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71 मिनट में दर्ज कर लिया राइफल लूट का केस
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बिजनौर : अफजलगढ़ में बदमाशों की पिटाई से घायल सिपाही ललित।
- फोटो : BIJNOR
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71 मिनट में दर्ज कर लिया राइफल लूट का केस
बिजनौर/अफजलगढ़। बदमाशों के सिपाही पर हमला कर राइफल लूटे जाने में पुलिस ने बेहद गंभीरता दिखाई, जिसे इसी से ही समझा जा सकता है कि इस मामले में मात्र 71 मिनट बाद ही केस दर्ज कर लिया गया। रात में 1:56 बजे घायल सिपाही की तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। अफजलगढ़ की ओर से धामपुर की तरफ बाइक पर जा रहे दो बदमाश सड़क पर मैली गिरने से आग बबूला हुए। ट्रक ड्राइवर से गाली गलौज कर झगड़ा करने लगे। इस दौरान रात में 12 बजकर 45 मिनट हुए थे। उन्होंने सिर्फ कुछ ही मिनट में तमंचा तानते हुए सिपाही और होमगार्ड पर हमला बोलकर राइफल लूट ली। रात में ही पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए एक बजकर 56 मिनट पर केस दर्ज कर लिया। पीड़ित सिपाही ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने सिपाही की तहरीर पर दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
उत्तराखंड और पड़ोसी जनपदों मेें भी अलर्ट
बिजनौर। सिपाही को घायल कर राइफल लूट लिए जाने के बाद रात में ही पुलिस ने जिले के सभी बॉर्डर घेर लिए थे। नाकेबंदी कर रात में ही चेकिंग की गई। उत्तराखंड समेत पड़ोसी जनपदों के थानों को संदेश जारी करते हुए अलर्ट किया गया। बुधवार को पूरा दिन बॉर्डर से लेकर जिले के अंदर सभी सड़कों पर पुलिस की मुस्तैदी रही। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई।
मंगलवार की रात वारदात के तुरंत बाद सभी थानों को वायरलेस पर संदेश जारी कर दिया गया। जिसके बाद ही जिले के सभी शहरों और गांव देहात की सड़कों पर पुलिस की मूवमेंट बढ़ गई। वहीं, चार टीमों ने घटनास्थल के आसपास डेरा डाल लिया। स्वाट और सर्विलांस समेत अन्य टीमें भी बदमाशों की तलाश में जुटी रहीं। रात में कांबिंग की गई। उत्तराखंड के सभी बॉर्डर सील करते हुए संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई। मुरादाबाद, अमरोहा, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और मेरठ के बॉर्डर पर भी पुलिस की गतिविधियों बढ़ गईं। पड़ोसी जनपदों के सीमावर्ती थानों को अलर्ट करते हुए बदमाशों को पकड़वाने में सहयोग मांगा गया।
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घायल होकर भी लड़ता रहा सिपाही
बिजनौर। बदमाशों ने तमंचा ताना तो सिपाही बदमाशों से भीड़ गया, पहले तमंचा छीनने का प्रयास किया, लेकिन एक बदमाश ने सिपाही के सिर में तमंचे की बट मार दी। सिपाही लड़खड़ाया और संभलकर फिर भीड़ गया। अबकी बार बदमाश ने राइफल छीन लेनी चाही, राइफल को बचाने के लिए सिपाही खूब जूझा। तभी दूसरे बदमाश ने सिर में तमंचे की बट मार दी। जिस पर सिपाही के हाथ से राइफल छूट गई, हालांकि सिपाही ने फिर उठकर लड़ना चाहा। जिस पर दूसरे बदमाश ने फिर राइफल की बट से तेज प्रहार कर दिया। जिसके बाद सिपाही से उठा नहीं गया। वायरल वीडियो में यह क्राइम सीन साफ हो रहा है। करीब 45 सेकेंड का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दो बदमाशों से अंडर ट्रेनी सिपाही ललित कुमार लड़ रहा है। होमगार्ड भी बगल में खड़ा होकर बदमाशों पर अपनी राइफल से हमला करना चाहता था, लेकिन बदमाशों ने होमगार्ड को भी तमंचे की बट से मारा। होमगार्ड भीम सिंह ने बताया कि दोनों बदमाशों के हाथ मेें तमंचे थे। जिन्होंने संभलने का मौका ही नहीं दिया। पहले बदमाशों ने गोली मारने की धमकी दी। जिस पर सिपाही ललित ने तमंचा छीन लेने का प्रयास किया था। फिर भी वह और ललित बदमाशों से भीड़ गए। घटना में ललित के सर में चोट आई और वह गिर गया। होमगार्ड ने बताया कि उसके भी हाथ में चोट आई, जिससे वह भी मजबूर हो गया।
