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शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 25 Feb 2017 12:06 AM IST
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बिजनौर के बालाजी मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर मे महाशिवरात्रि पर्व पर नगर और देहात क्षेत्र के मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के बीच भगवान आशुतोष का जलाभिषेक किया।
बृहस्पतिवार आधी रात से ही मंदिरों में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह को भी कांवड़िए ढ़ोल-नगाड़ों के साथ परिजनों को लेकर मंदिर पहुंचे और शुभ मुहूर्त में महादेव का जलाभिषेक किया। गांव खारी स्थित प्राचीन झाड़खंडी शिव मंदिर में रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो गया था। 12 बजे के पहले से श्रद्धालु कांवड़ के साथ लाइन में लगे थे। रात 12 बजे से शुरू हुआ कांवड़ चढ़ाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कावड़ियों के अलावा भी यहां बड़ी तादाद में दूर-दराज के श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुुंचे । इस मंदिर पर मेले का आयोजन भी हुआ। झालू स्थित मनोकामना शिव मंदिर, छतरी वाला कुआं स्थित मंदिर, बिजनौर में चामुंडा मंदिर, शीतला माता मंदिर, श्री शिव मंदिर बाबा लंगोटिया महाराज, हरिहर मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, राम बाग घेर स्थित शिव मंदिर आदि में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
बेगावाला में क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर मंडावली के शिव मंदिर, धारूवाला के शिव मंदिर, चंदपुरा कॉलोनी, धर्मनगरी, बाकरपुर गढ़ी के मंदिरों में शिवभक्तों ने महादेव का जलाभिषेक किया। मोहम्मदपुर मंडावली के मंदिर पर शिवभक्तों के रात्रि विश्राम की भी व्यवस्था थी। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था।
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मंडावर में गांव तीतरवाला स्थित गौरी शंकर मंदिर में आसपास के गांवों के कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर पर मेला भी लगाया गया। पुजारी कूड़वा गिरि का कहना है कि मंदिर में मांगी गई मन्नत पूरी होती है। गजरौलाशिव में गांव गजरौलाशिव में मनका माहेश्वर शिव मंदिर में जल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने यहां कांवड़ चढ़ाई। इस दौरान मंदिर में मेले का आयोजन हुआ। महंत बाबा बालकनाथ ने व्यवस्था देखी।
नींदडू़ में क्षेत्र के मनकुआ, सरकथल माधो, मौज्जमपुर सूरज, अजीतपुर दासी, कोटरा टप्पा केशो, दौलतपुर सुक्खा तथा बखशनपुर आदि गांवों में शिवभक्तों ने मंदिरों में गंगा जल एवं प्रसाद चढ़ाया।
हल्दौर। नगर व क्षेत्र के गांव नांगलजट, बिलाई, बिसाठ, अम्हेड़ा, पैजनियां, खासपुरा आदि में शुक्रवार को शिव भक्तों ने मंदिर पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और उपवास रखा।
किरतपुर में शिव भक्तों ने शिवालयों में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं का तांता मंदिरों में लगा रहा। प्राचीन मंदिर, देवाशंकर मंदिर, हरिहर मंदिर, श्रीनिलेश्वर महादेव मंदिर, बाबा चैनपुरी शिव मंदिर, हनुमानधाम स्थित शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
वहीं नजीबाबाद में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। शिवभक्तों ने शिवालयों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। उधर, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में महाशिवरात्रि पर्व पर सत्संग का आयोजन किया गया।
प्राचीन मोटा महादेव शिव मंदिर, टीला स्थित शिव मंदिर, मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, जयनगर स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर, सीकेआई चौराहा स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित शिवमूर्ति, शिव मंदिर, कोतवाली मार्ग स्थित शिव मूर्ति पर शिव भक्तों ने परंपरागत शिव पूजन के साथ जलाभिषेक किया।
