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बारिश से और घटी रिकवरी गन्ने की रिकवरी
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बारिश से और घटी रिकवरी गन्ने की रिकवरी
बिजनौर। बारिश ने गन्ने से रिकवरी को और घटा दिया है। मिलों के परीक्षण में रिकवरी एक प्रतिशत और घट गई है। इससे मिलों के एक सप्ताह में चलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। रिकवरी कम होने पर कोई भी मिल मालिक नुकसान में फैक्टरी का संचालन नहीं करेगा।
इस बार बरसात देर से शुरू हुई और देर तक ही चली। सितंबर तक बारिश होती रही। बरसात देर तक होने से गन्ने की फसल पूरी तरह पक नहीं पाती है। खेतों में ज्यादा समय तक नमी रहने से गन्ने में भी पानी ज्यादा होता है। गन्ने में मिलने वाले सुक्रोज से ही चीनी बनती है। नमी रहने पर पौधा अपना पूरा खाना नहीं बना पाता है और खुद के अंदर मौजूद सुक्रोज को खुराक बनाकर खाने लगता है। इससे रिकवरी घटती है। आमतौर पर एक क्विंटल गन्ने में 11 से 13 किलो तक चीनी बनती है। मिलों द्वारा पिछले सप्ताह किए गए परीक्षण में एक क्विंटल गन्ने से करीब नौ प्रतिशत तक की रिकवरी निकली थी। बारिश के बाद से रिकवरी और घट गई है।
बिलाई और बिजनौर चीनी मिल द्वारा कराए गए परीक्षण में रिकवरी आठ प्रतिशत से भी कम आ रही है। रिकवरी कम होने से मिल अफसर भी परेशान हो गए हैं। मिल अफसरों की मानें तो रिकवरी ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार बारिश ने रिकवरी को और घटा दिया है। किसान भी खेतों में पानी भरने से परेशान हो गए हैं। रिकवरी और खेतों की स्थिति को देखते हुए ही मिल का संचालन किया जाएगा।
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बिजनौर। बारिश ने गन्ने से रिकवरी को और घटा दिया है। मिलों के परीक्षण में रिकवरी एक प्रतिशत और घट गई है। इससे मिलों के एक सप्ताह में चलने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है। रिकवरी कम होने पर कोई भी मिल मालिक नुकसान में फैक्टरी का संचालन नहीं करेगा।
इस बार बरसात देर से शुरू हुई और देर तक ही चली। सितंबर तक बारिश होती रही। बरसात देर तक होने से गन्ने की फसल पूरी तरह पक नहीं पाती है। खेतों में ज्यादा समय तक नमी रहने से गन्ने में भी पानी ज्यादा होता है। गन्ने में मिलने वाले सुक्रोज से ही चीनी बनती है। नमी रहने पर पौधा अपना पूरा खाना नहीं बना पाता है और खुद के अंदर मौजूद सुक्रोज को खुराक बनाकर खाने लगता है। इससे रिकवरी घटती है। आमतौर पर एक क्विंटल गन्ने में 11 से 13 किलो तक चीनी बनती है। मिलों द्वारा पिछले सप्ताह किए गए परीक्षण में एक क्विंटल गन्ने से करीब नौ प्रतिशत तक की रिकवरी निकली थी। बारिश के बाद से रिकवरी और घट गई है।
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बिलाई और बिजनौर चीनी मिल द्वारा कराए गए परीक्षण में रिकवरी आठ प्रतिशत से भी कम आ रही है। रिकवरी कम होने से मिल अफसर भी परेशान हो गए हैं। मिल अफसरों की मानें तो रिकवरी ठीक होने में कम से कम एक सप्ताह का समय लगेगा। बिजनौर चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक राहुल चौधरी के अनुसार बारिश ने रिकवरी को और घटा दिया है। किसान भी खेतों में पानी भरने से परेशान हो गए हैं। रिकवरी और खेतों की स्थिति को देखते हुए ही मिल का संचालन किया जाएगा।
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