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10 पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे
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किरतपुर के गांव गनौरा में पाइप लाइन पेयजल योजना के लिए नलकूप का बोरिंग कराते जल निगम के अधिकारी।
- फोटो : BIJNOR
दस पेयजल परियोजनाओं के प्रस्ताव भेजे
अचल चौधरी
बिजनौर। घर-घर पाइप लाइन से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए दस और प्रोजेक्ट तैयार कर लिए गए हैं। अभी तक 159 प्रोजेक्ट शासन को भेजे जा चुके हैं। अब शासन की मुहर लगने और बजट मिलने का इंतजार है। वहीं अन्य परियोजनाओं के लिए भी सर्वे चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी। इसमें 2024 तक सभी घरों में पाइप लाइन से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। अपने जिले में इस योजना पर 3600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया।
फिलहाल पहले चरण में जिले के 247 गांव में सर्वे करते हुए पाइप लाइन पेयजल योजना को सर्वे करते हुए 149 प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेज दिए गए थे, जिसमें 400 करोड़ रुपये की लागत आनी है। अब शुक्रवार को ही दस और प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजे गए हैं। अब तक 159 पाइप लाइन परियोजना के प्रोजेक्ट भेजे गए हैं। जिन पर करीब 430 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन की मुहर लगते ही ओवर हैड टैंक, पाइप लाइन, नलकूप का निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे और गांव में भी सर्वे चल रहा है। (संवाद)
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जिले में चल रही केवल 162 परियोजनाएं
अभी तक केवल जिले में 162 टंकी ही चल रही है। हालांकि दो निर्माणाधीन हैं। इनसे करीब 300 गांव को पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इक्का दुक्का टंकियों का निर्माण ही अभी तक सालभर में होता था लेकिन, जल जीवन मिशन के तहत एक ही साल में 159 परियोजनाओं के प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेज दिए गए हैं। बजट मिलते ही सभी पर एक साथ ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
1123 पंचायतों में फिल्ड टेस्ट किट भेजी
जिले की सभी पंचायतों में फिल्ड टेस्ट किट जल निगम ने भेजी है। इनके जरिये गांवों में लगे हैंड पंपों के पानी की शुद्धता की जांच की जाएगी। इसके आंकड़े सभी पंचायतें जलनिगम को उपलब्ध कराएंगी। जल निगम इस सर्वे से मिलने वाले आंकड़ों को जल जीवन मिशन ऐप पर अपलोड करेगा। जिन गांवों का पानी अशुद्ध मिलेगा, वहां के लिए सबसे पहले पेयजल योजना बनाई जाएगी।
वर्जन
पाइप लाइन पेयजल परियोजना के दस और प्रोजेक्ट तैयार कर शुक्रवार की शाम ही भेजे गए हैं, जबकि 149 पहले ही शासन को जा चुके हैं। करीब 430 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन से अनुमति मिलते ही निर्माण चालू हो जाएगा।
-भरत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम
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अचल चौधरी
बिजनौर। घर-घर पाइप लाइन से स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए दस और प्रोजेक्ट तैयार कर लिए गए हैं। अभी तक 159 प्रोजेक्ट शासन को भेजे जा चुके हैं। अब शासन की मुहर लगने और बजट मिलने का इंतजार है। वहीं अन्य परियोजनाओं के लिए भी सर्वे चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जल जीवन मिशन की शुरुआत की थी। इसमें 2024 तक सभी घरों में पाइप लाइन से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया था। अपने जिले में इस योजना पर 3600 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया।
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फिलहाल पहले चरण में जिले के 247 गांव में सर्वे करते हुए पाइप लाइन पेयजल योजना को सर्वे करते हुए 149 प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेज दिए गए थे, जिसमें 400 करोड़ रुपये की लागत आनी है। अब शुक्रवार को ही दस और प्रोजेक्ट बनाकर शासन को भेजे गए हैं। अब तक 159 पाइप लाइन परियोजना के प्रोजेक्ट भेजे गए हैं। जिन पर करीब 430 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन की मुहर लगते ही ओवर हैड टैंक, पाइप लाइन, नलकूप का निर्माण शुरु कर दिया जाएगा। इसके अलावा दूसरे और गांव में भी सर्वे चल रहा है। (संवाद)
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जिले में चल रही केवल 162 परियोजनाएं
अभी तक केवल जिले में 162 टंकी ही चल रही है। हालांकि दो निर्माणाधीन हैं। इनसे करीब 300 गांव को पाइप लाइन से पेयजल की आपूर्ति की जाती है। इक्का दुक्का टंकियों का निर्माण ही अभी तक सालभर में होता था लेकिन, जल जीवन मिशन के तहत एक ही साल में 159 परियोजनाओं के प्रोजेक्ट तैयार कर शासन को भेज दिए गए हैं। बजट मिलते ही सभी पर एक साथ ही काम शुरू कर दिया जाएगा।
1123 पंचायतों में फिल्ड टेस्ट किट भेजी
जिले की सभी पंचायतों में फिल्ड टेस्ट किट जल निगम ने भेजी है। इनके जरिये गांवों में लगे हैंड पंपों के पानी की शुद्धता की जांच की जाएगी। इसके आंकड़े सभी पंचायतें जलनिगम को उपलब्ध कराएंगी। जल निगम इस सर्वे से मिलने वाले आंकड़ों को जल जीवन मिशन ऐप पर अपलोड करेगा। जिन गांवों का पानी अशुद्ध मिलेगा, वहां के लिए सबसे पहले पेयजल योजना बनाई जाएगी।
वर्जन
पाइप लाइन पेयजल परियोजना के दस और प्रोजेक्ट तैयार कर शुक्रवार की शाम ही भेजे गए हैं, जबकि 149 पहले ही शासन को जा चुके हैं। करीब 430 करोड़ रुपये की लागत आएगी। शासन से अनुमति मिलते ही निर्माण चालू हो जाएगा।
-भरत सिंह, अधिशासी अभियंता जल निगम