नजीबाबाद - एक-एक रुपये के चंदे से खरीदी गई थी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा

Mon, 23 Jan 2023 05:10 PM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Mon, 23 Jan 2023 05:10 PM IST
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The statue of Subhash Chandra Bose was bought with a donation of one rupee each.
नजीबाबाद - स्वतंत्रता सेनानी जगदीश प्रसाद जाखेटिया (फाइल फोटो)।
- स्वतंत्र सुभाष संघ के संरक्षक स्वतंत्रता सेनानी जगदीश प्रसाद जाखेटिया की प्रेरणा से आई थी प्रतिमा
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---- 23 जनवरी सुभाष जयंती पर विशेष
फोटो - 22एनजेडबी05ए, 05बी
एजाज अहमद
नजीबाबाद। स्वतंत्र सुभाष संघ के संरक्षक स्वतंत्रता सेनानी जगदीश प्रसाद जाखेटिया की प्रेरणा से नगर को सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा मिली। प्रतिमा को स्थापना के लिए तीन दशक तक धूल फांकनी पड़ी।
आजादी के परवानों में नेता जी सुभाष चंद्र बोस का नाम गर्व के साथ लिया जाता है। तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा.. उद्घोष से अंग्रेजों के खिलाफ देशवासियों में ऊर्जा देने वाले सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापना के लिए स्वतंत्र सुभाष संघ को कई दशक तक पापड़ बेलने पड़े थे। स्वतंत्र सुभाष संघ के संरक्षक स्वतंत्रता सेनानी जगदीश प्रसाद जाखेटिया, अध्यक्ष प्रदीप डेजी, मंत्री राजेश गुप्ता के नेतृत्व में टीम के सदस्यों संजय शर्मा, राकेश प्रसाद, सुशील आर्य, हेमंत अग्रवाल, मनोज अग्रवाल, अकरम खां, सुशील टांक, अर्जुन अग्रवाल, विष्णु चंद अग्रवाल सहित संघ सदस्यों ने सर्वसम्मति से नजीबाबाद में नेता जी की प्रतिमा स्थापना का 1985 में संकल्प लिया।
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स्वतंत्रता सेनानी एवं संघ के संरक्षक जगदीश प्रसाद जाखेटिया ने नेता जी की प्रतिमा स्थापना के लिए अधिक से अधिक नागरिकों को जोड़ने के लिए एक-एक रुपया चंदा लेने की शर्त रखी। करीब छह हजार नागरिकों के सहयोग से प्रतिमा खरीदी गई, लेकिन प्रशासन ने प्रतिमा स्थापना के लिए स्वतंत्र सुभाष संघ को स्थान उपलब्ध कराने में रुचि नहीं ली। नगर के सार्वजनिक चौराहों पर सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा के लिए संघ ने स्थानीय और जिला प्रशासन तक गुहार लगाई, लेकिन स्थान नहीं मिला। नेता जी की प्रतिमा स्थापना के लिए अनुमति के आवेदन फाइलों तक सीमित होते रहे। लगभग ढाई दशक तक बंद कमरे में धूल फांकती नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा को संघ सदस्यों ने जलालाबाद मार्ग स्थित सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में लगाने का निर्णय लिया। (संवाद)
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सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में स्थापित की गई थी प्रतिमा
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर प्रबंध समिति के नरेंद्र अग्रवाल, डॉ. आमोद अरोड़ा और तत्कालीन प्रधानाचार्य आदि ने स्कूल के बाहर सुभाष वाटिका बनाकर प्रतिमा स्थापना को स्वीकृति दी। करीब सात वर्ष से नेता जी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के बाहर शोभायमान है। संघ के सदस्य प्रतिवर्ष नेता जी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर प्रतिमा को पुष्प अर्पित कर संगोष्ठी आदि के माध्यम से नेता जी के राष्ट्रप्रेम, त्याग और बलिदान को नमन करते हैं।


प्रतिमा स्थल पर संगोष्ठी आज
स्वतंत्र सुभाष संघ की ओर से सरस्वती शिशु मंदिर परिसर की सुभाष वाटिका पर प्रात: 10 बजे सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ संगोष्ठी आयोजित की जाएगी।
एजाज
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