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आश्वासन पर भी खत्म नहीं हुआ किसानों का आंदोलन
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आश्वासन पर भी खत्म नहीं हुआ किसानों का आंदोलन
शेरकोट। अधिकारियों के समस्या का निदान का भरोसा मिलने के बाद भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को 14 वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी निदान नहीं होगा। आंदोलन जारी रहेगा। ब्लाक अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों के साथ कई बार वार्ता हो चुकी है। प्रशासन पर समस्या का निदान होने से पहले यकीन नहीं किया जा सकता है।
चार नवंबर को भाकियू युवा के प्रदेशाध्यक्ष दिगंबर सिंह, महामंत्री कुलदीप सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ डीएम बिजनौर और हाईवे के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। डीएम ने निर्देश दिए थे कि किसानों को नुकसान नहीं होना चाहिए। किसान संतुष्ट नहीं है, तो फिर से जमीन को सर्वे किया जाए। सर्वे में गड़बड़ी हो तो उसे ठीक किया जाए और प्रभावित किसानों को सही मुआवजा दिया जाए। वार्ता में अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि जिस लोगों की जमीन और घर हाईवे चौड़ीकरण में अधिग्रहीत किए गए है और उनको अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है, उनके लिए प्रशासन द्वारा टीम का गठन कर सर्वे करा दिया जाएगा।
शुक्रवार को धरने पर बैठने वालों में सोनू कुमार, इंद्रजीत सिंह, इंद्रवीर सिंह, रामकुमार, रघुवीर सिंह, कविता रानी, सविता, नेहा, डॉक्टर वीरभान सिंह, विनीत गहलौत, अंकुर चौहान, क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष नागेश्वर गहलौत, नरेंद्र सिंह, रितिक राजपूत, अंकित चौहान, दीपा रानी, रीना देवी, शांति देवी, राकेश कुमारी, पूनम रानी रहे।
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गौरतलब है कि भाकियू की ओर से सरकार की ओर से अधिग्रहीत की जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। आरोप है कि प्रशासन 13 दिन से निरंतर चल रहे आंदोलन के बाद भी सुनवाई करने का प्रयास नहीं कर रहा है।
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शेरकोट। अधिकारियों के समस्या का निदान का भरोसा मिलने के बाद भी भाकियू कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को 14 वें दिन भी आंदोलन जारी रहा। ब्लाक अध्यक्ष दुष्यंत राणा ने कहा कि जब तक उनकी समस्या का स्थायी निदान नहीं होगा। आंदोलन जारी रहेगा। ब्लाक अध्यक्ष ने कहा कि अधिकारियों के साथ कई बार वार्ता हो चुकी है। प्रशासन पर समस्या का निदान होने से पहले यकीन नहीं किया जा सकता है।
चार नवंबर को भाकियू युवा के प्रदेशाध्यक्ष दिगंबर सिंह, महामंत्री कुलदीप सिंह और अन्य कार्यकर्ताओं के साथ डीएम बिजनौर और हाईवे के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई थी। डीएम ने निर्देश दिए थे कि किसानों को नुकसान नहीं होना चाहिए। किसान संतुष्ट नहीं है, तो फिर से जमीन को सर्वे किया जाए। सर्वे में गड़बड़ी हो तो उसे ठीक किया जाए और प्रभावित किसानों को सही मुआवजा दिया जाए। वार्ता में अधिकारियों ने भरोसा दिया था कि जिस लोगों की जमीन और घर हाईवे चौड़ीकरण में अधिग्रहीत किए गए है और उनको अभी तक मुआवजा नहीं मिल सका है, उनके लिए प्रशासन द्वारा टीम का गठन कर सर्वे करा दिया जाएगा।
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शुक्रवार को धरने पर बैठने वालों में सोनू कुमार, इंद्रजीत सिंह, इंद्रवीर सिंह, रामकुमार, रघुवीर सिंह, कविता रानी, सविता, नेहा, डॉक्टर वीरभान सिंह, विनीत गहलौत, अंकुर चौहान, क्षत्रिय सभा के अध्यक्ष नागेश्वर गहलौत, नरेंद्र सिंह, रितिक राजपूत, अंकित चौहान, दीपा रानी, रीना देवी, शांति देवी, राकेश कुमारी, पूनम रानी रहे।
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गौरतलब है कि भाकियू की ओर से सरकार की ओर से अधिग्रहीत की जमीन का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर धरना दिया जा रहा है। आरोप है कि प्रशासन 13 दिन से निरंतर चल रहे आंदोलन के बाद भी सुनवाई करने का प्रयास नहीं कर रहा है।