{"_id":"5e3f04988ebc3ee5f9167753","slug":"settlement-of-8-thousand-712-promises-in-lok-adalat-bijnor-news-mrt467980284","type":"story","status":"publish","title_hn":"लोक अदालत में हुआ आठ हजार 712 वादों का निस्तारण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लोक अदालत में हुआ आठ हजार 712 वादों का निस्तारण
विज्ञापन
बिजनौर में जजी में राष्ट्रीय लोक अदालत में उमड़़ी भीड़।
- फोटो : BIJNOR
बिजनौर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में आठ हजार 712 वादों का निस्तारण किया गया। बैंक रिकवरी के 830 मामलों में छह करोड़ 30 लाख रुपये वसूले जाने के समझौते संपन्न हुए।
शनिवार को जनपद के सभी न्यायालयों में लोक अदालत की कार्रवाई शुरू हुई। प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी के अनुसार जिला जज जयश्री आहूजा ने 36 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विजेंद्र सिंह ने मोटर दुर्घटना से संबंधित 16 वादों का निस्तारण करते हुए 83 लाख 69 हजार रुपये की धनराशि दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को दिलाई गई। अतिरिक्त न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के 14 वादों का निस्तारण किया।
प्रधान परिवार न्यायाधीश चंपत सिंह ने 18 वादों का एवं अतिरिक्त प्रधान परिवार न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने 42 वादों का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट्स ने 198 वादों का निस्तारण किया गया। सीजेएम योगेश कुमार ने 177 और एसीजेएम नगीना चंद्रशेखर ने 386 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत में कुल एक हजार 35 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज जेडी नगीना ने 153, सिविल जज जूनियर डिवीजन चांदपुर ने 253 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत में सिविल के 502 वादों का निस्तारण हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला जज जयश्री आहूजा ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। संचालन प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एडीजे सुनील कुमार, एडीजे सुनील पांडेय, एडीजे राजकुमार बंसल ने किया।
विज्ञापन
डीएम की अगुआई में हुआ छह हजार 133 वादों का निस्तारण
बिजनौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक योगदान जिला प्रशासन का रहा। डीएम रमाकांत पांडेय की अगुआई में राजस्व के छह हजार 133 वादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने 161 वादों का निस्तारण किया। एसडीएम, तहसीलदार, सहायक महानिरीक्षक स्टांप, श्रमायुक्त के न्यायालयों में भू-राजस्व अधिनियम, स्टांप अधिनियम, प्री-लिटिगेशन आदि के पांच हजार 977 वादों का निस्तारण हुआ।
तीन विवाहित बिछुड़े जोड़ों को मिलाया गया
बिजनौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबे समय से मुकदमेबाजी में उलझे तीन जोड़ों को सुलह समझौते से आपस में मिलाया गया। गांव चौंकपुरी निवासी रोहित की शादी नांगल सोती निवासी शिवानी से आठ फरवरी 2015 को हुई थी। इनकी एक पुत्री अंशिका दो अक्तूबर 2017 से घरेलू विवाद के बाद रोहित और शिवानी अलग अलग रह रहे थे। लोक अदालत में अतिरिक्त परिवार न्यायालय की जज चित्रा शर्मा के प्रयासों से दोनों ने खुशी खुशी फिर से साथ रहना स्वीकार किया।
