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क्रॉप कटिंग में गन्ने की पैदावार 15 से 20 प्रतिशत कम

Sun, 16 Dec 2018 12:10 AM IST
NAVEEN GUPTA ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर
ब्यूरो, अमर उजाला/ बिजनौर Published by: NAVEEN GUPTA Updated Sun, 16 Dec 2018 12:10 AM IST
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Sugarcane yields decrease 15 to 20 percent in crop cutting
demo - फोटो : demo
बिजनौर। गन्ना विभाग की ओर से खेतों में कराई जा रही क्रॉप कटिंग में भी गन्ने का उत्पादन कम निकल रहा है। कहीं कहीं तो उत्पादन 20 प्रतिशत से भी ज्यादा कम निकल रहा है। इससे किसानों के गन्ने की पैदावार कम होने के दावों पर भी मुहर लग गई है। गन्ना कम निकलने से चीनी मिल भी अप्रैल में पेराई सत्र खत्म होने का अनुमान लगा रहे हैं। किसानों को गन्ने का इंडेंट इसी के अनुसार दिया जा रहा है।
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अधिक बारिश से इस साल गन्ने की फसल की पैदावार प्रभावित हुई है। किसान खेतों में गन्ना पिछले सालों के मुकाबले 20 प्रतिशत तक कम निकलने का दावा कर रहे थे। किसानों के इस दावे पर गन्ना विभाग की भी मुहर लग गई है। गन्ना विभाग द्वारा खेतों में क्रॉप कटिंग कराई जा रही है। क्रॉप कटिंग के आधार पर जिले भर में फसल की पैदावार का अनुमान लगाया जाता है। गन्ना विभाग द्वारा कराई जा रही क्रॉप कटिंग में गन्ने की पैदावार पिछले साल के मुकाबले दस से 15 प्रतिशत तक कम निकल रही है। कहीं कहीं तो पैदावार 20 प्रतिशत तक भी कम निकल रही है। गन्ना विभाग ने यह क्रॉप कटिंग सामान्य विधि से बोए गए अर्ली प्रजाति के के खेतों से की गई है। बिलाई चीनी मिल के गांव मोहनपुर में क्रॉप कटिंग में गन्ने का उत्पादन 636 और 724 क्विंटल प्रति हेक्टेयर निकला है। स्योहारा मिल के गांव शिकारपुर में उत्पादन 780 और 792 प्रति हेक्टेयर, मंझोली में 828 व 820 क्विंटल प्रति हेक्टेयर, मलकपुर में 852 और 864 क्विंटल, जोतहिम्मा में 900 व 884 क्विंटल प्रति हेक्टेयर पैदावार निकली है।
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पिछले साल 10 करोड़ क्विंटल से ज्यादा हुई थी गन्ने की पैदावार
जिले की खेती के कुल रकबे से आधी जमीन करीब दो लाख दस हजार हेक्टेअर में केवल गन्ने की फसल बोई जाती है। गन्ने की फसल पैदा करने में किसान कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पिछले साल जिले की चीनी मिलों में गन्ना उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से भी अधिक हुआ था। उत्पादन अधिक होने से चीनी भी बंपर बनी थी। जिले की चीनी मिलों में चीनी रिकवरी 13 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गए थी। किसानों ने पिछले साल गन्ने का रकबा बढ़ा दिया था। लेकिन इस साल गन्ने की फसल से किसानों को दोहरी निराशा हुुई है। किसानों को उम्मीद थी कि चुनावी साल होने के कारण इस बार सरकार गन्ना मूल्यों में अच्छी खासी वृद्धि करेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब गन्ने के कम उत्पादन ने किसानों को और निराशा दी है। पिछले साल के मुकाबले प्रति बीघा दस से 15 क्विंटल गन्ना कम निकल रहा है। इस साल अधिक बारिश होने से गन्ने का फुलाव नहीं हुआ और साथ ही गन्ने की फसल पहले के मुकाबले कम विकसित हुई। इस साल गन्ने की पैदावार डेढ़ करोड़ क्विंटल तक कम होने का अनुमान है। इतने गन्ने की कीमत 480 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है।
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डेढ़ करोड़ क्विंटल गन्ना कम
पिछले साल गन्ने का उत्पादन दस करोड़ क्विंटल से अधिक हुआ था। लेकिन इस साल गन्ने की पैदावार 15 से 18 प्रतिशत तक कम है। गन्ने की पैदावार कम होने से गन्ने का उत्पादन डेढ़ करोड़ क्विंटल से भी कम होगा। गन्ना विभाग की क्रॉप कटिंग में भी गन्ना उत्पादन पांच क्विंटल प्रति बीघा तक कम निकला है। जिला गन्ना अधिकारी यशपाल सिंह के अनुसार क्रॉप कटिंग में गन्ने का उत्पादन कम निकल रहा है। अभी खेतों में क्रॉप कटिंग की जा रही है। वेब ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक राहुल चौधरी के मुताबिक पिछले साल के मुकाबले खेतों में गन्ना बहुत कम निकल रहा है। पेराई सत्र अप्रैल में खत्म होने का अनुमान है। इसी के आधार पर किसानों को इंडेंट भेजा जा रहा है।



साल        औसत उत्पादन
2009        530.41
2010        555
2011        550
2012        576.88
2013        584.72
2014        599.32
2015        657.44
2016        686.56
2017        784.04
2018        843.50
नोट : आंकड़े गन्ना विभाग से लिए गए हैं। गन्ना क्विंटल प्रति हेक्टेअर में है।
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