राइफल वाली पुलिस पर भारी पड़े तमंचे वाले बदमाश
बिजनौर। अफजलगढ़ में राइफल वाले पुलिसकर्मियों पर तमंचे वाले बदमाश भारी पड़ गए। जिस वक्त बदमाशों से सिपाही और होमगार्ड भिड़ रहे थे, उस वक्त दस से अधिक लोग मौके पर मौजूद थे, लेकिन बीच में कोई नहीं आया। सभी तमाशबीन बने रहे। अगर सभी घेराबंदी भी कर लेते तो बदमाशों को पकड़ लिया जाता। ट्रैफिक भी हाईवे से गुजरता रहा। लोगों ने वाहनों को धीमा किया और देखकर आगे निकलते रहे। आखिरकार बदमाश भाग निकले।
बदमाश ट्रक चालक और क्लीनर से झगड़ा कर रहे थे। मौके पर जेसीबी भी मौजूद थी। जिसके चालक ने वीडियो बनाई। पुलिस के सूत्रों की मानें तो वारदात के दौरान मौके पर दस से अधिक लोग थे, लेकिन किसी ने भी सिपाही को बचाने का प्रयास नहीं किया। शायद बदमाशों के हाथों में तमंचा देख डर गए होंगे।
सिपाही को मिली है पहली तैनाती
देवबंद के रहने वाले सिपाही ललित कुमार को अफजलगढ़ थाने में अपनी सेवा की पहली तैनाती मिली है। 2019 बैच के सिपाही ने बिजनौर पुलिस लाइन से आधारभूत प्रशिक्षण मई में ही पूरा किया है। यह प्रशिक्षण करने के बाद उसे परिवीक्षाधीन के तौर पर अफजलगढ़ थाने भेजा गया था। जहां व्यवहारिक प्रशिक्षण पूरा हो सके। छह महीने का यह व्यवहारिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसे जनवरी में पुलिस लाइन में ही आना था।
एक महीना पहले ही दिया गया इंसास का प्रशिक्षण
बिजनौर। साल 2007 में इंसास राइफल जिले की पुलिस को मिली थी। तभी से पुलिस को लगातार प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। एक महीना पहले भी 200 पुलिसकर्मियों को इंसास राइफल की रोक रुकावट दूर करने और चलाने की ट्रेनिंग दी गई। हालांकि इंसास का प्रशिक्षण अभी तक होमगार्ड को नहीं दिया गया है।
प्रतिसार निरीक्षक शिव बालक वर्मा ने बताया कि साल 2007 में पुलिस को इंसास राइफल मिली थी। अब सभी थानों में पुलिसकर्मियों के पास इंसास राइफल है। समय-समय पर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। एक महीना पहले भी चार दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स कराया गया था। जिसमें इंसास राइफल चलाने, रोक रुकावट दूर करने और रख रखाव की सीख दी गई थी। हालांकि जिस सिपाही के साथ लूट हुई है, वह ट्रेनी है और ठीक तरीके से इंसास चलाना नहीं जानता है।
होमगार्ड के पास थी एसएलआर बोल्ट एक्शन
सिपाही ललित के साथ जो होमगार्ड था, वह एसएलआर बोल्ट एक्शन राइफल थामे हुए था। जिसे वह चलाना जानता था, लेकिन मौके पर फायरिंग नहीं की। हालांकि होमगार्ड को एसएलआर और थ्री नॉट थ्री चलाने का प्रशिक्षण हर दो साल के अंतराल पर दिया जाता है। जबकि इंसास राइफल चलाना होमगार्ड नहीं जानते हैं, न ही उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। होमगार्ड इंसास राइफल के प्रशिक्षण की मांग उठाते रहते हैं।
पेट्रोल पंप से लूट की भी चर्चा
दिनभर चर्चा चलती रही कि राइफल लूटकर ले जाने वाले बदमाश एक पेट्रोल पंप से लूट करने के बाद भाग रहे थे। पेट्रोल पंप से तीस हजार रुपये की नगदी लूटने और वारदात सीसीटीवी में कैद होने की चर्चा थी। हालांकि अफजलगढ़ के दोनों पेट्रोल पंप स्वामियों ने लूट होने से इनकार कर दिया। पुलिस ने भी पेट्रोल पंप पहुंचकर जानकारी ली थी।
