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किसानों के बैनामा न कराने से बढ़ापुर- सारंगावाला बाढ़ नियंत्रण परियोजना अधर में लटकी, क्षेत्रवासियों में दहशत

Sun, 11 Jul 2021 11:36 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 11 Jul 2021 11:36 PM IST
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Sarangawala project in limbo due to farmers not getting Bainma
सतीश शर्मा
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धामपुर। कुछ किसानों द्वारा अपनी खेती की जमीन का बैनामा नहीं कराने से खो नदी के तट पर बनाई जाने वाली 70 लाख की सारंगावाला परियोजना अधर लटक गई है। इस परियोजना के तहत 300 मीटर लंबा बंधा बनना था। विभाग को उम्मीद थी कि बंदा बनवाने को संबंधित किसान अपनी खेती की जमीन का बैनामा करा देंगे लेकिन सात आठ किसानों ने अपनी जमीन का बैनामा नहीं कराया, जिससे काम को बीच में ही रोकने को विवश होना पड़ा। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि खो नदी में पहाड़ों पर अधिक बारिश होने के कारण भयंकर बाढ़ आई तो गांव का बच पाना मुश्किल होगा।
गौरतलब है कि अफजलगढ़ सिंचाई खंड धामपुर की ओर से बढ़ापुर विधान सभा क्षेत्र के गांव सारंगवाला को खो में आने वाली बाढ़ से बचाने को 70 लाख रुपये की परियोजना को तैयार कर सरकार को भेजा गया था। सरकार ने परियोजना को मंजूरी दे दी थी। 70 लाख में से 35 लाख रुपये सरकार की ओर से मार्च माह में ही आवंटित कर दिए गए थे, जिसके बाद विभाग ने काम चालू कर दिया था। 70 लाख रुपये की लागत से 300 मीटर लंबा बंधा बनाया जाना प्रस्तावित है। काफी काम हो चुका है। परंतु 7-8 किसानों ने बंधा बनाने के लिए विभाग को अपनी जमीन का बैनामा नहीं कराया। जमीन न मिलने से काम को बीच में ही रोकना पड़ा।
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एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि यदि खो नदी में भयंकर बाढ़ आ गई तो सारंगवाला गांव की खेती की जमीन और गांव को बचा पाना विभाग के लिए टेढ़ी खीर होगा। विभाग का प्रयास था कि परियोजनों को वर्षाकाल से शुरू होने से पहले पूरा कर लिया जाए। अब वर्षाकाल के खत्म होने के बाद काम को फिर से चालू कराने का प्रयास होगा। तब तक इन किसानों से उनकी जमीन का भी बैनामा करा लिया जाएगा। बताया गया कि इस गांव की आबादी करीब पांच हजार से ज्यादा की है।
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काम रुकने से क्षेत्रवासियों में दहशत
क्षेत्र के गांवों के दिनेश कुमार, गौरव, महिपाल सिंह, महावीर सिंह का कहना है कि यदि पहाड़ों पर अधिक वर्षा होने के कारण नदी में बाढ़ की स्थिति पैदा हो जाती है तो सारंगावाला सहित कई गांवों को भारी नुकसान पहुंचेगा। बाढ़ की आशंका को लेकर उनमें दहशत है। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर तुरंत रुके कार्य को चालू करवाने की मांग की है।
बंधा बनाने को कुछ किसानों ने जमीन नहीं दी
अफजलगढ़ सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता रामबाबू का कहना है कि विभाग ने तो काम को समय से चालू करा दिया था परंतु बंधा बनाने के लिए कुछ किसानों ने जमीन नहीं दी, जिसकी वजह से बंधा बनाने में दिक्कत आ रही है। वह भी चाहते हैं कि बंधे का काम समय से पूरा हो।

धामपुर विधान सभा क्षेत्र में 243 लाख की तीन परियोजनाएं पूर्ण
अधिशासी अभियंता रामबाबू का कहना है कि धामपुर विधानसभा क्षेत्र में खो नदी के तट पर बसे गांव नंदगांव में 56 लाख ,मुकरपुरी में 62 लाख और तिपरजोत गांव में 125 लाख रुपए की लागत से बाढ़ नियंत्रण कार्य पूरे कर दिए गए हैं। यहां बाढ़ से होने वाले नुकसान की आशंका जीरो हो गई है। नदी की धारा को बदलने के लिए कई क्यूनेट बनाए गए हैं।
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