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वन विभाग चुनौती के बावजूद गुलदारों के आतंक से निपटने में जुटा
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गुलदारों से निपटने के लिए स्टाफ की कमी बन रही चुनौती
नजीबाबाद(बिजनौर)। बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार से निपटने के लिए बिजनौर वन प्रभाग स्टाफ की कमी की चुनौती झेल रहा है। वन विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की कमी है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के अंतर्गत पांच रेंज आती हैं। कौड़िया, साहनपुर, बढ़ापुर, राजगढ़ और साहूवाला के विस्तृत वन क्षेत्र नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आता है। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने गुलदार के हमलों से निपटने के लिए वनकर्मियों को गश्त बढ़ाने, ग्रामीणों के संपर्क में रहने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते गुलदार के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग के पास स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त वन कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
पांच रेंज के लिए मात्र तीन वनकर्मी
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में दो एसडीओ पद हैं दोनों ही पद काफी समय से रिक्त हैं। पांच रेंज के लिए मात्र तीन वन क्षेत्राधिकारी हैं। 46 वन दरोगा पद के विपरीत विभाग के पास मात्र 37 वन दरोगा हैं। इतना ही नहीं 36 फोरेस्ट गार्ड के पद की जगह पर वर्तमान में मात्र 14 फोरेस्ट गार्ड हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण वन विभाग की वन्यजीवों से ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए चौकसी और गश्त प्रभावित है। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि स्टाफ की कमी के बावजूद वनकर्मी पूरे हौसले के साथ ग्रामीणों और फसल सुरक्षा के प्रति समर्पित रहकर अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं।
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सप्ताह के भीतर पीड़ितों को मिलेगी आर्थिक सहायता
नजीबाबाद। बिजनौर वन प्रभाग एक सप्ताह के भीतर गुलदार द्वारा मारे गए छात्र प्रशांत सहित तीन परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने तत्काल प्रभाव से भोगपुर के प्रशांत, प्रेमपुरी के चेतन और सराय आलम के चमन को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश किए हैं। संबंधित परिजनों के खातों में जल्द धनराशि पहुंचेगी।
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नजीबाबाद(बिजनौर)। बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार से निपटने के लिए बिजनौर वन प्रभाग स्टाफ की कमी की चुनौती झेल रहा है। वन विभाग के पास पर्याप्त स्टाफ और संसाधनों की कमी है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के अंतर्गत पांच रेंज आती हैं। कौड़िया, साहनपुर, बढ़ापुर, राजगढ़ और साहूवाला के विस्तृत वन क्षेत्र नजीबाबाद वन प्रभाग के अंतर्गत आता है। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने गुलदार के हमलों से निपटने के लिए वनकर्मियों को गश्त बढ़ाने, ग्रामीणों के संपर्क में रहने के सख्त निर्देश दिए हैं, लेकिन स्टाफ की कमी के चलते गुलदार के बढ़ते हमलों को देखते हुए वन विभाग के पास स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त वन कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध नहीं हैं।
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पांच रेंज के लिए मात्र तीन वनकर्मी
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद में दो एसडीओ पद हैं दोनों ही पद काफी समय से रिक्त हैं। पांच रेंज के लिए मात्र तीन वन क्षेत्राधिकारी हैं। 46 वन दरोगा पद के विपरीत विभाग के पास मात्र 37 वन दरोगा हैं। इतना ही नहीं 36 फोरेस्ट गार्ड के पद की जगह पर वर्तमान में मात्र 14 फोरेस्ट गार्ड हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण वन विभाग की वन्यजीवों से ग्रामीणों को सुरक्षा दिलाने के लिए चौकसी और गश्त प्रभावित है। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने कहा कि स्टाफ की कमी के बावजूद वनकर्मी पूरे हौसले के साथ ग्रामीणों और फसल सुरक्षा के प्रति समर्पित रहकर अपने दायित्व का निर्वाह कर रहे हैं।
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सप्ताह के भीतर पीड़ितों को मिलेगी आर्थिक सहायता
नजीबाबाद। बिजनौर वन प्रभाग एक सप्ताह के भीतर गुलदार द्वारा मारे गए छात्र प्रशांत सहित तीन परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएगा। डीएफओ डॉ. मनोज कुमार शुक्ला ने बताया कि जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने तत्काल प्रभाव से भोगपुर के प्रशांत, प्रेमपुरी के चेतन और सराय आलम के चमन को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के आदेश किए हैं। संबंधित परिजनों के खातों में जल्द धनराशि पहुंचेगी।