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Bijnor News: बिजनौर में कयाकिंग कैनोइंग खेल प्रशिक्षण केंद्र बनाने की तैयारी
Fri, 14 Apr 2023 11:28 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 14 Apr 2023 11:28 PM IST
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बैराज
बैराज पर कल होने वाला ट्रायल सफल रहा तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश का पहला केंद्र होगा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब बिजनौर बैराज पर कयाकिंग कैनोइंग खेल प्रशिक्षण केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए रविवार 16 मार्च को बैराज ट्रायल होगा। ट्रायल सफल रहा तो प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी और यह पश्चिम उत्तर प्रदेश का पहला प्रशिक्षण केंद्र होगा।
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा और जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह के बीच इस को लेकर बैठक हो गई है। ट्रायल के लिए रुड़की से नाव मंगाई जा रही है, जो शनिवार शाम तकबिजनौर पहुंच जाएगी। इसमें 10 साल से ऊपर के खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकते हैं। खिलाड़ियों को तैराकी आना अनिवार्य है। जिनकों तैराकी नहीं आती है, वह स्टेडियम के तरणताल में तैराकी सीख सकता है। जिले में पीली डैम पर भी इस तरह की प्रतियोगिता कराने के लिए कयाकिंग कैनोइंग संघ की टीम सर्वे कर चुकी है। जिला क्रीडा अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि यह पानी में खेले जाने वाले खेल हैं। कैनोइंग में नाव को पैडल से चलाते हैं और क्याकिंग में ब्लेड होते हैं। पैडलर ब्लेडेड पैडल का उपयोग करता है।
तीन किलोमीटर में ट्रायल
ट्रायल में पानी की गहराई दो मीटर होगी, जबकि लंबाई तीन किलोमीटर रखी गई है। ट्रायल अलग-अलग वर्ग में होंगे। 200 मीटर रेस, 500 मीटर रेस, 1000 मीटर रेस और पांच किलोमीटर रेस वर्ग में होगा। इन वर्गों में एक खिलाड़ी, दो खिलाड़ी या फिर एक साथ चार खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। अब बिजनौर बैराज पर कयाकिंग कैनोइंग खेल प्रशिक्षण केंद्र बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए रविवार 16 मार्च को बैराज ट्रायल होगा। ट्रायल सफल रहा तो प्रशिक्षण केंद्र बनाए जाने के लिए हरी झंडी मिल जाएगी और यह पश्चिम उत्तर प्रदेश का पहला प्रशिक्षण केंद्र होगा।
मुख्य विकास अधिकारी पूर्ण बोरा और जिला क्रीड़ा अधिकारी जयवीर सिंह के बीच इस को लेकर बैठक हो गई है। ट्रायल के लिए रुड़की से नाव मंगाई जा रही है, जो शनिवार शाम तकबिजनौर पहुंच जाएगी। इसमें 10 साल से ऊपर के खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकते हैं। खिलाड़ियों को तैराकी आना अनिवार्य है। जिनकों तैराकी नहीं आती है, वह स्टेडियम के तरणताल में तैराकी सीख सकता है। जिले में पीली डैम पर भी इस तरह की प्रतियोगिता कराने के लिए कयाकिंग कैनोइंग संघ की टीम सर्वे कर चुकी है। जिला क्रीडा अधिकारी जयवीर सिंह ने बताया कि यह पानी में खेले जाने वाले खेल हैं। कैनोइंग में नाव को पैडल से चलाते हैं और क्याकिंग में ब्लेड होते हैं। पैडलर ब्लेडेड पैडल का उपयोग करता है।
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तीन किलोमीटर में ट्रायल
ट्रायल में पानी की गहराई दो मीटर होगी, जबकि लंबाई तीन किलोमीटर रखी गई है। ट्रायल अलग-अलग वर्ग में होंगे। 200 मीटर रेस, 500 मीटर रेस, 1000 मीटर रेस और पांच किलोमीटर रेस वर्ग में होगा। इन वर्गों में एक खिलाड़ी, दो खिलाड़ी या फिर एक साथ चार खिलाड़ी प्रतिभाग कर सकते हैं।
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