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नदी का तटबंध टूटा, गांव में पानी घुसने का खतरा
अमर उजाला/बिजनौर
Updated Tue, 07 Aug 2018 12:27 AM IST
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पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद अफजलगढ़ क्षेत्र में खेतों का कटान करती बनैली नदी।
- फोटो : अमर उजाला
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अफजलगढ़ में गांव आलमपुर गांवड़ी में गांव की सुरक्षा के लिए बना तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है। इससे बनैली नदी के तेज बहाव पानी के गांव में घुसने का खतरा सता रहा है। ग्रामीणों ने डीएम से जांच कर तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पानी आने से हाइवे पूरी तरह से ध्वस्त हो जाएगा।
गांव के उमेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, कृपाल सिंह, प्रीतम सिंह, लवकुश, अरुण कुमार ने बताया कि 2010 में बनैली नदी में आए तेज पानी से तटबंध टूट गया था। पानी गांव में घुस आया था और हाइवे पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था।
ग्रामीणों को मजबूरन पलायन करना पड़ा था। तब प्रशासन ने तटबंध पर स्टड बनवाए थे, लेकिन स्टड बीच तटबंध पर ही लगाकर छोड़ दिए थे। अब स्थिति यह है कि बनैली नदी में लगातार आठ दिन से पानी चल रहा है। तेज बहाव पानी ने गांव के दक्षिण दिशा में स्थित तटबंध को क्षति पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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तटबंध टूटने से ग्रामीणों को पानी के गांव में घुसने का खतरा सता रहा है। ग्रामीण रात भर जागकर बनैली नदी के पानी की स्थिति का पता लगा रहे है। तटबंध आधे से ज्यादा टूट चुका है। यदि गांव में पानी घुसा तो माननगर को खतरा हो जाएगा। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते पीली बांध जलाशय के गेट को भी फ्री कर दिया गया है। ग्रामीणों ने डीएम से जांच करा तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं, सिंचाई विभाग के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि जांच कराकर शीघ्र ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
गौसपुर की ओर बढ़ रही मालन नदी, गंगा भी पूरे उफान पर
नांगलसोती/मंडावर में गांव गौसपुर में मालन नदी किसानों के खेतों का कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों की सांसें अटकी हैं। वहीं, मंडावर क्षेत्र में गंगा ने रौद्र रुप धारण कर लिया है। नदी के तेज बहाव के कारण जमीन का कटान को रहा है। किसानों की सैंकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो चुकी है। नांगलसोती क्षेत्र के गांव गौसपुर में कई किसानों की खेतों की जमीन मालन नदी कटान से प्रभावित हो रही है। लगातार हो रही बारिश से नदी ने गांव की दिशा की ओर कटान शुरू कर दिया है। मालन नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने किसान दीवान सिंह, राम प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र, रवि का कटान किया है। गांव से मात्र 150-200 मीटर की दूर पर बह रही मालन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और गांव की दिशा की ओर तेजी से कटान ग्रामीणों को सताने लगा है। ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन से मालन नदी के प्रकोप से बचाने के लिए तटबंध बनवाने की मांग की, लेकिन बार-बार आश्वासन के बाद भी किसी ने भी समस्या का समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध बनवाने की मांग की है।
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गांव के उमेश कुमार, ऋषिपाल सिंह, कृपाल सिंह, प्रीतम सिंह, लवकुश, अरुण कुमार ने बताया कि 2010 में बनैली नदी में आए तेज पानी से तटबंध टूट गया था। पानी गांव में घुस आया था और हाइवे पूरी तरह से ध्वस्त हो गया था।
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ग्रामीणों को मजबूरन पलायन करना पड़ा था। तब प्रशासन ने तटबंध पर स्टड बनवाए थे, लेकिन स्टड बीच तटबंध पर ही लगाकर छोड़ दिए थे। अब स्थिति यह है कि बनैली नदी में लगातार आठ दिन से पानी चल रहा है। तेज बहाव पानी ने गांव के दक्षिण दिशा में स्थित तटबंध को क्षति पहुंचाना शुरू कर दिया है।
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तटबंध टूटने से ग्रामीणों को पानी के गांव में घुसने का खतरा सता रहा है। ग्रामीण रात भर जागकर बनैली नदी के पानी की स्थिति का पता लगा रहे है। तटबंध आधे से ज्यादा टूट चुका है। यदि गांव में पानी घुसा तो माननगर को खतरा हो जाएगा। पहाड़ों पर हो रही बारिश के चलते पीली बांध जलाशय के गेट को भी फ्री कर दिया गया है। ग्रामीणों ने डीएम से जांच करा तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। वहीं, सिंचाई विभाग के एक्सईएन रामबाबू का कहना है कि जांच कराकर शीघ्र ही ग्रामीणों की समस्या का समाधान कराया जाएगा।
गौसपुर की ओर बढ़ रही मालन नदी, गंगा भी पूरे उफान पर
नांगलसोती/मंडावर में गांव गौसपुर में मालन नदी किसानों के खेतों का कटान करते हुए गांव की ओर बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों की सांसें अटकी हैं। वहीं, मंडावर क्षेत्र में गंगा ने रौद्र रुप धारण कर लिया है। नदी के तेज बहाव के कारण जमीन का कटान को रहा है। किसानों की सैंकड़ों बीघा जमीन जलमग्न हो चुकी है। नांगलसोती क्षेत्र के गांव गौसपुर में कई किसानों की खेतों की जमीन मालन नदी कटान से प्रभावित हो रही है। लगातार हो रही बारिश से नदी ने गांव की दिशा की ओर कटान शुरू कर दिया है। मालन नदी के तेजी से बढ़ते जलस्तर ने किसान दीवान सिंह, राम प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, नरेंद्र, रवि का कटान किया है। गांव से मात्र 150-200 मीटर की दूर पर बह रही मालन नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और गांव की दिशा की ओर तेजी से कटान ग्रामीणों को सताने लगा है। ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन से मालन नदी के प्रकोप से बचाने के लिए तटबंध बनवाने की मांग की, लेकिन बार-बार आश्वासन के बाद भी किसी ने भी समस्या का समाधान नहीं किया। ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंध बनवाने की मांग की है।