{"_id":"69de970e4d50597c8202015b","slug":"strike-news-bijnor-news-c-27-1-smrt1025-176994-2026-04-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: चीनी मिल श्रमिकों की हालत दयनीय, संघर्ष तेज करने का एलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: चीनी मिल श्रमिकों की हालत दयनीय, संघर्ष तेज करने का एलान
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
धामपुर। श्रमिक संगठन भारतीय मजदूर संघ का सोमवार को देर शाम जिला सम्मेलन का आयोजन हुआ। बतौर मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश चीनी मिल मजदूर संघ महामंत्री विजेंद्र सिंह ने कहा कि संगठन ने हमेशा देश, उद्योग व श्रमिक हित की भावना से कार्य किया है लेकिन उन्हें समान वेतनमान नहीं दिया जा रहा।
यही वजह है कि प्रदेश में चीनी मिल श्रमिकों की हालत दयनीय है। उन्होंने श्रमिकों से एक होकर हक के लिए संघर्ष को तेज करने का एलान किया है। एक शिशु मंदिर में संपन्न हुए सम्मेलन में जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी मिल वेज बोर्ड श्रमिकों का वेतन उत्तर प्रदेश में अभी भी तीस हजार रुपये से कम है। ऐसे में श्रमिकों का घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। भारतीय मजदूर संघ जिले में संगठन को मजबूत करने करने प्रयास में लगा है। उन्होंने जिले में संगठन विस्तार के लिए समूह सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहन, रेहड़ी पटरी ई-रिक्शा आटो रिक्शा सहित अन्य क्षेत्रों में नई यूनियनों को जाेड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनका संगठन ताकतवर बन सके।
संघ जिलाध्यक्ष बेबी रानी ने आशा/संगिनी बहनों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। कहा कि सरकारी स्तर पर सबसे ज्यादा शोषण इनका ही हो रहा है। वेतन के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा। समूह सखी जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने दो वर्ष से सखी बहिनों के रुके मानदेय को शीघ्र दिलाने की मांग की। सम्मेलन में देवेंद्र दत्त शर्मा डाक विभाग, कार्याध्यक्ष नरदेव सिंह, जितेंद्र सिंह चौहान, चीनी मिल मजदूर संघ कोषाध्यक्ष राजेंद्र पुष्पक, प्रेमलता आदि ने भी विचार रखे। संचालन जिलामंत्री राजवीर सिंह ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
यही वजह है कि प्रदेश में चीनी मिल श्रमिकों की हालत दयनीय है। उन्होंने श्रमिकों से एक होकर हक के लिए संघर्ष को तेज करने का एलान किया है। एक शिशु मंदिर में संपन्न हुए सम्मेलन में जिलाध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने कहा कि चीनी मिल वेज बोर्ड श्रमिकों का वेतन उत्तर प्रदेश में अभी भी तीस हजार रुपये से कम है। ऐसे में श्रमिकों का घर चलाना भी मुश्किल हो रहा है। भारतीय मजदूर संघ जिले में संगठन को मजबूत करने करने प्रयास में लगा है। उन्होंने जिले में संगठन विस्तार के लिए समूह सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आशा बहन, रेहड़ी पटरी ई-रिक्शा आटो रिक्शा सहित अन्य क्षेत्रों में नई यूनियनों को जाेड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उनका संगठन ताकतवर बन सके।
विज्ञापन
संघ जिलाध्यक्ष बेबी रानी ने आशा/संगिनी बहनों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की। कहा कि सरकारी स्तर पर सबसे ज्यादा शोषण इनका ही हो रहा है। वेतन के नाम पर कुछ नहीं दिया जा रहा। समूह सखी जिलाध्यक्ष मंजू देवी ने दो वर्ष से सखी बहिनों के रुके मानदेय को शीघ्र दिलाने की मांग की। सम्मेलन में देवेंद्र दत्त शर्मा डाक विभाग, कार्याध्यक्ष नरदेव सिंह, जितेंद्र सिंह चौहान, चीनी मिल मजदूर संघ कोषाध्यक्ष राजेंद्र पुष्पक, प्रेमलता आदि ने भी विचार रखे। संचालन जिलामंत्री राजवीर सिंह ने किया।
विज्ञापन