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बिजनौर/अफजलगढ़। बदमाशों के सिपाही पर हमला कर राइफल लूटे जाने में पुलिस ने बेहद गंभीरता दिखाई, जिसे इसी से ही समझा जा सकता है कि इस मामले में मात्र 71 मिनट बाद ही केस दर्ज कर लिया गया। रात में 1:56 बजे घायल सिपाही की तहरीर पर दो अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। अफजलगढ़ की ओर से धामपुर की तरफ बाइक पर जा रहे दो बदमाश सड़क पर मैली गिरने से आग बबूला हुए। ट्रक ड्राइवर से गाली गलौज कर झगड़ा करने लगे। इस दौरान रात में 12 बजकर 45 मिनट हुए थे। उन्होंने सिर्फ कुछ ही मिनट में तमंचा तानते हुए सिपाही और होमगार्ड पर हमला बोलकर राइफल लूट ली। रात में ही पुलिस ने गंभीरता दिखाते हुए एक बजकर 56 मिनट पर केस दर्ज कर लिया। पीड़ित सिपाही ने थाने में तहरीर देकर रिपोर्ट दर्ज कराई है। कोतवाल मनोज कुमार सिंह ने सिपाही की तहरीर पर दो लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किए जाने की पुष्टि की है।
उत्तराखंड और पड़ोसी जनपदों मेें भी अलर्ट
बिजनौर। सिपाही को घायल कर राइफल लूट लिए जाने के बाद रात में ही पुलिस ने जिले के सभी बॉर्डर घेर लिए थे। नाकेबंदी कर रात में ही चेकिंग की गई। उत्तराखंड समेत पड़ोसी जनपदों के थानों को संदेश जारी करते हुए अलर्ट किया गया। बुधवार को पूरा दिन बॉर्डर से लेकर जिले के अंदर सभी सड़कों पर पुलिस की मुस्तैदी रही। संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई।
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मंगलवार की रात वारदात के तुरंत बाद सभी थानों को वायरलेस पर संदेश जारी कर दिया गया। जिसके बाद ही जिले के सभी शहरों और गांव देहात की सड़कों पर पुलिस की मूवमेंट बढ़ गई। वहीं, चार टीमों ने घटनास्थल के आसपास डेरा डाल लिया। स्वाट और सर्विलांस समेत अन्य टीमें भी बदमाशों की तलाश में जुटी रहीं। रात में कांबिंग की गई। उत्तराखंड के सभी बॉर्डर सील करते हुए संदिग्ध वाहनों की तलाशी ली गई। मुरादाबाद, अमरोहा, हरिद्वार, मुजफ्फरनगर और मेरठ के बॉर्डर पर भी पुलिस की गतिविधियों बढ़ गईं। पड़ोसी जनपदों के सीमावर्ती थानों को अलर्ट करते हुए बदमाशों को पकड़वाने में सहयोग मांगा गया।
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घायल होकर भी लड़ता रहा सिपाही
बिजनौर। बदमाशों ने तमंचा ताना तो सिपाही बदमाशों से भीड़ गया, पहले तमंचा छीनने का प्रयास किया, लेकिन एक बदमाश ने सिपाही के सिर में तमंचे की बट मार दी। सिपाही लड़खड़ाया और संभलकर फिर भीड़ गया। अबकी बार बदमाश ने राइफल छीन लेनी चाही, राइफल को बचाने के लिए सिपाही खूब जूझा। तभी दूसरे बदमाश ने सिर में तमंचे की बट मार दी। जिस पर सिपाही के हाथ से राइफल छूट गई, हालांकि सिपाही ने फिर उठकर लड़ना चाहा। जिस पर दूसरे बदमाश ने फिर राइफल की बट से तेज प्रहार कर दिया। जिसके बाद सिपाही से उठा नहीं गया। वायरल वीडियो में यह क्राइम सीन साफ हो रहा है। करीब 45 सेकेंड का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें दो बदमाशों से अंडर ट्रेनी सिपाही ललित कुमार लड़ रहा है। होमगार्ड भी बगल में खड़ा होकर बदमाशों पर अपनी राइफल से हमला करना चाहता था, लेकिन बदमाशों ने होमगार्ड को भी तमंचे की बट से मारा। होमगार्ड भीम सिंह ने बताया कि दोनों बदमाशों के हाथ मेें तमंचे थे। जिन्होंने संभलने का मौका ही नहीं दिया। पहले बदमाशों ने गोली मारने की धमकी दी। जिस पर सिपाही ललित ने तमंचा छीन लेने का प्रयास किया था। फिर भी वह और ललित बदमाशों से भीड़ गए। घटना में ललित के सर में चोट आई और वह गिर गया। होमगार्ड ने बताया कि उसके भी हाथ में चोट आई, जिससे वह भी मजबूर हो गया।
