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Bijnor News: नदी ने रोक दिया रास्ता, बीमार की दर्द से कराहते हुए निकल गई जान
Tue, 12 Aug 2025 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 12 Aug 2025 12:11 AM IST
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बढ़ापुर क्षेत्र में पहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने के दौरान जमा भीड़। स्रोत ग्रामीण
बढ़ापुर (बिजनौर)। पहाड़ा नदी का बढ़ा जलस्तर बढ़ने से चकउदचंद निवासी बीमार ओमराज (52) को समय पर दवा नहीं मिल सकी। परिजन और ग्रामीण मात्र ढाई किलोमीटर दूर बढ़ापुर कस्बे में उन्हें ले जाने के लिए नदी का जलस्तर कम होने का इंतजार करते रहे। करीब एक घंटे बाद जैसे-तैसे नदी पार की तो दर्द से कराहते ओमराज की जान निकल गई।
सोमवार को पहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे सरदारपुर छायली, चकउदयचंद, बहेड़ी व काशीवाला गांवों का बढ़ापुर से संपर्क टूट गया। दूसरी तरफ सिपिया नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव टापू की तरह हो गए। गांव चकउदयचंद निवासी ओमराज कई दिन से बीमार थे। सोमवार सुबह उनके पेट में तेज दर्द हुआ तो परिजन और कुछ ग्रामीण दवाई दिलाने के लिए उन्हें बैलगाड़ी में लिटाकर बढ़ापुर ले जाने लगे।
गांव से करीब आधा किमी पर बह रही पहाड़ा नदी का जलस्तर इतना था कि ग्रामीण इसे पार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। करीब एक घंटे तक वे दर्द से कराहते बीमार को लेकर जलस्तर कम होने का इंतजार करते रहे। बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने बैलगाड़ी के साथ खुद पानी में उतरकर जैसे-तैसे नदी पार की। यहां से बढ़ापुर की दूरी लगभग ढाई किमी है। ग्रामीण ओमराज को लेकर थोड़ी दूर ही चले होंगे की उन्होंने तेज हिचकी के साथ दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा भी किया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ओमराज को समय पर दवा मिल जाती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। ओमराज का परिवार मेहनत मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करता है।
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सोमवार को पहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे सरदारपुर छायली, चकउदयचंद, बहेड़ी व काशीवाला गांवों का बढ़ापुर से संपर्क टूट गया। दूसरी तरफ सिपिया नदी का जलस्तर बढ़ने से गांव टापू की तरह हो गए। गांव चकउदयचंद निवासी ओमराज कई दिन से बीमार थे। सोमवार सुबह उनके पेट में तेज दर्द हुआ तो परिजन और कुछ ग्रामीण दवाई दिलाने के लिए उन्हें बैलगाड़ी में लिटाकर बढ़ापुर ले जाने लगे।
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गांव से करीब आधा किमी पर बह रही पहाड़ा नदी का जलस्तर इतना था कि ग्रामीण इसे पार करने की हिम्मत नहीं जुटा पाए। करीब एक घंटे तक वे दर्द से कराहते बीमार को लेकर जलस्तर कम होने का इंतजार करते रहे। बाद में बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने बैलगाड़ी के साथ खुद पानी में उतरकर जैसे-तैसे नदी पार की। यहां से बढ़ापुर की दूरी लगभग ढाई किमी है। ग्रामीण ओमराज को लेकर थोड़ी दूर ही चले होंगे की उन्होंने तेज हिचकी के साथ दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने नदी पर पुल निर्माण की मांग को लेकर काफी देर तक हंगामा भी किया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि ओमराज को समय पर दवा मिल जाती तो शायद उनकी जान बच सकती थी। ओमराज का परिवार मेहनत मजदूरी कर अपना भरण-पोषण करता है।