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Bijnor News: जैविक खेती को बनाया ताकत, अब दूसरों की प्रेरणा बनीं सुमन
Tue, 23 Sep 2025 11:58 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 23 Sep 2025 11:58 PM IST
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प्रगतिशील महिला किसान सुमन रानी।
- फोटो : जेतवन परिसर की परिक्रमा करते अनुयायी।
बिजनौर। महिला किसान सुमन जैविक खेती के माध्यम से अपने उत्पादों की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग करके बेच रहीं हैं। वह हर मौसम की फसल जैविक विधि से उत्पादित करतीं हैं। अपने उत्पादों को स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन भी बेचतीं हैं। बताया कि दो से तीन लाख रुपये उनकी आय है। अब उनकी यही ताकत दूसरे किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गई है। सुमन को जिला और प्रदेश स्तर पर इसके लिए सम्मानित भी किया जा चुका है।
ग्राम मिरजालीपुर निवासी दीपक कुमार की पत्नी सुमन रानी ने परंपरागत खेती में तकनीकी व वैज्ञानिक विधि का प्रयोग किया। वह प्रगतिशील महिला किसान के साथ उद्यमी भी बन गई। वह जैविक विधि से न सिर्फ गन्ना बुवाई कर रही है, बल्कि रबी, खरीफ की फसलों को जैविक विधि से उत्पादित कर रही है। सुमन रानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। वह उनके पास आने वाली महिलाओं को अपना काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
- जैविक खेती के लाभ
- जैविक खेती से उत्पादित फसलें स्वास्थ्यवर्धक होतीं हैं और इनमें रासायनिक अवशेष नहीं होते हैं।
- जैविक खेती पर्यावरण के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता है।
- जैविक खेती से उत्पादित फसलों की मांग अधिक होती है, जिससे आय में वृद्धि हो सकती है।
-- - अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रहीं सुमन
कृषि विशेषज्ञ योगेंद्र पाल योगी ने बताया कि प्रगतिशील महिला किसान सुमन रानी जैविक खेती कर आत्मनिर्भर बनीं हैं। वह गुड़, तेल, वर्मी कंपोस्ट आदि पदार्थों को ऑनलाइन भी बेच रहीं हैं। अन्य अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं।
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- वर्जन
सुमन रानी जैविक विधि खेत कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के साथ अन्य लोगों काे स्वस्थ रखने में सहयोग दें रहीं हैं। वह अपने जैविक उत्पादों को पैकेजिंग कर ऑफलाइन और ऑनलाइन बिक्री कर रहीं हैं। - -डॉ. घनश्याम वर्मा, उपकृषि निदेशक
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ग्राम मिरजालीपुर निवासी दीपक कुमार की पत्नी सुमन रानी ने परंपरागत खेती में तकनीकी व वैज्ञानिक विधि का प्रयोग किया। वह प्रगतिशील महिला किसान के साथ उद्यमी भी बन गई। वह जैविक विधि से न सिर्फ गन्ना बुवाई कर रही है, बल्कि रबी, खरीफ की फसलों को जैविक विधि से उत्पादित कर रही है। सुमन रानी अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही हैं। वह उनके पास आने वाली महिलाओं को अपना काम करने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
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- जैविक खेती के लाभ
- जैविक खेती से उत्पादित फसलें स्वास्थ्यवर्धक होतीं हैं और इनमें रासायनिक अवशेष नहीं होते हैं।
- जैविक खेती पर्यावरण के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं होता है।
- जैविक खेती से उत्पादित फसलों की मांग अधिक होती है, जिससे आय में वृद्धि हो सकती है।
कृषि विशेषज्ञ योगेंद्र पाल योगी ने बताया कि प्रगतिशील महिला किसान सुमन रानी जैविक खेती कर आत्मनिर्भर बनीं हैं। वह गुड़, तेल, वर्मी कंपोस्ट आदि पदार्थों को ऑनलाइन भी बेच रहीं हैं। अन्य अन्य के लिए प्रेरणा स्रोत बनी हैं।
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- वर्जन
सुमन रानी जैविक विधि खेत कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के साथ अन्य लोगों काे स्वस्थ रखने में सहयोग दें रहीं हैं। वह अपने जैविक उत्पादों को पैकेजिंग कर ऑफलाइन और ऑनलाइन बिक्री कर रहीं हैं। - -डॉ. घनश्याम वर्मा, उपकृषि निदेशक