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‘एंबुलेंस नहीं टेंपो से आई हूं अस्पताल’
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 19 Apr 2016 12:13 AM IST
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जिला अस्पताल में महिला मरीज से बात करतीं डीएम।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में डीएम बी. चंद्रकला ने जिला संयुक्त अस्पताल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। एक मरीज के इमरजेंसी में किराए के वाहन से पहुंचने पर नाराजगी जताई। सीएमओ को 108 एंबुलेंस सेवा का व्यापक प्रचार-प्रसार कराने के निर्देश दिए।
सोमवार की सुबह करीब 11 बजे डीएम बी. चंद्रकला जिला अस्पताल पहुंची। वहां उन्होंने रोगी पंजीकरण कक्ष व ओपीडी कक्ष की व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद सीधे इमरजेंसी पहुंची। इमरजेंसी में बैठी एक महिला से आने का कारण जाना। बीमार महिला से पूछा कि वह किस वाहन से अस्पताल आई। बीमार महिला ने बताया कि वह टैंपू से जिला अस्पताल उपचार के लिए आई। डीएम द्वारा 108 एंबुलेंस के विषय में पूछने पर बीमार महिला ने अनभिज्ञता जताई। इस मामले में डीएम ने सीएमओ को नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवा के लिए जागरूकता कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि सभी को निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ मिल सके और मरीजों की जान बचाई जा सके।
निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था सही मिली। वार्ड भर्ती व दवाई वितरण लाइन में लगे मरीजों से दवाई के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि दवाई बाहर से नहीं लिखी जाती, अस्पताल से ही मिल जाती है। डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र, एक्सरे, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, महिला एवं पुरुष वार्ड, हड्डी एवं बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया। साथ ही महिला अस्पताल में ओटी व वार्ड का भी निरीक्षण किया। अस्पताल प्रशासन व मरीजों ने भी अस्पताल में स्टाफ कम होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह उनकी ओर से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए अर्द्धशासकीय भेजवाया जाए। इस मौके पर सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, सीएमएस डा. राकेश दुबे व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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सोमवार की सुबह करीब 11 बजे डीएम बी. चंद्रकला जिला अस्पताल पहुंची। वहां उन्होंने रोगी पंजीकरण कक्ष व ओपीडी कक्ष की व्यवस्थाओं को देखा। इसके बाद सीधे इमरजेंसी पहुंची। इमरजेंसी में बैठी एक महिला से आने का कारण जाना। बीमार महिला से पूछा कि वह किस वाहन से अस्पताल आई। बीमार महिला ने बताया कि वह टैंपू से जिला अस्पताल उपचार के लिए आई। डीएम द्वारा 108 एंबुलेंस के विषय में पूछने पर बीमार महिला ने अनभिज्ञता जताई। इस मामले में डीएम ने सीएमओ को नोडल अधिकारी एंबुलेंस सेवा के लिए जागरूकता कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए, ताकि सभी को निशुल्क एंबुलेंस सेवा का लाभ मिल सके और मरीजों की जान बचाई जा सके।
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निरीक्षण के दौरान सफाई व्यवस्था सही मिली। वार्ड भर्ती व दवाई वितरण लाइन में लगे मरीजों से दवाई के बारे में पूछा। उन्होंने बताया कि दवाई बाहर से नहीं लिखी जाती, अस्पताल से ही मिल जाती है। डीएम ने पोषण पुनर्वास केंद्र, एक्सरे, ईसीजी, अल्ट्रासाउंड, महिला एवं पुरुष वार्ड, हड्डी एवं बच्चा वार्ड का निरीक्षण किया। साथ ही महिला अस्पताल में ओटी व वार्ड का भी निरीक्षण किया। अस्पताल प्रशासन व मरीजों ने भी अस्पताल में स्टाफ कम होने की शिकायत की। इस पर डीएम ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह उनकी ओर से प्रमुख सचिव स्वास्थ्य को आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए अर्द्धशासकीय भेजवाया जाए। इस मौके पर सीएमओ डा. मनमोहन अग्रवाल, सीएमएस डा. राकेश दुबे व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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