UP: फर्जी जॉब कार्ड बनवाकर हड़पी मोटी रकम, ऐसे खुली रोजगार सेवक की पोल, जानें- पूरा मामला
Bijnor News : रोजगार सेवक ने फर्जी जॉब कार्ड बनवाकर मोटी रकम हड़प ली। रोजगार सेवक की ऐसे खुली पोल। जानिए पूरा मामला क्या है।
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मनरेगा में करीब पांच लाख का कथित घोटाला प्रकाश में आया है। रोजगार सेवक ने अपने पिता, मां, पत्नी, भाई ,भाभी समेत परिवार के एक दर्जन सदस्य को फर्जी जॉब कार्ड बनाकर पैसा हड़प लिया। अधिकारियों की तीन सदस्यीय जांच समिति ने कथित घोटाले में लिप्त ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, तकनीकी सहायक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की संस्तुति की है।
यह मामला बिजनौर के मौहम्मदपुर देवमल ब्लाक की ग्राम पंचायत वैशपुरमान उर्फ झलरी का है। जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा के अनुसार ग्रामीणों ने मनरेगा में धांधली की शिकायत की थी। जिस पर सीडीओ पूर्ण बोरा ने जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा, उपायुक्त श्रम रोजगार विजय कुमार यादव और डीआरडीए के सहायक अभियंता अनूपराय जैन की तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की थी।
डीडीओ के मुताबिक, जांच समिति ने पंचायत में जाकर जांच की। जांच के समय ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव, पंचायत सहायक, तकनीकी सहायक, रोजगार सेवक, शिकायतकर्ता समेत ग्रामीण उपस्थित थे। समिति ने मनरेगा कार्यों के अभिलेख का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूछताछ की।
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फर्जी जॉब कार्ड बनाकर किया घोटाला
जिला विकास अधिकारी एस कृष्णा की जांच रिपोर्ट के अनुसार आरोप है कि रोजगार सेवक हरिओम ने ग्राम प्रधानों, तकनीकी सहायक, अलग-अलग समय पंचायत में तैनात रहे पंचायत सचिवों से हमसाज होकर घोटाला किया है।
आरोप है कि रोजगार सेवक ने अपने परिवार के सदस्यों के फर्जी जॉब कार्ड नाम और पिता का नाम बदलकर बनवाए। इसके बाद सभी का बिना काम किए काम का करना दिखा दिया। साथ ही दर्जनों लोगों को फर्जी तरीके से मनरेगा में रोजगार दे दिया। इस प्रकार 2426 मानव दिवस का फर्जी रोजगार दिया गया है।
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वहीं जिला विकास अधिकारी के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मनरेगा का कुल घोटाला 4,93,367 रुपये का है। आरोपियों के खिलाफ पंचायत राज अधिनियम के तहत कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जांच आख्या सीडीओ को भेज दी है।