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नहीं हो रहे श्रमिकों के पंजीकरण
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नहीं हो रहे श्रमिकों के पंजीकरण
धामपुर। धामपुर का श्रम विभाग का कार्यालय रामभरोसे चल रहा है। जिसके कारण श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि कार्यालय के खुलने और बंद होने का कोई निर्धारित समय नहीं है। जबकि कार्यालय में श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए 10 बजे से लोगों का आना शुरू हो जाता है।
श्रमिक गंगाराम, सचिन कुमार, दिनेश कुमार, यशपाल सिंह, मुखराम सिंह, गजेंद्र सिंह का कहना है कि कार्यालय का बाबू कई दिन से बीमार होने से अवकाश पर हैं। कार्यालय में दो संविदा बाबू हैं। लेकिन इनके कार्यालय आने का कोई सही समय नहीं है। सरकार की ओर से यहां अरविंद कुमार श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर कार्यरत है। पर यह भी कभी कभार आते हैं। बताया गया कि इनके पास नजीबाबाद और नगीना तहसील का भी चार्ज है। सरकार की ओर से श्रमिकों को कोरोनकाल में लाभ दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं को संचालित किया गया है। श्रमिकों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार की छबि खराब करने का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार को भी कार्यालय के बाहर पंजीकरण कराने को आए श्रमिकों को कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यालय में न मिलने के कारण लौटना पड़ा। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वे मामले की जांच कर कार्रवाई करें। यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं का समय से निदान करें।
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धामपुर। धामपुर का श्रम विभाग का कार्यालय रामभरोसे चल रहा है। जिसके कारण श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। श्रमिकों का कहना है कि कार्यालय के खुलने और बंद होने का कोई निर्धारित समय नहीं है। जबकि कार्यालय में श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए 10 बजे से लोगों का आना शुरू हो जाता है।
श्रमिक गंगाराम, सचिन कुमार, दिनेश कुमार, यशपाल सिंह, मुखराम सिंह, गजेंद्र सिंह का कहना है कि कार्यालय का बाबू कई दिन से बीमार होने से अवकाश पर हैं। कार्यालय में दो संविदा बाबू हैं। लेकिन इनके कार्यालय आने का कोई सही समय नहीं है। सरकार की ओर से यहां अरविंद कुमार श्रम प्रवर्तन अधिकारी के पद पर कार्यरत है। पर यह भी कभी कभार आते हैं। बताया गया कि इनके पास नजीबाबाद और नगीना तहसील का भी चार्ज है। सरकार की ओर से श्रमिकों को कोरोनकाल में लाभ दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं को संचालित किया गया है। श्रमिकों ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सरकार की छबि खराब करने का आरोप लगाया। बृहस्पतिवार को भी कार्यालय के बाहर पंजीकरण कराने को आए श्रमिकों को कर्मचारियों और अधिकारियों के कार्यालय में न मिलने के कारण लौटना पड़ा। वहीं, एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि वे मामले की जांच कर कार्रवाई करें। यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे जनता की समस्याओं का समय से निदान करें।
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