राइफल वाली पुलिस पर भारी पड़े तमंचे वाले बदमाश
बिजनौर। अफजलगढ़ में राइफल वाले पुलिसकर्मियों पर तमंचे वाले बदमाश भारी पड़ गए। जिस वक्त बदमाशों से सिपाही और होमगार्ड भिड़ रहे थे, उस वक्त दस से अधिक लोग मौके पर मौजूद थे, लेकिन बीच में कोई नहीं आया। सभी तमाशबीन बने रहे। अगर सभी घेराबंदी भी कर लेते तो बदमाशों को पकड़ लिया जाता। ट्रैफिक भी हाईवे से गुजरता रहा। लोगों ने वाहनों को धीमा किया और देखकर आगे निकलते रहे। आखिरकार बदमाश भाग निकले।
बदमाश ट्रक चालक और क्लीनर से झगड़ा कर रहे थे। मौके पर जेसीबी भी मौजूद थी। जिसके चालक ने वीडियो बनाई। पुलिस के सूत्रों की मानें तो वारदात के दौरान मौके पर दस से अधिक लोग थे, लेकिन किसी ने भी सिपाही को बचाने का प्रयास नहीं किया। शायद बदमाशों के हाथों में तमंचा देख डर गए होंगे।
सिपाही को मिली है पहली तैनाती
देवबंद के रहने वाले सिपाही ललित कुमार को अफजलगढ़ थाने में अपनी सेवा की पहली तैनाती मिली है। 2019 बैच के सिपाही ने बिजनौर पुलिस लाइन से आधारभूत प्रशिक्षण मई में ही पूरा किया है। यह प्रशिक्षण करने के बाद उसे परिवीक्षाधीन के तौर पर अफजलगढ़ थाने भेजा गया था। जहां व्यवहारिक प्रशिक्षण पूरा हो सके। छह महीने का यह व्यवहारिक प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उसे जनवरी में पुलिस लाइन में ही आना था।
एक महीना पहले ही दिया गया इंसास का प्रशिक्षण
बिजनौर। साल 2007 में इंसास राइफल जिले की पुलिस को मिली थी। तभी से पुलिस को लगातार प्रशिक्षण दिया जाता रहा है। एक महीना पहले भी 200 पुलिसकर्मियों को इंसास राइफल की रोक रुकावट दूर करने और चलाने की ट्रेनिंग दी गई। हालांकि इंसास का प्रशिक्षण अभी तक होमगार्ड को नहीं दिया गया है।
प्रतिसार निरीक्षक शिव बालक वर्मा ने बताया कि साल 2007 में पुलिस को इंसास राइफल मिली थी। अब सभी थानों में पुलिसकर्मियों के पास इंसास राइफल है। समय-समय पर पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाता है। एक महीना पहले भी चार दिवसीय रिफ्रेशर कोर्स कराया गया था। जिसमें इंसास राइफल चलाने, रोक रुकावट दूर करने और रख रखाव की सीख दी गई थी। हालांकि जिस सिपाही के साथ लूट हुई है, वह ट्रेनी है और ठीक तरीके से इंसास चलाना नहीं जानता है।
होमगार्ड के पास थी एसएलआर बोल्ट एक्शन
सिपाही ललित के साथ जो होमगार्ड था, वह एसएलआर बोल्ट एक्शन राइफल थामे हुए था। जिसे वह चलाना जानता था, लेकिन मौके पर फायरिंग नहीं की। हालांकि होमगार्ड को एसएलआर और थ्री नॉट थ्री चलाने का प्रशिक्षण हर दो साल के अंतराल पर दिया जाता है। जबकि इंसास राइफल चलाना होमगार्ड नहीं जानते हैं, न ही उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है। होमगार्ड इंसास राइफल के प्रशिक्षण की मांग उठाते रहते हैं।
पेट्रोल पंप से लूट की भी चर्चा
दिनभर चर्चा चलती रही कि राइफल लूटकर ले जाने वाले बदमाश एक पेट्रोल पंप से लूट करने के बाद भाग रहे थे। पेट्रोल पंप से तीस हजार रुपये की नगदी लूटने और वारदात सीसीटीवी में कैद होने की चर्चा थी। हालांकि अफजलगढ़ के दोनों पेट्रोल पंप स्वामियों ने लूट होने से इनकार कर दिया। पुलिस ने भी पेट्रोल पंप पहुंचकर जानकारी ली थी।