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Bijnor News: 13 घंटे तक बैंक में डटी रही सीबीआई की टीम, प्रबंधक समेत दो गिरफ्तार

Sat, 10 Aug 2024 05:25 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Sat, 10 Aug 2024 05:25 AM IST
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The CBI team remained in the bank for 13 hours, two people including the manager were arrested
बिजनौर, नगीना। 13 घंटे की जांच पड़ताल के बाद आखिरकार सीबीआई की टीम बैंक शाखा प्रबंधक और रिटायर्ड चपरासी को गिरफ्तार करते हुए अपने संग ले गई। बैंक प्रबंधक पर लोन की फाइल पास करने की एवज में तीस हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। बैंक प्रबंधक के इशारे पर बैंक में चपरासी के तौर पर सेवा दे रहे पूर्व कर्मी ने उक्त रकम पकड़ी थी।
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शुक्रवार की सुबह साढ़े चार बजे गाजियाबाद सीबीआई की टीम कोटकादर स्थित प्रथमा सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा कोटकादर से बाहर निकली। बता दें कि बृहस्पतिवार की दोपहर ढाई बजे गाजियाबाद सीबीआई की 15 सदस्यीय टीम प्रभारी निरीक्षक सुरेश पाल पंवार के नेतृत्व में बैंक में घुसी थी। उधर, इस मामले में कोटकादर निवासी सचिन ने बताया कि आटा चक्की लगाने के लिए खादी ग्रामोद्योग ने छह लाख के लोन की स्वीकृति देकर उसकी फाइल प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में भेजी थी।
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आरोप है की प्रबंधक ने दस प्रतिशत के हिसाब से 60 हजार रुपये की रिश्वत मांगी व रिश्वत न देने पर बैंक प्रबंधक द्वारा फाइल को निरस्त कर दिया गया था। दो महीने बाद फाइल फिर से बैंक भेजी गई तो भी प्रबंधक बिना रिश्वत लिए फाइल पास करने को तैयार नहीं हुआ। उसने सीबीआई की गाजियाबाद टीम से संपर्क कर शिकायत की।
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सुनियोजित तरीके से सीबीआई की टीम बृहस्पतिवार की दोपहर करीब ढाई बजे बैंक शाखा पहुंच गई। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार सचिन 30 हजार रुपये की रिश्वत प्रबंधक को देने गया। जबकि 30 हजार रुपये फाइल पास होने के बाद देने की बात तय हुई। प्रबंधक ने सचिन से यह रकम चपरासी मदन को बाहर ले जाकर देने को कह दिया। सचिन द्वारा चपरासी को रकम देने के दौरान सीबीआई की टीम मदन को पकड़ कर प्रबंधक के पास ले गई।
सीबीआई की टीम के अधिकारियों ने कई घंटे तक बैंक में ही प्रबंधक और चपरासी को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। शुक्रवार की तड़के चार बजे अपनी पूरी प्रक्रिया करने के बाद सीबीआई गाजियाबाद की टीम दोनों आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार करते हुए अपने संग ले गई।

- सेवानिवृत्त होने पर भी काम कर रहा था चपरासी
आरोपी चपरासी मदन क्षेत्र के ग्राम हेजरपुर का निवासी है। जोकि 2015 में बैंक से सेवानिवृत हो जाने के बाद प्रबंधक की सहमति से बैंक में कार्य करता था। आरोपी शाखा प्रबंधक प्रियांशु त्यागी जिला सहारनपुर के ग्राम नगला का रहने वाला है।



- रिश्तेदारों से भी की गई पूछताछ
सूत्रों की मानें तो सीबीआई की टीम ने बैंक में पूरी तरह से पड़ताल की। आरोपी शाखा प्रबंधक प्रियांशु त्यागी के साथ साथ उसके पिता, सास और ससुर को भी टीम ने बुलाकर पूछताछ की है। टीम यह जानने का प्रयास करती रही कि आखिर बैंक प्रबंधक कब से रिश्वतखोरी में लिप्त रहकर संपत्ति जोड़ने में लगा हुआ था।
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