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नेहरू स्टेडियम की बदलेगी सूरत, होगा सुंदरीकरण, बढेंगी सुविधाएं
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नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम की बदलेगी सूरत, बढ़ेंगी सुविधाएं
बिजनौर। जिले में एकमात्र नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम की सूरत बदलने जा रही है। स्टेडियम का सुंदरीकरण ही नहीं होगा बल्कि सहूलियतें भी बढ़ने वाली हैं। जी हां, मुख्य गेट का सुंदरीकरण किया जाना है। वहीं पवेलियन में अब धूप की तपिश नहीं झेलनी पड़ेगी। पवेलियन के ऊपर छत के रूप में शेड का निर्माण किया जाएगा।
नेहरू स्टेडियम में खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए पसीना बहा रहे हैं, लेकिन यहां सीमित संसाधन हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में मुश्किलें होती हैं। हालांकि अब स्टेडियम की सूरत बदलने का खाका तैयार किया गया है, जिसके चलते अब स्टेडियम के गेट से लेकर पवेलियन के ऊपर शेड के निर्माण की तैयारी चल रही है। डीएम उमेश मिश्रा ने स्टेडियम के गेट का प्रस्ताव पास कर दिया है।
नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम के मुख्य द्वार सुंदरीकरण काफी समय से नहीं हो पाया है। वहीं सड़क अब स्टेडियम से ऊंची हो गई है, जिसके चलते बरसात के दिनों में सारा पानी स्टेडियम में भर जाता है। खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही स्टेडियम में पवेलियन के ऊपर शेड कराई जाएगी। जिसका आकलन किया जा रहा है। जल्द ही इसका काम शुरू होगा। खेलो इंडिया में बिजनौर को भारोत्तोलन में शामिल किए जाने की वजह से भारोत्तोलन हॉल का भी जीर्णोद्धार किया जाना है। भारोत्तोलन हॉल में फ्लोरिंग, रबड़ बिछाई जाएगी। साथ ही वुडन प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। (संवाद)
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स्टेडियम में होना चाहिए सिंथेटिक ट्रैक : रिषभ
एथलेटिक्स रिषभ राठी ने बताया कि स्टेडियम में दौड़ने के लिए सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर ही होती हैं। इसलिए नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक होना चाहिए।
अभ्यास के लिए कोच जरूरी : दर्पण
हॉकी खिलाड़ी दर्पण यादव ने बताया कि स्टेडियम में सबसे पहले जरूरत कोच की है। कोच न होने की वजह से सही अभ्यास नहीं हो पा रहा है। इसलिए स्टेडियम में कोच का होना जरूरी है।
स्टेडियम में होनी चाहिए नई तकनीकी : अजय
एथलेटिक्स अजय कुमार ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी तकनीकी बढ़ रही है, लेकिन नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में नई तकनीकी नहीं है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं नई तकनीकी से कराई जाती हैं। इसलिए स्टेडियम में नई तकनीकी होनी चाहिए।
जल्द शुरू होगा काम : जिला क्रीड़ाधिकारी
जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि स्टेडियम के मुख्य द्वार का काम जल्द शुरू हो जाएगा। पवेलियन के ऊपर शेड बनाने पर भी काम होगा, जिससे बरसात और धूप में खिलाड़ी आराम से बैठ सकें। साथ ही भारोत्तोलन हॉल का भी जीर्णोद्धार होगा।
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बिजनौर। जिले में एकमात्र नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम की सूरत बदलने जा रही है। स्टेडियम का सुंदरीकरण ही नहीं होगा बल्कि सहूलियतें भी बढ़ने वाली हैं। जी हां, मुख्य गेट का सुंदरीकरण किया जाना है। वहीं पवेलियन में अब धूप की तपिश नहीं झेलनी पड़ेगी। पवेलियन के ऊपर छत के रूप में शेड का निर्माण किया जाएगा।
नेहरू स्टेडियम में खिलाड़ी अपनी खेल प्रतिभा को निखारने के लिए पसीना बहा रहे हैं, लेकिन यहां सीमित संसाधन हैं। ऐसे में खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में मुश्किलें होती हैं। हालांकि अब स्टेडियम की सूरत बदलने का खाका तैयार किया गया है, जिसके चलते अब स्टेडियम के गेट से लेकर पवेलियन के ऊपर शेड के निर्माण की तैयारी चल रही है। डीएम उमेश मिश्रा ने स्टेडियम के गेट का प्रस्ताव पास कर दिया है।
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नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम के मुख्य द्वार सुंदरीकरण काफी समय से नहीं हो पाया है। वहीं सड़क अब स्टेडियम से ऊंची हो गई है, जिसके चलते बरसात के दिनों में सारा पानी स्टेडियम में भर जाता है। खिलाड़ियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही स्टेडियम में पवेलियन के ऊपर शेड कराई जाएगी। जिसका आकलन किया जा रहा है। जल्द ही इसका काम शुरू होगा। खेलो इंडिया में बिजनौर को भारोत्तोलन में शामिल किए जाने की वजह से भारोत्तोलन हॉल का भी जीर्णोद्धार किया जाना है। भारोत्तोलन हॉल में फ्लोरिंग, रबड़ बिछाई जाएगी। साथ ही वुडन प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। (संवाद)
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स्टेडियम में होना चाहिए सिंथेटिक ट्रैक : रिषभ
एथलेटिक्स रिषभ राठी ने बताया कि स्टेडियम में दौड़ने के लिए सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। राष्ट्रीय स्तर पर सभी प्रतियोगिताएं सिंथेटिक ट्रैक पर ही होती हैं। इसलिए नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक होना चाहिए।
अभ्यास के लिए कोच जरूरी : दर्पण
हॉकी खिलाड़ी दर्पण यादव ने बताया कि स्टेडियम में सबसे पहले जरूरत कोच की है। कोच न होने की वजह से सही अभ्यास नहीं हो पा रहा है। इसलिए स्टेडियम में कोच का होना जरूरी है।
स्टेडियम में होनी चाहिए नई तकनीकी : अजय
एथलेटिक्स अजय कुमार ने कहा कि खेल के क्षेत्र में भी तकनीकी बढ़ रही है, लेकिन नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में नई तकनीकी नहीं है। राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं नई तकनीकी से कराई जाती हैं। इसलिए स्टेडियम में नई तकनीकी होनी चाहिए।
जल्द शुरू होगा काम : जिला क्रीड़ाधिकारी
जिला क्रीड़ाधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि स्टेडियम के मुख्य द्वार का काम जल्द शुरू हो जाएगा। पवेलियन के ऊपर शेड बनाने पर भी काम होगा, जिससे बरसात और धूप में खिलाड़ी आराम से बैठ सकें। साथ ही भारोत्तोलन हॉल का भी जीर्णोद्धार होगा।