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Bijnor News: टैरिफ कम होने से दोगुनी होगी हैंडीक्राफ्ट उद्योग की रफ्तार
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गौरव गोयल
नगीना। भारत व अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार का माहौल बना तो नगीना के विश्व प्रसिद्ध हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के चेहरे खिल उठे हैं। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर अब 18 प्रतिशत कर दिए जाने से यहां के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की रफ्तार दोगुनी हो सकती है। लकड़ी की नक्काशी के लिए दुनिया भर में मशहूर स्थानीय शिल्पकारों को अमेरिका से व्यापारिक संबंध सुधार होने पर अपने रोजगार के जिंदा रहने का भरोसा हो गया है। काष्ठकला नगरी के नाम से मशहूर नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की रफ्तार हमेशा से देश की बजाए विदेशी संबंधों (उसमें भी खासतौर पर अमेरिका) पर ज्यादा निर्भर करती रही है। पिछले दिनों में अमेरिका से भारत के व्यापारिक संबंध खराब हुए तो उसने भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर मनमाना 50 प्रतिशत टैरिफ थोप दिया था। नगीना में निर्मित हैंडीक्राफ्ट के आधे से अधिक आइटम का निर्यात अकेले अमेरिका में होता है। टैरिफ की मार के चलते यहां के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति पिछले काफी समय से कमजोर पड़ गई थी। अब भारत व अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार हुआ तो यहां के व्यापारियों को पुनः संजीवनी मिल गई है।
ज्यादातर कारोबार अमेरिका से होता है : करीब 400 करोड़ रुपये के सालाना निर्यात कारोबार करने वाला नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग का कारोबार आधे से अधिक अकेले अमेरिका से होता है। अमेरिका से पिछले दिनों व्यापारिक संबंध खराब हुए तो हैंडीक्राफ्ट उद्योग पूरी तरह डगमगा गया था।
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नगीना। भारत व अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार का माहौल बना तो नगीना के विश्व प्रसिद्ध हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े उद्यमियों के चेहरे खिल उठे हैं। अमेरिका द्वारा भारत से निर्यात होने वाली वस्तुओं पर लगाए गए मनमाने 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर अब 18 प्रतिशत कर दिए जाने से यहां के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की रफ्तार दोगुनी हो सकती है। लकड़ी की नक्काशी के लिए दुनिया भर में मशहूर स्थानीय शिल्पकारों को अमेरिका से व्यापारिक संबंध सुधार होने पर अपने रोजगार के जिंदा रहने का भरोसा हो गया है। काष्ठकला नगरी के नाम से मशहूर नगीना के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की रफ्तार हमेशा से देश की बजाए विदेशी संबंधों (उसमें भी खासतौर पर अमेरिका) पर ज्यादा निर्भर करती रही है। पिछले दिनों में अमेरिका से भारत के व्यापारिक संबंध खराब हुए तो उसने भारत से निर्यात होने वाली अधिकतर वस्तुओं पर मनमाना 50 प्रतिशत टैरिफ थोप दिया था। नगीना में निर्मित हैंडीक्राफ्ट के आधे से अधिक आइटम का निर्यात अकेले अमेरिका में होता है। टैरिफ की मार के चलते यहां के हैंडीक्राफ्ट उद्योग की गति पिछले काफी समय से कमजोर पड़ गई थी। अब भारत व अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार हुआ तो यहां के व्यापारियों को पुनः संजीवनी मिल गई है।
ज्यादातर कारोबार अमेरिका से होता है : करीब 400 करोड़ रुपये के सालाना निर्यात कारोबार करने वाला नगीना का हैंडीक्राफ्ट उद्योग का कारोबार आधे से अधिक अकेले अमेरिका से होता है। अमेरिका से पिछले दिनों व्यापारिक संबंध खराब हुए तो हैंडीक्राफ्ट उद्योग पूरी तरह डगमगा गया था।
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