थाना किरतपुर के ग्राम बसेड़ा निवासी गुलजार अहमद का निकाह थाना धामपुर के गांव हकीमपुर निवासी नुसरत उर्फ फात्मा के साथ 30 मई 2010 को हुआ था। इनके दो लड़कियां पैदा हुईं। आपस में विवाद होने पर सात मार्च 2019 से दोनों पति-पत्नी अलग अलग रह रहे थे और मुकदमेबाजी में उलझे थे। परिवार न्यायधीश चंपत सिंह ने इन दोनों का समझौता कराया। परिवार न्यायधीश ने अलग अलग रह रहे शाईस्ता निवासी सहसपुर व उसके पति शेरकोट निवासी मोहम्मद सलीम को भी मिलाया। इनका निकाह 12 अक्तूबर 2014 को हुआ था। इनके दो बच्चे हैं। जनवरी 2017 से ये अलग-अलग रह रहे थे और न्यायालय में इनका वाद चल रहा था।
विज्ञापन
शनिवार को जनपद के सभी न्यायालयों में लोक अदालत की कार्रवाई शुरू हुई। प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी के अनुसार जिला जज जयश्री आहूजा ने 36 वादों का निस्तारण किया। मोटर दुर्घटना क्लेम ट्रिब्यूनल के पीठासीन अधिकारी विजेंद्र सिंह ने मोटर दुर्घटना से संबंधित 16 वादों का निस्तारण करते हुए 83 लाख 69 हजार रुपये की धनराशि दुर्घटना पीड़ितों के परिजनों को दिलाई गई। अतिरिक्त न्यायाधीश आरए कौशिक ने चेक बाउंस के 14 वादों का निस्तारण किया।
विज्ञापन
प्रधान परिवार न्यायाधीश चंपत सिंह ने 18 वादों का एवं अतिरिक्त प्रधान परिवार न्यायाधीश चित्रा शर्मा ने 42 वादों का निस्तारण किया। एडीजे कोर्ट्स ने 198 वादों का निस्तारण किया गया। सीजेएम योगेश कुमार ने 177 और एसीजेएम नगीना चंद्रशेखर ने 386 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत में कुल एक हजार 35 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण किया गया। सिविल जज जेडी नगीना ने 153, सिविल जज जूनियर डिवीजन चांदपुर ने 253 वादों का निस्तारण किया। लोक अदालत में सिविल के 502 वादों का निस्तारण हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जिला जज जयश्री आहूजा ने दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया। संचालन प्राधिकरण के सचिव जज विमल त्रिपाठी, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी एडीजे सुनील कुमार, एडीजे सुनील पांडेय, एडीजे राजकुमार बंसल ने किया।
विज्ञापन
डीएम की अगुआई में हुआ छह हजार 133 वादों का निस्तारण
बिजनौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में सर्वाधिक योगदान जिला प्रशासन का रहा। डीएम रमाकांत पांडेय की अगुआई में राजस्व के छह हजार 133 वादों का निस्तारण किया गया। जिलाधिकारी ने 161 वादों का निस्तारण किया। एसडीएम, तहसीलदार, सहायक महानिरीक्षक स्टांप, श्रमायुक्त के न्यायालयों में भू-राजस्व अधिनियम, स्टांप अधिनियम, प्री-लिटिगेशन आदि के पांच हजार 977 वादों का निस्तारण हुआ।
तीन विवाहित बिछुड़े जोड़ों को मिलाया गया
बिजनौर। राष्ट्रीय लोक अदालत में लंबे समय से मुकदमेबाजी में उलझे तीन जोड़ों को सुलह समझौते से आपस में मिलाया गया। गांव चौंकपुरी निवासी रोहित की शादी नांगल सोती निवासी शिवानी से आठ फरवरी 2015 को हुई थी। इनकी एक पुत्री अंशिका दो अक्तूबर 2017 से घरेलू विवाद के बाद रोहित और शिवानी अलग अलग रह रहे थे। लोक अदालत में अतिरिक्त परिवार न्यायालय की जज चित्रा शर्मा के प्रयासों से दोनों ने खुशी खुशी फिर से साथ रहना स्वीकार किया।
थाना किरतपुर के ग्राम बसेड़ा निवासी गुलजार अहमद का निकाह थाना धामपुर के गांव हकीमपुर निवासी नुसरत उर्फ फात्मा के साथ 30 मई 2010 को हुआ था। इनके दो लड़कियां पैदा हुईं। आपस में विवाद होने पर सात मार्च 2019 से दोनों पति-पत्नी अलग अलग रह रहे थे और मुकदमेबाजी में उलझे थे। परिवार न्यायधीश चंपत सिंह ने इन दोनों का समझौता कराया। परिवार न्यायधीश ने अलग अलग रह रहे शाईस्ता निवासी सहसपुर व उसके पति शेरकोट निवासी मोहम्मद सलीम को भी मिलाया। इनका निकाह 12 अक्तूबर 2014 को हुआ था। इनके दो बच्चे हैं। जनवरी 2017 से ये अलग-अलग रह रहे थे और न्यायालय में इनका वाद चल रहा था।