फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Ten henchmen caught in three months, yet attacks are increasing

Bijnor News: तीन माह में दस गुलदार पकड़े, फिर भी बढ़ रहे हमले, देहात क्षेत्र में डरावने हालात

Thu, 27 Apr 2023 03:55 PM IST
मेरठ ब्यूरो रजनीश त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
रजनीश त्यागी, संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Thu, 27 Apr 2023 03:55 PM IST
सार

बिजनौर जनपद में 23 जनवरी से अब तक 10 गुलदार पकडे़ जा चुके हैं। 11 टीमें अति संवेदनशाली 11 गांवों की निगरानी करेंगी। 10 ट्रैप कैमरे गुलदार को ट्रेस करने के लिए लगाए गए हैं। 6 पिंजरे वन विभाग ने नगीना और रेहड़ क्षेत्र में लगाए हैं। 

विज्ञापन
Ten henchmen caught in three months, yet attacks are increasing
गुलदार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिजनौर में इस समय गुलदार की बात करें तो जिले के हालात डरावने हैं। मात्र तीन माह में ही गुलदार के 15 से ज्यादा हमले जिले में हो चुके हैं। इनमें करीब आठ लोग अपनी जान गवां चुके हैं। तीन माह में दस गुलदार वन विभाग ने पकड़ भी लिए, लेकिन हमले कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। सबसे ज्यादा नगीना और अफजलगढ़, रेहड़ क्षेत्र में ही हो रहे हैं।

विज्ञापन


जिले में गुलदार की समस्या के आगे वन विभाग बेबश नजर आ रहा है। इस दौरान लगातार गुलदार पिंजरे में तो फंसे, लेकिन हमले भी जारी हैं। शुरुआत में वन विभाग ने पकडे़ गए गुलदार को ही हमला करने वाला गुलदार मान लिया, लेकिन अब हमले नहीं रुके तो वन अधिकारियों के चेहरे में चिंता की लकीरें हैं। नगीना और रेहड़ में 40 सदस्यों की 11 टीमों का गठन किया गया है, जिसमें कानपुर और पीलीभीत से आए विशेषज्ञ भी शामिल हैं। ये सब मिलकर हमलावर गुलदार को तलाशने में जुटे हैं।
विज्ञापन

 

 

विज्ञापन
विज्ञापन

हर कोशिश को गुलदार ने किया नाकामयाब
वन विभाग की तमाम कोशिशों के बावजूद भी गुलदार के हमले क्षेत्र में कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। ग्राम सैदपुरी में एक युवक की गुलदार के हमले में मौत के बाद नगीना क्षेत्र में यह तीसरा मामला हो गया है। इससे पहले भी गुलदार इसी साल 17 फरवरी को गांव किरतपुर में अदिति (14) व 18 मार्च को गांव काजीवाला निवासी महिला मिथलेश (45) की जान ले चुका है। क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक ग्रामों में छोटे बच्चों व बुजुर्गों पर हमला कर घायल कर चुका है। वन विभाग की टीम नगीना क्षेत्र से अब तक तीन गुलदार को पकड़कर अमानगढ़ रेंज छोड़ भी चुकी हैं।

शावक तो पकड़ा, पर नहीं मिला गुलदार
इसी माह 16 अप्रैल को पास के गांव पखनपुर में गुलदार का एक तीन माह का शावक एक कुएं के भीतर गिर गया था। जिसे वन विभाग की टीम ने कुएं से निकालकर जंगल में छुड़वा दिया था। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि शावक के गांव में मिलने के बाद गुलदार को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया गया होता तो सैदपुरी में युवक की जान नहीं जाती।

अमानगढ़ में बाघ बढ़े तो बाहर आ गए गुलदार
जिले की अमानगढ़ वन रेंज 9500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में फैली हुई हैं। एक दशक पहले तक यहां पर 12 से 14 के बीच बाघ होते थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 27 से भी ज्यादा होने की अनुमान है। ऐसे में बाघों की संख्या बढ़ी तो गुलदार आबादी के बीच जंगलों में रहने लगे। इनकी संख्या जिले में 150 से भी ज्यादा होने का अनुमान है। 

 

जंगल से सटे गांवों में अधिक खतरा
अमानगढ़ और नगीना रेंज से सटे गांवों को इसके लिए संवेदनशील घोषित कर दिया है। इन दोनों रेंज में 42 गांव जंगल सीमा के पास हैं, लेकिन वन विभाग ने 22 गांवों को संवेदनशील माना है। इन गांवों में बाघ और गुलदार की मौजूदगी का खतरा पहले ही सता रहा था। इसलिए यहां पर ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया। वर्तमान हालात देखें तो गुलदार के आगे सभी प्रशिक्षण और जागरुकता कम पड़ गई है।

बाघ और गुलदार को लेकर ये गांव संवेदनशील सूची में शामिल
अमानगढ़ से सटे गांव

देवानंदपुर गढ़ी, रेहड़, नवाबाद जंगल, केहरीपुर जंगल, किरतपुर, रानीनांगल, फतेहपुर धारा, कल्लूवाला, लालबाग, मलौनी, मीरापुर उत्तरी।

नगीना रेंज से सटे गांव
भिक्कावाला, बनियोंवाला, इस्लामनगर, मुरलीवाला, जामुनवाला, लड्डूवाला, खैरीखत्ता, जमनपुर, रसूलपुर, रसूलाबाद, प्रेमपुरी।

ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी जारी
क्या करें

- खेतों में दा या उससे अधिक के समूह में जाएं
- गन्ना काटने से पहले वन्य जीव भगाने के लिए हाका करें
- खेत में मोबाइल या रेडियो पर तेज आवाज में गाने चलाएं
- काम करते समय एक व्यक्ति को निगरानी के लिए लगाएं
- खेतों में काम करते समय सिर पर हेलमेट या नकपैड पहनें
- अधिक रात में खेतों पर न जाएं, खेतों की निगरानी मचान से करें
- वन्य जीव दिखने पर वन अधिकारियों को तुरंत सूचना दें


यह न करने की दी गई सलाह
- खेतों पर अकेले न जाएं, छोटे बच्चों को अकेले न भेजें
- गन्ने की कटाई बैठकर या झुककर न करें
- खेतों की रखवाली करते समय भूमि या चारपाई पर न सोएं
- वन्य जीव दिखने पर उसे न छेड़ें और उसके रास्ते में न आएं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed