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हिंदी और गणित विषय में कमजोर नहीं रहेंगे छात्र-छात्राएं
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हिंदी और गणित विषय में कमजोर नहीं रहेंगे छात्र-छात्राएं
बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं अब भाषा हिंदी और गणित विषय की पढ़ाई में कमजोर नहीं रहेंगे। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राएं सहायक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से गिनती अक्षरों की पहचान एवं वस्तुओं की संख्या गिनना सीख रहे हैं। साथ ही गणित किट के माध्यम से छात्रों को गिनती के आकार के अतिरिक्त वर्ग, आयत आदि सिखाया जा रहा है।
कोरोनाकाल में स्कूल बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई थी। ऑनलाइन के माध्यम छात्रों को पढ़ाई से जोड़ा गया। कोरोनाकाल की पढ़ाई में कमजोरी को दूर करने के लिए नए नए कदम उठाए जा रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा एक व दो के छात्र-छात्राओं की टीएलएम के माध्यम से पढ़ाई में कमजोरी को दूर किया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक प्रशिक्षण विवेक बंसल ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को हिंदी भाषा एवं गणित विषय की विशेष ट्रेनिंग दी गई। अब वह छात्रों को सहायक शिक्षण सामग्री के माध्यम से अन्य विषयों के साथ हिंदी व गणित विषय में होशियार बनाया जा रहा है।
ऐसे पढ़ाया जा रहा गणित
विद्यालयों में बाल वाटिका एवं कक्षा एक-दो के लिए गणित किट भेजी गई हैं। इस किट में गिनती के आकार के अतिरिक्त वर्ग, आयत, त्रिभुज, गोला, बेलन आदि के आकार शामिल हैं। इन्हें छात्र-छात्राओं को पहचाने के लिए दिया जाता है, जिससे छात्र-छात्राएं विभिन्न आकारों की पहचान करना सीख रहे हैं। किट में भारत की मुद्रा के विभिन्न नोट हैं, जिससे छात्र नोटों की पहचान सीख रहे हैं। सहायक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से गिनती अक्षरों की पहचान एवं वस्तुओं की संख्या गिनना सीख रहे हैं।
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भाषा में ऐसे बन रहे प्रवीण
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा का ज्ञान कराने के लिए नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षक छात्र-छात्राओं को वर्णमाला किट के माध्यम से अक्षरों का ज्ञान करा रहे हैं। इसके साथ कक्षाओं में विभिन्न प्रकार के चार्ट लगाए गए हैं, जिनपर अक्षर एवं उससे बनने वाले शब्दों को चित्र के साथ दर्शाया गया है।
छात्र-छात्राओं को भाषा हिंदी एवं गणित विषय की पढ़ाई में कमजोरी को दूर करने के लिए नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए मास्टर ट्रेनरों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। अब शिक्षक छात्र-छात्राओं को अक्षर, शब्दों को चित्र के साथ तथा बाल वाटिका एवं गणित किट से पढ़ाया जा रहा है।
- जयकरन यादव, बीएसए
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बिजनौर। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र छात्राएं अब भाषा हिंदी और गणित विषय की पढ़ाई में कमजोर नहीं रहेंगे। परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राएं सहायक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से गिनती अक्षरों की पहचान एवं वस्तुओं की संख्या गिनना सीख रहे हैं। साथ ही गणित किट के माध्यम से छात्रों को गिनती के आकार के अतिरिक्त वर्ग, आयत आदि सिखाया जा रहा है।
कोरोनाकाल में स्कूल बंद रहने से छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई थी। ऑनलाइन के माध्यम छात्रों को पढ़ाई से जोड़ा गया। कोरोनाकाल की पढ़ाई में कमजोरी को दूर करने के लिए नए नए कदम उठाए जा रहे हैं। परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों के कक्षा एक व दो के छात्र-छात्राओं की टीएलएम के माध्यम से पढ़ाई में कमजोरी को दूर किया जा रहा है। सर्व शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक प्रशिक्षण विवेक बंसल ने बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षकों को हिंदी भाषा एवं गणित विषय की विशेष ट्रेनिंग दी गई। अब वह छात्रों को सहायक शिक्षण सामग्री के माध्यम से अन्य विषयों के साथ हिंदी व गणित विषय में होशियार बनाया जा रहा है।
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ऐसे पढ़ाया जा रहा गणित
विद्यालयों में बाल वाटिका एवं कक्षा एक-दो के लिए गणित किट भेजी गई हैं। इस किट में गिनती के आकार के अतिरिक्त वर्ग, आयत, त्रिभुज, गोला, बेलन आदि के आकार शामिल हैं। इन्हें छात्र-छात्राओं को पहचाने के लिए दिया जाता है, जिससे छात्र-छात्राएं विभिन्न आकारों की पहचान करना सीख रहे हैं। किट में भारत की मुद्रा के विभिन्न नोट हैं, जिससे छात्र नोटों की पहचान सीख रहे हैं। सहायक शिक्षण सामग्री (टीएलएम) के माध्यम से गिनती अक्षरों की पहचान एवं वस्तुओं की संख्या गिनना सीख रहे हैं।
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भाषा में ऐसे बन रहे प्रवीण
परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा का ज्ञान कराने के लिए नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। शिक्षक छात्र-छात्राओं को वर्णमाला किट के माध्यम से अक्षरों का ज्ञान करा रहे हैं। इसके साथ कक्षाओं में विभिन्न प्रकार के चार्ट लगाए गए हैं, जिनपर अक्षर एवं उससे बनने वाले शब्दों को चित्र के साथ दर्शाया गया है।
छात्र-छात्राओं को भाषा हिंदी एवं गणित विषय की पढ़ाई में कमजोरी को दूर करने के लिए नवाचार का प्रयोग किया जा रहा है। इसके लिए मास्टर ट्रेनरों ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया है। अब शिक्षक छात्र-छात्राओं को अक्षर, शब्दों को चित्र के साथ तथा बाल वाटिका एवं गणित किट से पढ़ाया जा रहा है।
- जयकरन यादव, बीएसए