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Bijnor News: तीन नदियों में उफान, कोटावली के रपटे पर चला सात फीट पानी
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रामपुर चाठा के निकट एक गोशाला भी नदी के कटान में बह गई
संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवाला/नजीबाबाद। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से मालन नदी, लकड़हान और कोटावाली नदियां उफान पर हैं। कोटावाली नदी रपटे पर करीब छह से सात फीट तक पानी चला। नदियों के उफान से कृषि भूमि का कटान हुआ। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गईं।
मालन नदी में पानी आने से किनारे पर सब्जी उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचा। उधर, बारिश होने से भागूवाला की कोटावाली नदी पहली बार उफान पर रही। कोटावाली नदी ने गांव रामपुर चाठा, सबलगढ़ में जमकर कटान किया। कोटावाली नदी का रौद्र रूप देखकर रामपुर चाठा के लोग दहशत में हैं। उधर, लकड़हान नदी ने भी किसानों की भूमि का कटान किया। नदी के किनारे किसानों की फसलें जलमग्न हो गई।
फोरलेन पुल बनने से राहगीरों को राहत
कोटावाली नदी पर फोरलेन पुल बनने से राहगीरों को आवागमन में राहत मिली है। कोटावाली नदी उफान पर रही और वाहनों की आवाजाही फोरलेन पुल से होती रही। कई सालों से पुल निर्माणाधीन होने के कारण राहगीरों को नदी रपटे से होकर गुजरना पड़ता था। कोटवाली नदी में पानी आने से लोगों का नदी रपटे से आवागमन बंद हो जाता था।
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मालन नदी में पानी आने से आवागमन ठप
नांगलसोती। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से पूंडरीकला-बरमपुर संपर्क मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस संपर्क मार्ग से पुंडरीकला, पुंडरी खुर्द, सबलपुर बितरा, बरकातपुर, ताहरपुर, नयागांव, मौअजमपुर आदि गांव जुड़े हैं। मार्ग के बीच मालन नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीण चंदा एकत्र कर ह्यूम पाइप व गाटर डालकर अस्थायी पुल बनाते हैं, लेकिन इस वर्ष ग्रामीणों ने पुल बहने की आशंका के चलते बारिश से पूर्व ही पुल को हटा लिया। ग्रामीण सुबोध राजपूत, अरुण कुमार, दुष्यंत कुमार का कहना है कि प्रशासन ने नदी पर स्थायी रपटा बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वह फाइलों में ही कैद होकर रह गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
भागूवाला/नजीबाबाद। मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश होने से मालन नदी, लकड़हान और कोटावाली नदियां उफान पर हैं। कोटावाली नदी रपटे पर करीब छह से सात फीट तक पानी चला। नदियों के उफान से कृषि भूमि का कटान हुआ। सैकड़ों बीघा कृषि भूमि जलमग्न हो गईं।
मालन नदी में पानी आने से किनारे पर सब्जी उगाने वाले किसानों को भारी नुकसान पहुंचा। उधर, बारिश होने से भागूवाला की कोटावाली नदी पहली बार उफान पर रही। कोटावाली नदी ने गांव रामपुर चाठा, सबलगढ़ में जमकर कटान किया। कोटावाली नदी का रौद्र रूप देखकर रामपुर चाठा के लोग दहशत में हैं। उधर, लकड़हान नदी ने भी किसानों की भूमि का कटान किया। नदी के किनारे किसानों की फसलें जलमग्न हो गई।
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फोरलेन पुल बनने से राहगीरों को राहत
कोटावाली नदी पर फोरलेन पुल बनने से राहगीरों को आवागमन में राहत मिली है। कोटावाली नदी उफान पर रही और वाहनों की आवाजाही फोरलेन पुल से होती रही। कई सालों से पुल निर्माणाधीन होने के कारण राहगीरों को नदी रपटे से होकर गुजरना पड़ता था। कोटवाली नदी में पानी आने से लोगों का नदी रपटे से आवागमन बंद हो जाता था।
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मालन नदी में पानी आने से आवागमन ठप
नांगलसोती। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से पूंडरीकला-बरमपुर संपर्क मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। इस संपर्क मार्ग से पुंडरीकला, पुंडरी खुर्द, सबलपुर बितरा, बरकातपुर, ताहरपुर, नयागांव, मौअजमपुर आदि गांव जुड़े हैं। मार्ग के बीच मालन नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीण चंदा एकत्र कर ह्यूम पाइप व गाटर डालकर अस्थायी पुल बनाते हैं, लेकिन इस वर्ष ग्रामीणों ने पुल बहने की आशंका के चलते बारिश से पूर्व ही पुल को हटा लिया। ग्रामीण सुबोध राजपूत, अरुण कुमार, दुष्यंत कुमार का कहना है कि प्रशासन ने नदी पर स्थायी रपटा बनाने के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वह फाइलों में ही कैद होकर रह गया।