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सुर्खाब को भाया गंगा का किनारा
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बिजनौर में गंगा किनारे बैठा सुर्खाब का झुंड।
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। गंगा की धारा का किनारा सुर्खाब पक्षी को भा गया है। रावली क्षेत्र में सुर्खाब के 200 पक्षियों का भी झुंड दिखा है। माना जा रहा है कि गंगा में पानी साफ होने का असर है कि पक्षी इस ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सुनहरे रंग का पक्षी सुर्खाब सुंदरता का प्रतीक है। पहले छह-सात सुर्खाब का झुंड ही गंगा किनारे दिखता था लेकिन अब सुर्खाब को गंगा का किनारा ज्यादा पसंद आने लगा है। पक्षी प्रेमी आशीष लोया के अनुसार सुर्खाब के बड़े झुंड गंगा किनारे दिखाई दे रहे हैं। रावली में एक झुंड में तो 200 से ज्यादा सुर्खाब दीखे हैं। सुर्खाब एकदम शुद्ध पानी की धारा के पास पाया जाता है। इससे यह भी पता चलता है कि गंगा में इस समय बहुत साफ पानी बह रहा है। गंगा किनारे जैव विविधता बढ़ती जा रही है।
डॉल्फिन की संख्या में भी इजाफा
गंगा की धारा जलीय जीवों को भी भा रही है। हाल ही में कई गई डॉल्फिन की गणना में उनकी संख्या में भारी इजाफा हुआ है। गंगा में डॉल्फिन की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
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पक्षियों को न पहुंचाएं नुकसान
डीएफओ डर एम सम्मारण के अनुसार गंगा किनारे कई प्रजाति के सुंदर सुंदर पक्षी दिख रहे हैं। सभी पक्षियों को संरक्षण दें। कोई भी इन्हें नुकसान नहीं पहुंचाए। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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सुनहरे रंग का पक्षी सुर्खाब सुंदरता का प्रतीक है। पहले छह-सात सुर्खाब का झुंड ही गंगा किनारे दिखता था लेकिन अब सुर्खाब को गंगा का किनारा ज्यादा पसंद आने लगा है। पक्षी प्रेमी आशीष लोया के अनुसार सुर्खाब के बड़े झुंड गंगा किनारे दिखाई दे रहे हैं। रावली में एक झुंड में तो 200 से ज्यादा सुर्खाब दीखे हैं। सुर्खाब एकदम शुद्ध पानी की धारा के पास पाया जाता है। इससे यह भी पता चलता है कि गंगा में इस समय बहुत साफ पानी बह रहा है। गंगा किनारे जैव विविधता बढ़ती जा रही है।
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डॉल्फिन की संख्या में भी इजाफा
गंगा की धारा जलीय जीवों को भी भा रही है। हाल ही में कई गई डॉल्फिन की गणना में उनकी संख्या में भारी इजाफा हुआ है। गंगा में डॉल्फिन की संख्या बढ़कर 41 हो गई है।
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पक्षियों को न पहुंचाएं नुकसान
डीएफओ डर एम सम्मारण के अनुसार गंगा किनारे कई प्रजाति के सुंदर सुंदर पक्षी दिख रहे हैं। सभी पक्षियों को संरक्षण दें। कोई भी इन्हें नुकसान नहीं पहुंचाए। ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।