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गेहूं के लिए मुसीबत बनेगा कम तापमान

Mon, 30 Dec 2019 11:48 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 11:48 PM IST
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Temperature will be troublesome for wheat
गेहूं के लिए मुसीबत बनेगा कम तापमान
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बिजनौर। जिले में सर्दी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। तापमान रोज गिर रहा है। ऐसे मौसम में अब भी किसान गेहूं की बुवाई कर रहे हैं। अब बोया गया गेहूं किसानों के लिए घाटे का ही सौदा रहेगा। लेकिन किसान पैदावार के लालच में अब भी गेहूं बो रहे हैं, ऐसा करके वह अपना समय बर्बाद कर रहे हैं।
गेहूं जिले की मुख्य फसल है। जिले में करीब डेढ़ लाख हेक्टेयर रकबे में गेहूं बोया जाता है। गेहूूं से अनाज और पशुओं के लिए भूसा दोनों ही मिलते हैं। साथ ही गेहूं की फसल को ज्यादा सिंचाई की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में रेतीली जमीन में किसान मुख्य रूप से गेहूं की फसल बोते हैं। गेहूं की बुवाई का अच्छा समय 15 नवंबर से 25 दिसंबर तक रहता है। नवंबर में बोया जाने वाले गेहूं और बाद में बोए जाने वाले गेहूं की अलग-अलग प्रजाति बाजार में हैं। 25 दिसंबर के बाद गेहूं नहीं बोया जाता है। कृषि वैज्ञानिक भी 25 दिसंबर के बाद गेहूं बोने से मना करते हैं। लेकिन इस साल दिसंबर में दो बार हो चुकी बारिश ने गेहूं बोने का सिस्टम बिगाड़ दिया है।
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12 दिसंबर को तो लगभग 18 घंटे बारिश हुई थी। बारिश से खासतौर पर खादर में गेहूं की बुवाई बहुत प्रभावित हुई थी। जिले में गेहूं का रकबा लगभग पिछले साल के बराबर बोया जा चुका है। लेकिन मिल जल्दी चलने से इस बार किसान ज्यादा रकबे में गेहूं बोने की तैयारी कर रहे थे। बारिश ने ऐसे किसानों का खेल बिगाड़ दिया है। गेहूं बोने में लेट हो चुके किसान अब भी गेहूं बो रहे हैं। जबकि तापमान के हिसाब से अब किसान को गेहूं नहीं बोना चाहिए। गेहूं के लिए तापमान 16 से 22 डिग्री के बीच होना चाहिए। इस समय न्यूनतम तापमान दो डिग्री और अधिकतम 11 डिग्री तक चल रहा है। इतने कम तापमान में गेहूं की फसल उगने में ही एक सप्ताह से अधिक का समय लेगी। अप्रैल में फसल तैयार हो जाती है। फसल को बढ़ने के लिए समय नहीं मिलेगा। कम समय में तैयार होने वाली फसल का उत्पादन बहुत कम रहेगा।
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हरी खाद बोएं किसान
गेहूं के बाद खेत में गन्ना व अन्य फसलें बोई जाती हैं। किसान चाहें तो इस समय गेहूं न बोकर खेत में बरसीम आदि हरी खाद बो सकते हैं। बाद में इसे खेत में जोतने से जमीन उपजाऊ होगी। गन्ना बोने के लिए खेत भी समय से पहले तैयार हो जाएगा। जिला कृषि अधिकारी अवधेश मिश्र के अनुसार तापमान के हिसाब से गेहूं बोने का समय निकल चुका है। किसान अब गेहूं बोने से परहेज करें। अगर किसान को गेहूं बोने ही हैं तो 590 प्रजाति का गेहूं बोएं।
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