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तो तीन गुलदारों ने ली है छह लोगों की जान
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तो तीन गुलदारों ने ली है छह लोगों की जान
बिजनौर। जिले में छह लोगों की जान तीन गुलदारों ने ली है। इनमें से एक गुलदार को गांव वालों ने घेरकर मार दिया, जबकि दो अभी आजाद हैं। बचे हुए दो गुलदारों को पकड़ने के लिए अब वन विभाग पूरा जोर लगाने की बात कह रहा है।
गुलदार ने सबसे पहले 27 नवंबर को गांव नवादा में शिमला देवी को मारा था। इसके बाद दस दिसंबर को सराय आलम में चमन, 16 दिसंबर को गांव प्रेमपुरी में चेतन, 25 दिसंबर को गांव प्रेमपुरी में इशिका व 26 दिसंबर को गांव मोहंडिया में शफीक को मारा था। सोमवार को छात्र प्रशांत को मारने वाले के बाद यह माना जा रहा था कि उक्त गांव को इसी गुलदार ने मारा था। लेकिन जांच में मारा गया गुलदार नर निकला। गांव मोहंडिया में वन विभाग द्वारा घेरी जा रही गुलदार मादा है। विशेषज्ञों ने पद चिन्हों की जांच में उसके मादा होने की पुष्टि की है। इसके अलावा गांव प्रेमपुरी गांव भोगपुर से काफी दूरी पर है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि गुलदार एक दिन में दस किलोमीटर तक क्षेत्र में घूमता है, लेकिन वह आमतौर पर सुरक्षित स्थान मिलने पर वहां डेरा भी डाल देता है। गांव प्रेमपुरी में चेतन को मारने वाला गुलदार भोगपुर की ओर नहीं आ सकता है। चेतन को मारने वाले गुलदार ने उसका शव खाया भी था। चेतन को ले जाने से एक दिन पहले गांव अकबरपुर चौगांवा की एक बच्ची को भी उठा ले जाने की कोशिश की थी। छह लोगों की जान लेने वाले तीन गुलदारों में से एक को गांव वालों ने मार दिया। मोहंडिया की मादा गुलदार भी कई दिन से एक ही खेत में छिपी है। अब प्रेमपुरी के गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग तैयारी करेगा। उस गुलदार के मुंह इंसानी खून भी लग चुका है। वह भी बच्चों का ही शिकार कर रहा है।
बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के डीएफओ मनोज शुक्ला के अनुसार के अनुसार गांव प्रेमपुरी व भोगपुर में हमला करने वाले गुलदार अलग अलग हैं। प्रेमपुरी के पास गुलदार को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।
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आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा
बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने गांव भोगपुर में गुलदार के हमले में मारे गए छात्र प्रशांत के परिजनों को शासन की ओर से पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा की है।
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बिजनौर। जिले में छह लोगों की जान तीन गुलदारों ने ली है। इनमें से एक गुलदार को गांव वालों ने घेरकर मार दिया, जबकि दो अभी आजाद हैं। बचे हुए दो गुलदारों को पकड़ने के लिए अब वन विभाग पूरा जोर लगाने की बात कह रहा है।
गुलदार ने सबसे पहले 27 नवंबर को गांव नवादा में शिमला देवी को मारा था। इसके बाद दस दिसंबर को सराय आलम में चमन, 16 दिसंबर को गांव प्रेमपुरी में चेतन, 25 दिसंबर को गांव प्रेमपुरी में इशिका व 26 दिसंबर को गांव मोहंडिया में शफीक को मारा था। सोमवार को छात्र प्रशांत को मारने वाले के बाद यह माना जा रहा था कि उक्त गांव को इसी गुलदार ने मारा था। लेकिन जांच में मारा गया गुलदार नर निकला। गांव मोहंडिया में वन विभाग द्वारा घेरी जा रही गुलदार मादा है। विशेषज्ञों ने पद चिन्हों की जांच में उसके मादा होने की पुष्टि की है। इसके अलावा गांव प्रेमपुरी गांव भोगपुर से काफी दूरी पर है। वन विभाग के अफसरों का कहना है कि गुलदार एक दिन में दस किलोमीटर तक क्षेत्र में घूमता है, लेकिन वह आमतौर पर सुरक्षित स्थान मिलने पर वहां डेरा भी डाल देता है। गांव प्रेमपुरी में चेतन को मारने वाला गुलदार भोगपुर की ओर नहीं आ सकता है। चेतन को मारने वाले गुलदार ने उसका शव खाया भी था। चेतन को ले जाने से एक दिन पहले गांव अकबरपुर चौगांवा की एक बच्ची को भी उठा ले जाने की कोशिश की थी। छह लोगों की जान लेने वाले तीन गुलदारों में से एक को गांव वालों ने मार दिया। मोहंडिया की मादा गुलदार भी कई दिन से एक ही खेत में छिपी है। अब प्रेमपुरी के गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग तैयारी करेगा। उस गुलदार के मुंह इंसानी खून भी लग चुका है। वह भी बच्चों का ही शिकार कर रहा है।
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बिजनौर वन प्रभाग नजीबाबाद के डीएफओ मनोज शुक्ला के अनुसार के अनुसार गांव प्रेमपुरी व भोगपुर में हमला करने वाले गुलदार अलग अलग हैं। प्रेमपुरी के पास गुलदार को पकड़ने की पूरी कोशिश की जा रही है।
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आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा
बिजनौर। जिलाधिकारी रमाकांत पांडेय ने गांव भोगपुर में गुलदार के हमले में मारे गए छात्र प्रशांत के परिजनों को शासन की ओर से पांच लाख रुपये आर्थिक सहायता दिलाने की घोषणा की है।