उधर, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रमेश नगर में ब्रह्माकुमारी गीता ने शिवरात्रि महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि परमात्मा शिव का अवतरण विषय-विकारों की कालिमा से लिप्त अज्ञान निद्रा में सोए मनुष्य को जगाने के लिए होता है। कार्यक्रम में नरेंद्र कक्कड़, उमेश, अरुण, मोहित, इंदर, जगत, यादराम, अलका, रजनी, दीपिका, वर्षा, शीतल, मनोहर लाल, बाला, नीलम, शकुंतला, बीनू आदि शामिल रहे।
वहीं धामपुर में महाशिवरात्रि का पर्व आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर धामपुर और अफजलगढ़ में कांवड़ियों ने भगवान शंकर की बारात निकाली। बारात का कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत हुआ। धामपुर में हाईवे किनारे सैनी मंदिर में नगर में परंपरागत तरीके से भगवान शंकर की बारात निकाली। बारात में शुक्र , शनि , राहू, केतु, भूत पिशाच आदि देवगण और राक्षस बने नागरिक बैँड बाजे की धुन पर डांस करते हुए चल रहे थे। शुक्रवार भी देर शाम तक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को भगवान शिव की मंदिरों में आराधना की और सामूहिक आरती हुई। टीचर्स कालोनी, स्टेट बैंक कालोनी, चंपा देवी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, लोहियान शिव मंदिर, पंजाबी शिवमंदिर, बड़ा पंचायती शिव मंदिर, मंदिर कालियावाला में जलाभिषेक करने को लेकर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अफजलगढ़, शेरकोट, रेहड़, हरेवली, में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया। कालागढ़ में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर जला लाने वाले श्रृद्धालुओं ने कालागढ़ में शिव मंदिर, देवालय में जल चढ़ाया। इस दौरान मंदिरों में सुबह से श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहा। नई कालोनी में कांवड़ यात्री सेवा शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने कांवड़ियों की सेवा की। इस दौरान भोजन, मेडिकल, दूध, फल आदि की व्यवस्था की गई।
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बृहस्पतिवार आधी रात से ही मंदिरों में कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की भीड़ लगनी शुरू हो गई। शुक्रवार सुबह को भी कांवड़िए ढ़ोल-नगाड़ों के साथ परिजनों को लेकर मंदिर पहुंचे और शुभ मुहूर्त में महादेव का जलाभिषेक किया। गांव खारी स्थित प्राचीन झाड़खंडी शिव मंदिर में रात 12 बजे से जलाभिषेक शुरू हो गया था। 12 बजे के पहले से श्रद्धालु कांवड़ के साथ लाइन में लगे थे। रात 12 बजे से शुरू हुआ कांवड़ चढ़ाने का सिलसिला दिनभर चलता रहा। कावड़ियों के अलावा भी यहां बड़ी तादाद में दूर-दराज के श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुुंचे । इस मंदिर पर मेले का आयोजन भी हुआ। झालू स्थित मनोकामना शिव मंदिर, छतरी वाला कुआं स्थित मंदिर, बिजनौर में चामुंडा मंदिर, शीतला माता मंदिर, श्री शिव मंदिर बाबा लंगोटिया महाराज, हरिहर मंदिर, पंचमुखी हनुमान मंदिर, राम बाग घेर स्थित शिव मंदिर आदि में कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया।
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बेगावाला में क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर मंडावली के शिव मंदिर, धारूवाला के शिव मंदिर, चंदपुरा कॉलोनी, धर्मनगरी, बाकरपुर गढ़ी के मंदिरों में शिवभक्तों ने महादेव का जलाभिषेक किया। मोहम्मदपुर मंडावली के मंदिर पर शिवभक्तों के रात्रि विश्राम की भी व्यवस्था थी। मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया था।
