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इबादतों के साथ मनाई गई शब-ए-बरात, मांगी दुआएं
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इबादतों के साथ मनाई गई शब-ए-बरात, मांगी दुआएं
नजीबाबाद। शब-ए-बरात अकीदे के साथ मनाई गई। मस्जिदों में खास इबादतों का आयोजन किया गया। मुस्लिमों ने इबादत के दौरान अल्लाह से गुनाहों को माफ करने की इल्तिजा की।
शब-ए-बरात परंपरागत अकीदे के साथ मनाई गई। जुमे की नमाज के दौरान जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिमों ने जुमे की नमाज अदा की। शब-ए-बरात पर नगर की विभिन्न मस्जिदों में तकरीरों और इबादतों का सिलसिला जारी रहा। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मो.ईसा सहित विभिन्न मस्जिदों में तकरीर के दौरान उलमा ने दीन और इमान के रास्ते पर चलने, रोजा-नमाज की पाबंदी करने की मुस्लिमों को सलाह दी।
उलमा ने कहा कि शब-ए-बरात की रात वह रात है, जिसमें इबादत करने से अल्लाह गुनाहों को माफ फरमाते हैं। देर शाम तक मस्जिदों में इबादतों का सिलसिला जारी रहा। जलालाबाद सहित कई स्थानों पर जलसे का भी आयोजन किया गया। सामूहिक दुआ में मुल्क और दुनिया में अमन चैन और बीमारों की शिफा की दुआएं की गईं।
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मुस्लिमों ने इबादत के बाद कब्रिस्तानों में पहुंचकर दुनिया से रुखसत हो चुके परिजनों की मगफिरत की दुआएं कीं।
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नजीबाबाद। शब-ए-बरात अकीदे के साथ मनाई गई। मस्जिदों में खास इबादतों का आयोजन किया गया। मुस्लिमों ने इबादत के दौरान अल्लाह से गुनाहों को माफ करने की इल्तिजा की।
शब-ए-बरात परंपरागत अकीदे के साथ मनाई गई। जुमे की नमाज के दौरान जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों में मुस्लिमों ने जुमे की नमाज अदा की। शब-ए-बरात पर नगर की विभिन्न मस्जिदों में तकरीरों और इबादतों का सिलसिला जारी रहा। जामा मस्जिद के पेश इमाम मौलाना मो.ईसा सहित विभिन्न मस्जिदों में तकरीर के दौरान उलमा ने दीन और इमान के रास्ते पर चलने, रोजा-नमाज की पाबंदी करने की मुस्लिमों को सलाह दी।
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उलमा ने कहा कि शब-ए-बरात की रात वह रात है, जिसमें इबादत करने से अल्लाह गुनाहों को माफ फरमाते हैं। देर शाम तक मस्जिदों में इबादतों का सिलसिला जारी रहा। जलालाबाद सहित कई स्थानों पर जलसे का भी आयोजन किया गया। सामूहिक दुआ में मुल्क और दुनिया में अमन चैन और बीमारों की शिफा की दुआएं की गईं।
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मुस्लिमों ने इबादत के बाद कब्रिस्तानों में पहुंचकर दुनिया से रुखसत हो चुके परिजनों की मगफिरत की दुआएं कीं।