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Bijnor News: जेसीबी से पटरी तोड़ नहर में डाला तालाब का गंदा पानी
Fri, 26 May 2023 11:44 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 26 May 2023 11:44 PM IST
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बिजनौर के कस्बा झालू के पास नहर में बहता गंदा पानी।
- तालाब में जमा होता है झालू कस्बे की निकासी का पानी
- नगर पंचायत को नोटिस देने की तैयारी कर रहा सिंचाई विभाग
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
झालू/बिजनौर। जिले में गंगा को छोड़कर बाकी नदियां पहले ही प्रदूषण से दम तोड़ रही हैं। नदियों के बाद अब नहरों का भी कुछ ऐसा ही हाल होने जा रहा है। ऐसा ही मामला झालू नगर पंचायत में सामने आया है। जहां नगर पंचायत ने गंदा पानी नहर में पहुंचाने के लिए पटरी और सड़क की जेसीबी से खोदाई कर डाली। जिससे कस्बे से तालाब और तालाब से गंदा पानी निकलकर नहर में जा सके। सिंचाई विभाग के नियमों के विपरीत किए गए इस काम को लेकर नोटिस देने की तैयारी हो रही है।
पूर्वी गंगा नहर की नहटौर शाखा कस्बा झालू के पास से होकर गुजर रही है। इस नहर से हजारों बीघा जमीन की सिंचाई होती है, पशुओं के पानी पीने के लिए भी जगह जगह नहर में घाट बने हुए हैं। अब शुक्रवार को झालू नगर पंचायत के अधिकारियों ने तालाब से नहर तक जेसीबी से एक नाला खोद दिया। साथ ही नहर की पटरी और पटरी पर बनी पक्की सड़क को तोड़ते हुए नाले को नहर से जोड़ दिया गया। जिसके बाद तालाब और आबादी से निकलकर आने वाला गंदा पानी सीधे नहर में जाने लगा।
बता दें कि नहर में बाहर का पानी नहीं डाला जा सकता है। क्योंकि पानी बहने की नहर की अपनी एक क्षमता होती है। नहर में सिंचाई विभाग की ओर से निर्धारित मात्रा में ही पानी छोड़ा जाता है। बीच में किसी नाले का पानी आने से नहर को भी खतरा है। कस्बे का गंदा पानी नहर में आने से प्रदूषित हो जाएगी। क्योंकि फिलहाल नहर में कुछ दिन पहले ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। अब झालू का गंदा पानी नहर में आया तो नहर करे पानी का रंग ही बदल गया। नहर में पशुओं को पानी पिलाने से लोग परहेज करेंगे। साथ ही नहर में नहाने वाले लोगों को भी चर्म रोग हो सकते हैं।
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-- -- - वर्जन::
तालाब या आबादी का पानी नहर में डाला गया है तो यह गंभीर मसला है। जो सिंचाई विभाग के नियमों के विपरीत भी है। मामले की जांच कर नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई कराई जाएगी - विकास अग्रवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, पूर्वी गंगा नहर
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तालाब की सफाई करने के लिए तीन चार दिनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नहर में पानी पहुंचाया गया है। तालाब खाली होने के बाद नहर की तरफ जाने वाले पानी को बंद कर दिया जाएगा - विकास आनंद, ईओ झालू नगर पंचायत
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- नगर पंचायत को नोटिस देने की तैयारी कर रहा सिंचाई विभाग
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
झालू/बिजनौर। जिले में गंगा को छोड़कर बाकी नदियां पहले ही प्रदूषण से दम तोड़ रही हैं। नदियों के बाद अब नहरों का भी कुछ ऐसा ही हाल होने जा रहा है। ऐसा ही मामला झालू नगर पंचायत में सामने आया है। जहां नगर पंचायत ने गंदा पानी नहर में पहुंचाने के लिए पटरी और सड़क की जेसीबी से खोदाई कर डाली। जिससे कस्बे से तालाब और तालाब से गंदा पानी निकलकर नहर में जा सके। सिंचाई विभाग के नियमों के विपरीत किए गए इस काम को लेकर नोटिस देने की तैयारी हो रही है।
पूर्वी गंगा नहर की नहटौर शाखा कस्बा झालू के पास से होकर गुजर रही है। इस नहर से हजारों बीघा जमीन की सिंचाई होती है, पशुओं के पानी पीने के लिए भी जगह जगह नहर में घाट बने हुए हैं। अब शुक्रवार को झालू नगर पंचायत के अधिकारियों ने तालाब से नहर तक जेसीबी से एक नाला खोद दिया। साथ ही नहर की पटरी और पटरी पर बनी पक्की सड़क को तोड़ते हुए नाले को नहर से जोड़ दिया गया। जिसके बाद तालाब और आबादी से निकलकर आने वाला गंदा पानी सीधे नहर में जाने लगा।
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बता दें कि नहर में बाहर का पानी नहीं डाला जा सकता है। क्योंकि पानी बहने की नहर की अपनी एक क्षमता होती है। नहर में सिंचाई विभाग की ओर से निर्धारित मात्रा में ही पानी छोड़ा जाता है। बीच में किसी नाले का पानी आने से नहर को भी खतरा है। कस्बे का गंदा पानी नहर में आने से प्रदूषित हो जाएगी। क्योंकि फिलहाल नहर में कुछ दिन पहले ही सिंचाई के लिए पानी छोड़ा गया है। अब झालू का गंदा पानी नहर में आया तो नहर करे पानी का रंग ही बदल गया। नहर में पशुओं को पानी पिलाने से लोग परहेज करेंगे। साथ ही नहर में नहाने वाले लोगों को भी चर्म रोग हो सकते हैं।
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तालाब या आबादी का पानी नहर में डाला गया है तो यह गंभीर मसला है। जो सिंचाई विभाग के नियमों के विपरीत भी है। मामले की जांच कर नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अग्रिम कार्रवाई कराई जाएगी - विकास अग्रवाल, अधिशासी अभियंता सिंचाई विभाग, पूर्वी गंगा नहर
तालाब की सफाई करने के लिए तीन चार दिनों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नहर में पानी पहुंचाया गया है। तालाब खाली होने के बाद नहर की तरफ जाने वाले पानी को बंद कर दिया जाएगा - विकास आनंद, ईओ झालू नगर पंचायत