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मंडावर में गांव तीतरवाला स्थित गौरी शंकर मंदिर में आसपास के गांवों के कांवड़ियों व श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। मंदिर पर मेला भी लगाया गया। पुजारी कूड़वा गिरि का कहना है कि मंदिर में मांगी गई मन्नत पूरी होती है। गजरौलाशिव में गांव गजरौलाशिव में मनका माहेश्वर शिव मंदिर में जल चढ़ाने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं ने यहां कांवड़ चढ़ाई। इस दौरान मंदिर में मेले का आयोजन हुआ। महंत बाबा बालकनाथ ने व्यवस्था देखी।
नींदडू़ में क्षेत्र के मनकुआ, सरकथल माधो, मौज्जमपुर सूरज, अजीतपुर दासी, कोटरा टप्पा केशो, दौलतपुर सुक्खा तथा बखशनपुर आदि गांवों में शिवभक्तों ने मंदिरों में गंगा जल एवं प्रसाद चढ़ाया।
हल्दौर। नगर व क्षेत्र के गांव नांगलजट, बिलाई, बिसाठ, अम्हेड़ा, पैजनियां, खासपुरा आदि में शुक्रवार को शिव भक्तों ने मंदिर पहुंचकर शिवलिंग का जलाभिषेक कर विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की और उपवास रखा।
किरतपुर में शिव भक्तों ने शिवालयों में जाकर शिवलिंग का जलाभिषेक किया। हरिद्वार से कांवड़ लेकर आए श्रद्धालुओं का तांता मंदिरों में लगा रहा। प्राचीन मंदिर, देवाशंकर मंदिर, हरिहर मंदिर, श्रीनिलेश्वर महादेव मंदिर, बाबा चैनपुरी शिव मंदिर, हनुमानधाम स्थित शिव मंदिर में हजारों श्रद्धालु पहुंचे।
वहीं नजीबाबाद में महाशिवरात्रि का पर्व श्रद्धा भाव के साथ संपन्न हुआ। शिवभक्तों ने शिवालयों पर पहुंचकर जलाभिषेक किया। उधर, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में महाशिवरात्रि पर्व पर सत्संग का आयोजन किया गया।
प्राचीन मोटा महादेव शिव मंदिर, टीला स्थित शिव मंदिर, मुक्तेश्वर महादेव मंदिर, जयनगर स्थित प्रज्ञेश्वर महादेव मंदिर, सीकेआई चौराहा स्थित शिवशक्ति धाम मंदिर, रेलवे स्टेशन स्थित शिवमूर्ति, शिव मंदिर, कोतवाली मार्ग स्थित शिव मूर्ति पर शिव भक्तों ने परंपरागत शिव पूजन के साथ जलाभिषेक किया।
उधर, प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय रमेश नगर में ब्रह्माकुमारी गीता ने शिवरात्रि महत्व पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि परमात्मा शिव का अवतरण विषय-विकारों की कालिमा से लिप्त अज्ञान निद्रा में सोए मनुष्य को जगाने के लिए होता है। कार्यक्रम में नरेंद्र कक्कड़, उमेश, अरुण, मोहित, इंदर, जगत, यादराम, अलका, रजनी, दीपिका, वर्षा, शीतल, मनोहर लाल, बाला, नीलम, शकुंतला, बीनू आदि शामिल रहे।
वहीं धामपुर में महाशिवरात्रि का पर्व आस्था के साथ धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया और सुख समृद्धि की कामना की। इस मौके पर धामपुर और अफजलगढ़ में कांवड़ियों ने भगवान शंकर की बारात निकाली। बारात का कई स्थानों पर पुष्पवर्षा कर स्वागत हुआ। धामपुर में हाईवे किनारे सैनी मंदिर में नगर में परंपरागत तरीके से भगवान शंकर की बारात निकाली। बारात में शुक्र , शनि , राहू, केतु, भूत पिशाच आदि देवगण और राक्षस बने नागरिक बैँड बाजे की धुन पर डांस करते हुए चल रहे थे। शुक्रवार भी देर शाम तक मंदिरों में श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। शाम को भगवान शिव की मंदिरों में आराधना की और सामूहिक आरती हुई। टीचर्स कालोनी, स्टेट बैंक कालोनी, चंपा देवी मंदिर, राधा कृष्ण मंदिर, लोहियान शिव मंदिर, पंजाबी शिवमंदिर, बड़ा पंचायती शिव मंदिर, मंदिर कालियावाला में जलाभिषेक करने को लेकर दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। अफजलगढ़, शेरकोट, रेहड़, हरेवली, में महाशिवरात्रि का त्योहार धूमधाम से मनाया। कालागढ़ में महाशिवरात्रि पर मंदिरों में जलाभिषेक किया गया। हरिद्वार से कांवड़ यात्रा कर जला लाने वाले श्रृद्धालुओं ने कालागढ़ में शिव मंदिर, देवालय में जल चढ़ाया। इस दौरान मंदिरों में सुबह से श्रृद्धालुओं का तांता लगा रहा। नई कालोनी में कांवड़ यात्री सेवा शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने कांवड़ियों की सेवा की। इस दौरान भोजन, मेडिकल, दूध, फल आदि की व्यवस्था की गई।