बिजनौर: चार दिन से मोलार इन्फेक्शन से तड़प रहे हाथी ने तोड़ा दम, पोस्टमार्टम को भेजा शव
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16 फरवरी को वन विभाग की बढ़ापुर रेंज को वन रेंज के सीमावर्ती मोजा चकमियां मोहकमपुर स्थित एक किसान बुंदू के गन्ने के खेत में एक बीमार हाथी के पड़े होने की सूचना मिली थी। रेंज के प्रभारी वन क्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह रावत और डीएफओ नजीबाबाद नेपशु चिकित्सक रविंद्र कुमार से बीमार हाथी का उपचार कराया।
वन संरक्षक मुरादाबाद जावेद अख्तर एवं डीएफओ नजीबाबाद मनोज कुमार शुक्ला मौके पर पहुंचे। जेसीबी मंगाकर जेसीबी से हाथी को खड़ा करने की कोशिश की गई। लेकिन थोड़ी दूर जाकर हाथी फिर गिर गया।
मंगलवार को हाथी के उपचार के लिए मथुरा से एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर के ट्रेंड डाक्टर राहुल राजपूत अपनी पांच सदस्यों की टीम एवं कानपुर जू के डॉक्टर नासिर यहां आए और मुख्य वन संरक्षक (बरेली) ललित वर्मा की देखरेख में हाथी का उपचार शुरू किया था।
लेकिन हाथी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार को हाथी की मौत हो गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाथी की मौत का कारण हाथी के ऊपरी जबड़े का मोलार दांत टूटने की वजह से मुंह में घाव होना माना। हाथी द्वारा कुछ नहीं खाने पर संक्रमण लगातार बढ़ने की वजह से मौत हो गई।
हाथी के शव को जेसीबी की सहायता से बढ़ापुर रेंज कार्यालय परिसर ले जाया गया। जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के लिए बरेली से पशु चिकित्सकों की टीम यहां के लिए रवाना हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को रेंज कार्यालय परिसर के समीप ही दफनाया जाएगा।